आपदा में कैसे मिलकर काम करें पक्ष और विपक्ष के नेता!
यह सीखें गहलोत और बिरला से!
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Ashok Gahlot C.M. Raj. |
कोरोना महामारी के दूसरे दौर में देश के कर्णधार नेताओं की कार्यशैली और जनता के प्रति उनकी जिम्मेदारी को लेकर देशभर में इन दिनों अनेक सवाल उठ रहे हैं ? सवाल कोरोना महामारी पर राजनीति करने का भी नेताओं पर उठ रहा है इसकी वजह यह है कि केंद्र में सत्ता किसी अन्य दल की है और अधिकांश राज्यों में अलग-अलग दलों की है लेकिन कोरोना बीमारी सारे राज्यों में एक समान है !
जहां तक केंद्र की सत्ता और राज्यों की सत्ता पर काबीज पार्टियों के जनप्रतिनिधियों की बात करें तो, राजस्थान वह सौभाग्यशाली प्रदेश है जहां केंद्र और राज्य के नेताओं के बीच कोरोना महामारी को लेकर आपस में बेहतर समन्वय बना हुआ है ! राजस्थान में कॉन्ग्रेस पार्टी की सरकार है और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हैं वही केंद्र में भाजपा की सरकार है और लोकसभा अध्यक्ष राजस्थान के ओम बिरला है !
अशोक गहलोत और ओम बिरला दोनों ही राजस्थान में कोरोना महामारी को लेकर गंभीर हैं और दोनों की गंभीरता इस बात से भी झलकती है की दोनों के बीच आपस में इस बीमारी को लेकर बेहतर तालमेल है दोनों ही नेता इस पर राजनीति करते नहीं दिखाई दे रहे हैं बल्कि राजस्थान की जनता को कैसे बचाया जाए सुरक्षित रखा जाए इस पर अधिक ध्यान दे रहे हैं,
वैसे तो अन्य राज्यों के भी नेता केंद्र सरकार मैं अपना प्रतिनिधित्व करते होंगे राजस्थान के भी ओम बिरला के अतिरिक्त अनेक नेता है जो केंद्र सरकार में प्रतिनिधित्व करते हैं मगर ओम बिरला, अनोखे ऐसे नेता हैं जो राजनीति को ताक पर रख जनता और अपने प्रदेश की सेवा में आपदा के समय लगे हुए हैं, इसका उदाहरण जब देश भर से कोरोना वैक्सीन की कमी को लेकर आवाज उठ रही थी तब ओम बिरला ने राजस्थान को संदेश दीया की प्रदेश में वैक्सीन की कोई कमी नहीं होगी और बिरला का वाक्य सही भी सिद्ध हुआ राजस्थान को तुरंत वैक्सीन मिली ओम बिरला ने कोरोना महामारी से बचाव के लिए आवश्यक संसाधनों की पूर्ति का भी भरोसा दिलाया है।
इन दिनों प्रदेश भर में ओम बिरला चर्चा का केंद्र बने हुए हैं वही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और बिरला का आपसी तालमेल राजस्थान मैं आपदा की इस घड़ी में कारगर सिद्ध हो रहा है ! राजस्थान शुरू से ही कोविड-19 के दौर में देश और विदेश में मिसाल बना है राजस्थान की मिसाल कायम रहे इस दिशा में राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार के नुमाइंदे ओम बिरला मिलकर कार्य कर रहे हैं !
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने मुख्यमंत्री के रूप में तीसरी बार शपथ लेने के बाद से ही प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं पर अधिक ध्यान दिया और उनका प्रयास स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर अभी भी जारी है ! हालांकि राजस्थान में भी कोरोना महामारी के संक्रमित मरीजों की तादात अधिक है लेकिन राजस्थान में स्वास्थ्य सुविधाएं भी कम नहीं है! प्रदेश में अशोक गहलोत का बेहतर प्रबंधन और केंद्र से ओम बिरला का राजस्थान को सहायता कराना, इसे प्रदेश का सौभाग्य ही कहेंगे !
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Devendra Yadav Sr.Journalist & Political Analytics |
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