कोविड-19 का दूसरा चरण:
राज्य और केंद्र, हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट !
कोरोना महामारी के बढ़ते मरीज और ऑक्सीजन की भारी किल्लत के बीच गुरुवार 22 अप्रैल को, देश के सामने एक अहम खबर भी निकलकर सामने आई ! कोरोना महामारी का हाहाकार और ऑक्सीजन दवाइयां अस्पतालों में बेड को लेकर अफरा तफरी के बीच देश के सर्वोच्च न्यायालय ने कोरोना महामारी पर शो कॉज नोटिस केंद्र सरकार को पहली बार दिया। इसी बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पहली बार पश्चिम बंगाल में अपनी चुनावी रैलियों को रद्द करने का एलान किया !
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा बंगाल चुनाव में अपनी रैलियों को रद्द करने की घोषणा और सुप्रीम कोर्ट का शो कॉज नोटिस लेना दोनों घटनाएं मौजूदा समय में अहम हैं दोनों घटनाएं अहम इसलिए भी हैं क्योंकि अपनी अपनी जिम्मेदारियों को लेकर दोनों पर ही सवाल खड़े हो रहे थे?
नरेंद्र मोदी और सुप्रीम कोर्ट पर सवाल इसलिए भी खड़े हो रहे थे क्योंकि कोरोना संकट के दूसरे दौर में भी पहले चरण की तरह राज्य सरकारों पर जिम्मेदारी नजर आ रही थी, वंही देश के विभिन्न राज्य के हाई कोर्ट इस महामारी के हाहाकार और अफरा तफरी को अपने संज्ञान में लाकर अहम फैसला दे रहे थे। इसी से सवाल खड़ा हो रहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी केंद्र सरकार की और सुप्रीम कोर्ट की जिम्मेदारी क्या है? यह सवाल बार-बार उठ रहा था, सवाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुनावी रैलियों और चुनाव आयोग पर भी उठ रहा था ! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सुप्रीम कोर्ट ने तो अपनी अपनी जिम्मेदारी को निभा दिया लेकिन चुनाव आयोग की जिम्मेदारी अभी भी जस की तस बनी हुई है। जबकि पश्चिम बंगाल चुनाव को लेकर विपक्षी दल समवेत स्वर में मांग कर रहे हैं कि बंगाल मैं बाकी बचे चरण के चुनाव एक ही चरण में करवाए जाएं ! देश के लिए आज का दिन अहम है। आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक करेंगे वही कोरोना संकट के समय केंद्र सरकार की जिम्मेदारी क्या होनी चाहिए और कोरोना महामारी को लेकर केंद्र सरकार की क्या-क्या तैयारियां हैं और क्या-क्या तैयारियां की हैं इसका जवाब सुप्रीम कोर्ट के पास केंद्र सरकार को देना है !
गुरुवार 22 अप्रैल को भी ऑक्सीजन को लेकर अफरा तफरी का माहौल सुनाई दिया मगर दूसरी तरफ ऑक्सीजन के टैंकर भी विभिन्न अस्पतालों में दौड़ते नजर हुए नजर आए !
युवा भारत के युवा बेसब्री से 2 मई का इंतजार भी करते नजर आ रहे हैं जब 18 वर्ष से ऊपर वालों को कोरोना वैक्सीन लगाने का शुभारंभ होगा !
इस समय देश की नजर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ऊपर है की वह आज क्या क्या अहम फैसले लेते हैं। क्योंकि सवाल राष्ट्रीय स्वास्थ्य इमरजेंसी का भी उठ रहा है, क्योंकि यह आज के माहौल का सबसे बड़ा सवाल है ?
क्योंकि पिछले दिनों, ऐसी घटनाएं भी घटित हुई है जहां लगा कि राज्य सरकारों के बीच आपस में तालमेल और सामंजस्य का अभाव है !
हरियाणा सरकार में गृह मंत्री अनिल विज ने दिल्ली सरकार पर हरियाणा सरकार के ऑक्सीजन टैंकर को लूटने का आरोप लगाया वही दिल्ली से ही एक आवाज यह निकली की उनके ऑक्सीजन के टैंकर को राजस्थान में पुलिस ने रोक लिया है! यदि भा ज पा सरकार के 7 सालों पर नजर डालें तो भाजपा सरकार ने एक देश की थ्योरी पर अधिक काम किया है जैसे एक देश एक टैक्स, कृषि कानून का भी अर्थ एक देश ही है ऐसे में स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी एक देश की थ्योरी पर कोई योजना बनेगी क्योंकि स्वास्थ्य सेवाएं भी कृषि की तरह राज्यों का सब्जेक्ट है ऐसे में क्या एक देश एक भाव की तर्ज पर एक देश एक स्वास्थ्य सेवाएं पर कोई योजना बनेगी ?
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Devendra Yadav Sr.Journalist & Political Analytics |
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