Hand-Picked/Weekly News

Travel
Thursday, March 25, 2021

3/25/2021 10:28:00 AM

"माया, ममता और जय ललिता  -

किंगमेकर से सत्ता तक का सफर !








 भारतीय राजनीति में पूर्ण बहुमत की सरकारों का दौर  समाप्त हुआ और गठबंधन सरकारों का दौर  शुरू हुआ ! कॉन्ग्रेस वामदल और जनसंघ जेसी राष्ट्रीय पार्टियों में विघटन शुरू हुआ, और देश में नई नई राजनीतिक पार्टियों का उदय हुआ,  गठबंधन के दौर में अनेक राजनीतिक क्षेत्रीय दलों का भी गठन हुआ, इस दौर में जनता ने जनसंघ को विलुप्त होते और भारतीय जनता पार्टी का उदय होते हुए भी देखा और इसी दौर में बहुजन समाज पार्टी और तृणमूल कांग्रेस को भी बनते हुए देखा।





 भारतीय जनता पार्टी बहुजन समाज पार्टी और तृणमूल कांग्रेस को केंद्र की सत्ता पर काबीज होते हुए भी देखा और देश में मायावती ममता बनर्जी और जय ललिता के राजनैतिक संघर्ष को देख उनके सत्ता तक पहुंचने के सफर को भी देखा है !

 2011 के दशक में माया, ममता और जय ललिता का नाम भारतीय राजनीति के इतिहास में चर्चा का विषय रहा है, जब मायावती उत्तर प्रदेश, ममता बनर्जी पश्चिम बंगाल और जयललिता तमिलनाडु की मुख्यमंत्री बनी थी पहली बार देश के 3 बड़े राज्यों की कमान महिलाओं के हाथों में थी !



माया ममता और जय ललिता केंद्र की सत्ता में एक समय किंग मेकर की भूमिका में भी रही थी किंग मेकर से सफर शुरू कर तीनों नेता अपने अपने राज्यों में सत्ता पर  काबिज हुई ! और तीनों महिला नेता लंबे समय तक सत्ता पर काबिल रही एक बार नहीं बल्कि अनेक बार अपने-अपने राज्यों की मुख्यमंत्री बनी ! जयललिता ने चकाचौंध भरी फिल्मी दुनिया से अलग होकर राजनीति में प्रवेश किया था !

 मायावती ममता बनर्जी और जयललिता के राजनीतिक जीवन के सफर की चर्चा करें तो मायावती और ममता बनर्जी को बहुजन समाज पार्टी और एआईडीएमके पार्टी विरासत में मिली थी जबकि ममता बनर्जी ने अपने दम पर तृणमूल कांग्रेस नाम का अपना राजनीतिक दल बनाया था !  माया और जयललिता काशीराम और एमजी रामचंद्रन की विरासत के सहारे सत्ता के गलियारों तक पहुंची थी जबकि ममता बनर्जी अपने दम पर अपनी पार्टी खड़ी कर सत्ता के गलियारों में पहुंची थी ! 

जयललिता की मृत्यु हो चुकी है जबकि मायावती उत्तर प्रदेश की सत्ता से एक दशक से बाहर हैं और ममता बनर्जी तीसरी बार पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज होने के लिए संघर्ष कर रही हैं पश्चिम बंगाल में विधानसभा के चुनाव चल रहे हैं इस चुनाव में ममता बनर्जी तीसरी बार मुख्यमंत्री बनती है या नहीं इसका फैसला  2 मई को होगा !

तीनों महिला नेताओं मैं एक समानता देखने को मिलती है तीनों महिला नेता कर सत्ता के गलियारों तक पहुंची थी,  तीनों महिला नेताओं में ममता बनर्जी एक मात्र ऐसी नेता थी जो कांग्रेस के भीतर रहकर राजनीतिक संघर्ष कर रही थी और बाद में कांग्रेस से बाहर निकल कर भा ज. पा नीत गठबंधन केंद्र सरकार मैं शामिल होकर राजनीतिक संघर्ष करती दिखाई दी,  ममता बनर्जी का राजनीतिक सफर देश के प्रमुख राजनीतिक नेताओं के सानिध्य में रहा.

 कांग्रेस के भीतर श्रीमती इंदिरा गांधी राजीव गांधी श्रीमती सोनिया गांधी और भा ज पा में अटल बिहारी वाजपेई और लाल कृष्ण आडवाणी के सानिध्य में रहा, ममता बनर्जी का राजनीतिक सफर सोने की तरह तप तपकर आभूषण की तरह बना है जो भारतीय राजनीति में अभी भी सोने की तरह चमचमा रहा है जबकि मायावती भारतीय राजनीति में इस समय कम ही नजर आ रही है, 

 2021 ममता बनर्जी और 2022 मायावती के राजनीतिक भविष्य की परीक्षा की घड़ी है 2021 में ममता बनर्जी पास होती हैं या नहीं और 2022 में मायावती  पास होंगी या नहीं यह दोनों अभी सवाल हैं जिसका हमें इंतजार करना होगा ?

देवेंद्र यादव,
 वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक

                      

0 Comments:

Post a Comment

THANKS FOR COMMENTS