खैरात शब्द पर मंत्री बामनिया नाराज हुए और इस शब्द पर एतराज जताया
Minister Bamnia was angered at the word bailout and objected to the word, while talking about constitutional rights-TIKAM SHAKYA
जनसुनवाई के दौरान कई महिलाओं ने नरेगा में मजदूरी कब मिलने की शिकायत की
आज राजस्थान के बारां जिले के किशनगंज उपखण्ड के गांव फल्दी में जनजाति क्षेत्रीय विकास राज्य मंत्री अर्जुन सिंह बामनिया ग्राम पंचायत मुख्यालय पर जनसुनवाई की।
इस जनसुनवाई में प्रशासन के विधानसभा लेवल के पुलिस व प्रसासनिक अधिकारी व साथ में बारां के विधायक पानाचंद मेघवाल एवं किशनगंज शाहबाद से विधायक निर्मला सहरिया आदि भी मौजूद रहे।
जनसुनवाई के दौरान कई महिलाओं ने नरेगा में मजदूरी कब मिलने की शिकायत की जिस पर मंत्री महोदय ने विकास अधिकारी प्रहलाद राम डूडी को डायरेक्शन दिया कि आज के बाद ₹200 की मजदूरी दी जाए जो कि केंद्र से निर्धारित है।
जनजाति विकास मंत्री से द वॉइस ऑफ जस्टिस ने सवाल किया कि बारां जिले में खेरवा जनजाति समुदाय का भी निवास है ओर बडी संख्या में निवास करता है।
खैरूआ जनजाति के लोग अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित
खैरूआ जनजाति के लोग अपने संवैधानिक अधिकारों से वंचित हो रहे हैं इनको संवैधानिक अधिकार नहीं दिये जा रहे है। और सरकार के द्वारा जो घी दाल तेल गेहूं मुफ्त में दिया जाता है यह खैरात कब तक दी जाएगी!
जबकि की बात संवैधानिक अधिकारों की है। इस खैरात शब्द पर मंत्री बामनिया नाराज हुए और इस शब्द पर एतराज जताया देखिए पूरी रिपोर्ट टीकम शाक्य के साथ
Minister Bamnia was angry at the word of bail and objected to this word
During the public hearing many women complained about when to get wages in NREGA
Today, in the village Paldi of Kishanganj subdivision of Baran district of Rajasthan, the Minister of State for Tribal Regional Development, Arjun Singh Bamania, held public hearing at the Gram Panchayat headquarters.
In this public hearing, police and administrative officers of the assembly level of the administration, along with Baran MLA Panachand Meghwal and Nirmala Sahariya, MLA from Kishanganj Shahabad, were also present.
During the public hearing, several women complained about the wages in NREGA, on which the Minister directed the Development Officer Prahlad Ram Doody to give wages of ₹ 200 from now onwards, which is fixed from the Center.
Tribal Development Minister was questioned by The Voice of Justice that Kherwa tribe community is also inhabited in Baran district and resides in large numbers.
People of Khairua tribe deprived of their constitutional rights
The people of Khairua tribe are being deprived of their constitutional rights, they are not being given constitutional rights. And by the time the ghee dal oil wheat is given by the government for free, this bailout will be given!
Whereas it is about constitutional rights. Minister Bamnia was angered by this bailout and objected to this word. See full report with Tikam Shakya
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