आज के पश्चिम बंगाल चुनाव और फिल्मी रूपहला पर्दा !
सस्पेंस क्या?
Today's West Bengal elections and film silver screen! What suspense?
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आज के दौर के चुनाव बॉलीवुड की उन रहस्यमय और सस्पेंस भरी फिल्म से कम नहीं है, जिसका पर्दा उठने से पहले पता नहीं चलता बल्कि फिल्म के समाप्त होने के बाद दर्शकों को पता चलता है कि रहस्य और सस्पेंस क्या था !
इस समय बंगाल विधानसभा चुनाव मैं नजारा कुछ ऐसा ही देखने को मिल रहा है, चुनावी पर्दा उठ चुका है 27 मार्च को पहले चरण का मतदान संपन्न हो गया है. 30 विधानसभा क्षेत्रों में मतदाताओं ने अपने मतों का इस्तेमाल कर लिया है, अब दूसरे चरण के मतदान की तैयारी चल रही है, दूसरा चरण राजनीति दलों के लिए खास है खासकर भा जा पा और सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए, क्योंकि दूसरे चरण का मतदान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी के भाग्य का फैसला करेगा, दूसरे चरण मैं नंदीग्राम विधानसभा चुनाव का मतदान होगा जहां से सुश्री बनर्जी प्रत्याशी हैं !
नंदीग्राम विधानसभा क्षेत्र से भाजपा ने ममता बनर्जी के खास सिपहसालार रहे पूर्व मंत्री शुभेंदु अधिकारी को चुनाव मैदान में उतारा है, देश की नजर इस समय नंदीग्राम विधानसभा सीट पर अधिक है ! रविवार को सुश्री ममता बनर्जी नंदीग्राम पहुंच गई हैं और वह 4 दिन तक नंदीग्राम में ही रहेंगी ! रविवार को मीडिया के अंदर अन्य खबरों के अलावा यह भी एक खास खबर थी !
एक खबर यह भी थी गृहमंत्री अमित शाह ने एक बार फिर से असम और बंगाल में भाजपा की सरकार बनाने की ताल ठोकी है ! बंगाल चुनाव का रहस्य और सस्पेंस क्या है इसकी जिज्ञासा देशवासियों को विधानसभा चुनाव के परिणाम आने तक रहेगी !
क्या बंगाल की महिला मतदाता और तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर भा जा पा में शामिल हुए नेता और कार्यकर्ता बंगाल चुनाव का रहस्य है यह अभी केवल सस्पेंस है और यह सस्पेंस 2 मई चुनाव परिणाम आने के बाद खत्म होगा? क्या बंगाल में महिला मतदाता ममता बनर्जी की सत्ता में वापसी कराएंगे, क्योंकि पहले चरण के मतदान के समय महिला मतदाताओं की पोलिंग बूथों पर लंबी कतारें देखी गई !
क्या तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए नेता और कार्यकर्ता भा जा पा को बंगाल की सत्ता तक पहुंचाएंगे क्योंकि बंगाल में भाजपा के पास अन्य राज्यों की तरह खुद का अपना मजबूत केडर नहीं है भाजपा ने बंगाल के अंदर तृणमूल कांग्रेस सहित अन्य दलों के नेताओं और कार्यकर्ताओं को भाजपा में शामिल कर नया चुनावी केडर खड़ा किया है बंगाल में निश्चित रूप से रणनीतिकार तो भाजपा के ही हैं मगर मजबूत के डर उसके पास तृणमूल कांग्रेस से भा जा पा में शामिल हुए नेता और कार्यकर्ताओं का ही है क्या भाजपा बंगाल में उसी के ड र पर निर्भर है !
भाजपा ने रविवार को एक ऑडियो टेप रिलीज किया जिसमें ममता बनर्जी तृणमूल कांग्रेस को छोड़ भाजपा में शामिल हुए एक नेता से चुनाव में मदद करने की गुहार लगाती हुई दिखाई दी. क्या ममता बनर्जी और भाजपा में तृणमूल कांग्रेस के शामिल हुए नेता अभी भी ममता बनर्जी के संपर्क में हैं? यह भी एक बडा रहस्य और सवाल है और यही रहस्य और सवाल बंगाल चुनाव का एक सस्पेंस है, और यही शायद ममता बनर्जी का चुनावी तकिया कलाम है की खेला होबे और यह तृणमूल कांग्रेस का चुनावी नारा भी बन गया !
खेला होबे क्या बंगाल चुनाव का एक सस्पेंस है? , क्या यह सस्पेंस उस केडर का है जिसके डर की दम पर भाजपा के नेता बंगाल में अपनी पार्टी की सरकार बनाने का दावा कर रहे हैं? इस सस्पेंस पर से पर्दा 2 मई को उठेगा जब विधानसभा चुनाव के परिणाम आएंगे इसका हमें इंतजार करना होगा !
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Devendra Yadav Sr. Journalist & Political Analytic |
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