कोरोना - वैक्सीन और चुनाव
Covid -19, vaccine and Election
इत्तेफाक देखिए, कोरोना, वैक्सीन और चुनाव इस समय अपने अपने दूसरे दो र मैं चल रहे हैं ! कोरोना महामारी की देश में दूसरी लहर शुरू हो गई है इसको लेकर देश चिंतित है, और इससे बचाव के इंतजामों में एक बार फिर से सरकार जुट गई है !
कोविड-19 ने देश में लगभग 1 वर्ष पहले दस्तक दी थी, तब देश की सरकार ने इससे बचने के लिए अनेक प्रयास किए उन प्रयासों में लॉकडाउन लगाने का कड़ा फैसला भी शामिल था कोरोना महामारी से बचाव के इंतजाम मातो के तहत भारत के चीजें बनाने में आत्मनिर्भर भी बना, जिसमें मास्क सेनीटाइजर और वैक्सीन बनाने में आत्मनिर्भर बने! कोरोना महामारी से बचने के उपाय की पूरे विश्व ने भारत की प्रशंसा की और के क्षेत्रों में भारत विश्व के लिए मिसाल भी बना,
देश की जनता ने धैर्य और अपनापन दिखाया और कोरोना महामारी से जंग जीत ने का प्रयास किया जिसमें बहुत हद तक देश सफल भी रहा, लेकिन अब कोरोना महामारी का दूसरा दौर शुरू हो गया है इसलिए जनता को पहले दौर की ही तरह इस दौर में भी सावधान और सुरक्षित रहने की जरूरत है जनता को पहले दौर की तरह दूसरे दौर में भी धैर्य बनाए रखना और सावधान रहने की जरूरत है ! भारत में वैक्सीन लगाने का कार्यक्रम शुरू हो गया पहले उम्र दराज के लोगों को यह वैक्सीन लगाई जा रही थी जिनकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक थी उन्हें यह वैक्सिंग लगाई जा रही थी मगर अब 45 साल की उम्र के लोगों को भी वैक्सीन लगाई जाएगी ऐसी खबर निकल कर आ रही है, सरकार का यह फैसला स्वागत योग्य क्योंकि देश की एक बड़ी आबादी 45 साल उम्र की हे, जनता को सरकार द्वारा किए जा रहे प्रयासों पर भरोसा करना चाहिए और जनता भरोसा कर भी रही है अफवाहों पर ध्यान नहीं देना चाहिए बल्कि सरकार का सहयोग करना चाहिए और अपने आप को सुरक्षित और महफूज रखना चाहिए !
पांच राज्यों के चल रहे विधानसभा के चुनाव भी दूसरे दौर में प्रवेश कर चुके हैं, लगभग सभी राजनीतिक दलों में अपने अपने प्रत्याशी घोषित कर दिए हैं अब प्रमुख पार्टियों के नेताओं के चुनावी दौरे शुरू हो गए हैं, नेता विशाल जनसभा और विशाल रोड शो करते हुए दिखाई देने लगे हैं, कोरोना महामारी का दूसरा दो र और देश की चिंता और चिंता के बाद चुनावी जनसभाएं और चुनावी रोड शो कोरोना महामारी से लड़ने के लिए जनता को क्या संदेश दे रहे हैं ?
हालांकि यह कोई नई बात नहीं है इससे पहले भी जब कोरोना ने देश के अंदर पहली बार दस्तक दी थी तब भी देश के भीतर इसी प्रकार से राजनीतिक सामाजिक और चुनावों का भी आयोजन हुआ था वही रैलियां वही जनसभाएं और वही रोड शो लेकिन फिर भी देश की जनता ने कोरोना से जंग जीती थी ! कोरोना महामारी का पहला दौर तो ऐसा था जब देश में मास्क सैनिटाइजर और दवा का अभाव था लेकिन दूसरे दौर में देश के पास मास्क सैनिटाइजर और वैक्सिंग का कोई अभाव नहीं है देश आत्मनिर्भर बन गया है इसलिए धैर्य और विश्वास के साथ कोरोना के दूसरे दौर से जीतने का संकल्प लें और नियमों का पालन करें सुरक्षित रहें !
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देवेंद्र यादव, वरिष्ठ पत्रकार व राजनीतिक विश्लेषक |
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