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Monday, April 19, 2021

4/19/2021 07:57:00 AM
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राहुल गांधी ने बंगाल चुनाव मैं अपने कार्यक्रमों को किया रद्द! 

राहुल गांधी की: "मिसाल या मिसाइल" ?


कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए,  पश्चिम बंगाल चुनाव में अपने बाकी के तमाम कार्यक्रम रद्द कर , पश्चिम बंगाल चुनाव की राजनीति को एक बार फिर से गर्म कर दिया!

 राहुल गांधी ने यह निर्णय तब लिया जब देश में कोरोना महामारी ने तांडव मचा रखा है,  इस बीमारी को लेकर देशभर में हाहाकार मचा हुआ है और देश की जनता, कर्णधार नेताओं पर चुनावी व्यस्तता को लेकर आरोप लगा रही है,  प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित विपक्ष के नेता बंगाल विधानसभा चुनाव में व्यस्त नजर आ रहे हैं ऐसे में जनता इन नेताओं पर निरंतर सवाल का कर रही थी जनता के सवालों के बीच राहुल गांधी ने 18 अप्रैल रविवार को अपने बंगाल चुनाव मैं प्रचार कार्यक्रम को रद्द करने की घोषणा की,  उनकी इस घोषणा ने देश की राजनीति को गरमा दिया,  और सवाल उठने लगा कि क्या प्रधानमंत्री सहित बाकी के नेता भी अपनी चुनावी सभाओं को रद्द कर देंगे?

 राहुल गांधी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में चार चरणों का मतदान खत्म होने के बाद 14 अप्रैल को पहली बार बंगाल चुनाव में प्रचार करने के लिए पहुंचे थे, पांच राज्य के विधानसभा चुनावों में राहुल गांधी ने अधिकांश समय तमिल नाडु और केरल में बिताया था,  राहुल गांधी बंगाल की सीमा से लगे असम मे भी चुनाव प्रचार करने के लिए गए थे लेकिन वह बंगाल चुनाव में आधा चुनाव खत्म होने के बाद पहुंचे थे,  उनकी घोषणा के बाद उनका वह आखरी दौरा था,  अब राहुल गांधी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव मैं प्रचार करने नहीं जाएंगे !

 राहुल गांधी की घोषणा देश और राजनीतिक गलियारों में रविवार को चर्चा का विषय बना रहा, चर्चा इसलिए भी हुई क्योंकि राहुल गांधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा को यह कहकर घेरने में लगे हुए थे की देश में कोरोना महामारी ने तांडव मचा रखा है और प्रधानमंत्री इवेंट करने में व्यस्त नजर आ रहे हैं,  इस पर भाजपा ने पलटवार भी किया की राहुल गांधी भी तो चुनावी रैलियां और जनसभाएं कर रहे हैं तब 13 अप्रैल को मैंने अपने ब्लॉग में लिखा था की राहुल गांधी को पश्चिम बंगाल में अपनी प्रस्तावित सभाओं को रद्द कर एक मिसाल कायम करनी चाहिए !

14 अप्रैल को राहुल गांधी चुनाव प्रचार के लिए पहली बार बंगाल पहुंचे,  यदि राहुल गांधी के भाषण पर गौर करें तो उन्होंने 14 अप्रैल को ही यह कहकर संकेत दे दिया था कि मैं बंगाल में चुनाव प्रचार के लिए नहीं आया हूं बल्कि बंगाल की जनता को सतर्क और सावधान करने आया हूं !

 18 अप्रैल रविवार को राहुल गांधी ने घोषणा कर दी कि वह कोरोना महामारी को ध्यान में रखते हुए पश्चिम बंगाल चुनाव में प्रचार करने नहीं जाएंगे !

 राहुल गांधी की इस घोषणा को राजनीतिक परिप्रेक्ष्य में देखें तो देश और जनता के बीच यह एक मिसाल है,  तो वही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भा जा पा के लिए मिसाइल से कम नहीं है,  क्योंकि कोरोना महामारी के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित पूरी भा जा पा पर चुनाव में व्यस्त रहने का आरोप लग रहा है, आरोप जहां तक लग रहा है कि भाजपा की प्राथमिकता क्या है चुनाव या कोरोना महामारी यह आरोप कांग्रेस और राहुल गांधी पर भी लग रहा था लेकिन राहुल गांधी ने पश्चिम बंगाल चुनाव के अपने  कार्यक्रमों को रद्द कर अब गेंद भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पाले में डाल कर देश और जनता के सामने यह मैसेज दे दिया है कि कांग्रेस और राहुल गांधी की प्राथमिकता देश है. कोरोना महामारी से जूझ रही जनता है चुनाव नहीं !  कोरोना महामारी के प्रथम चरण की तरह दूसरे चरण में भी राहुल गांधी ने युवक कांग्रेस को लोगों की मदद करने के लिए तैयार कर दिया है !

चर्चा में इस समय युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवासन हैं जो कोरोना महामारी से पीड़ित लोगों की मदद करने में जुट गए हैं ! राहुल गांधी के मार्गदर्शन में और श्रीनिवासन के नेतृत्व में युवक कांग्रेस ने कोरोना महामारी के प्रथम चरण के समय प्रवासी मजदूरों की देशभर में कैंप लगाकर भरपूर मदद की थी उनका यह प्रयास उन दिनों काफी चर्चा में रहा था वैसा ही प्रयास श्रीनिवासन ने दूसरे चरण में भी शुरू कर दिया है, जो इन दिनों  खासा चर्चा में है !

 एक तरफ राहुल गांधी का चुनावी दौरा रद्द करना और दूसरी तरफ उनके नेतृत्व में  कांग्रेस का कोरोना पीड़ित लोगों की  मदद करना जनता के बीच एक बेहतर नेता होने का संदेश दे रहा है, और बता रहा है कि  नेता की  जनता के बीच जिम्मेदारी  और  प्राथमिकता क्या होनी चाहिए ? चुनाव या फिर आपदा में पीड़ितों की मदद करना ?अब आगे देखना यह होगा कि पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव मैं बाकी दलों के नेता अपनी रैलियां और सभाएं रद्द करते हैं या नहीं इसका इंतजार करना होगा !

Devendra Yadav
Sr.Journalist, Political Analytics


1 Comments:

  1. Sahi nirnay . Yeh ek misal he.Modi ji ko anusaran karna chahiye

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