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Thursday, March 19, 2020

3/19/2020 08:53:00 AM

संवैधानिक अधिकारों से वंचित खैरूआ जनजाति- बहुजन शोषित समाज संघर्ष संगठन BS4 के राष्ट्रीय अध्यक्ष टीकम शाक्य ।


तहसील क्षेत्र के खेरवा समाज के लोगों ने बुधवार को उपखण्ड कार्यालय पर पहुंचकर नारेबाजी कर अनुसूचित जन जाति में शामिल करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। 

प्रदर्शनकारियों का कहना था कि बारां जिले के अंतर्गत खेरवा, कथोडी, काठोडिया आदिवासी जनजाति जंगलों में रहकर अपना जीवन यापन करते हैं। जिसका मुख्य व्यवसाय खेर के वृक्षों से कत्था तैयार करना है। इस जनजाति के लोग बारां जिले सहित दक्षिण पश्चिम राजस्थान में निवास करते हैं जिन्हें कथोड़ी, खेरवा और काठोडिया जाता है। 

मध्य प्रदेश में इस आदिवासी जनजाति के लोगों को खेरवार कहा जाता है। जिनके जाति प्रमाण पत्र भारतीय संविधान अनुसूचित जनजाति आदेश 1950 और अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आदेश संशोधन अधिनियम 1976 के तहत संविधान के अनुच्छेद 342 के अधीन मध्यप्रदेश राज्य के लिए सशस्त्र अनुसूचित जनजाति की सूची में अनुक्रमांक 22 पर अंकित की गई है। जिसके तहत अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र जारी किया गया है। हमारी जनजाति के परिवार बारां जिले की किशनगंज तहसील में 1726 और शाहबाद तहसील में 42 परिवार कुल 1768 परिवार निवास कर रहे हैं ।

जिनका मध्य प्रदेश शासन के कथित खेरवार, कथोड़ी, काठोडीया जाता के लोगों में रोटी बेटी का व्यवहार, शादी विवाह होते आ रहे हैं। खैरवा जाति के लोगों ने बताया कि आदिम गुण, विशिष्ट संस्कृति व भौगोलिक अलगाव की वजह से यह आदिवासी जनजाति आर्थिक और सामाजिक बदहाली का शिकार हो रही है। और अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्रदान नहीं होने की स्थिति में इस जनजाति समुदाय को राजनीतिक प्रतिनिधित्व के रूप में, स्कूलों में आरक्षित सीटों के रूप में और सरकारी नौकरियों के रूप में वांछित लाभ प्राप्त नहीं हो रहे हैं ।खेरवा जाति के लोगो का भारतीय संविधान में प्रदत्त जनजाति के अधिकारों का हनन हो रहा है।

भारत सरकार वर्तमान में एक देश एक संविधान के नारे के साथ चल रही है। जब कॉन्स्ट एक है तो एक ट्राइब के लिए देश के राज्यों में अलग-अलग नियम क्यों लागू होने चाहिए। ज्ञापन देने आए लोगों ने कहा कि खेरवा समाज को संविधान में अनुसूचित जनजाति का दर्जा प्रदान किया जाना चाहिए। इसलिए समुदाय के अधिकारों का संरक्षण संभव हैज्ञापन देने आए लोगों ने ज्ञापन में चेतावनी देते हुए कहा कि मूल्यांकन के बारां जिले में निवास करने वाली कथित खेरवा कथोड़ी व काठोड़ी आदिवासी जनजाति के लोगों को अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतर कर अपमानित किया जाएगा।

बारां जिले के किशनगंज उपखंड कार्यालय पर प्रदर्शन कर खेरवा समाज के लोगों के साथ बहुजन शोषित समाज संघर्ष संगठन बीएस 4 के राष्ट्रीय अध्यक्ष टीकम शाक्य के नेतृत्व में राष्ट्रपति के नाम उपखंड अधिकारी को सौंपा गया। इस मोके पर बीएस 4 के संदीप निमेश, कमल बेरवा सहित समाज के लोग उपस्थित रहे।

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