"भ्रम : कोरोना को लेकर या सिस्टम को लेकर है?
कोविड-19 का दूसरा चरण, पहले चरण से कहीं ज्यादा भयावह है ! उतना ही भयावह दूसरे चरण में भ्रम है ! अस्पतालों में बेड ऑक्सीजन दवाइयों का अभाव भ्रम है या हकीकत ? यह भी एक भ्रम के तौर पर देश के भीतर तेजी से दौड़ता दिखाई दे रहा है क्योंकि सत्ता के गलियारों से आवाज सुनाई देती है कि देश में ऑक्सीजन दवाइयां और अस्पतालों में बेड की कोई कमी नहीं है तो क्या यह एक भ्रम है जो इस समय देशभर में ऑक्सीजन दवाइयां और अस्पतालों में बेड को लेकर फैल रहा है !
देश में कोरोना को लेकर किसी प्रकार का भ्रम ना फैलाएं यह आवाज भी सुनाई दे रही है, यह सही भी है ऐसा संदेश आमजन तक पहुंचना भी जरूरी है, क्योंकि भ्रम की स्थिति में सही से कार्य नहीं हो पाते बल्कि इससे मनोबल और धैर्य टूटता है इसलिए भ्रम और आशंका से बचना चाहिए !
सवाल उठता है कि भ्रम कौन फैला रहा है ? जनता या व्यवस्था ? देश में ऑक्सीजन दवाइयां और अस्पतालों में बेड की कमी है यह भ्रम कहां से उठा जनता या व्यवस्था की तरफ से ?
देश में ऑक्सीजन दवाइयों की कोई कमी नहीं है यह बात कहां से आई जनता या व्यवस्था !
सत्ता के गलियारों से जो आवाज निकलकर आम जनता तक पहुंच रही है शायद वही एक भ्रम है !
राज्य सरकार केंद्र पर और केंद्र राज्यों पर उनकी अपनी जिम्मेदारियों पर सवाल उठाते हैं तब भ्रम की स्थिति पैदा होती है की जिम्मेदार कौन है !
राज्य और केंद्र की जिम्मेदारी के बीच एक शब्द सिस्टम के रूप में भी निकलकर आया है सिस्टम क्या है और सिस्टम के भागीदार कौन-कौन हैं यह भी एक भ्रम है !
कोरोना महामारी का दूसरा रूप तेजी के साथ क्यों आया इसको लेकर भी भ्रम है क्या यह चुनावों से आया या उत्सव और जनता की लापरवाही के कारण आया यह भी एक भ्रम है !
यदि चुनावों के कारण कोरोना फैला है तो इसका जिम्मेदार कौन है चुनाव आयोग नेता या फिर वह जनता जो चुनावी रैलियों में भाग ले रही हैं यह भी एक भ्रम है ?
अब सवाल वही पर आकर रुक जाता है की कोरोना को लेकर भ्रम कौन फैला रहा है जिसे रोकना जरूरी है, जनता जो कोरोना महामारी से पीड़ित है या राजनेता जिनकी जिम्मेदारी जनता की समस्याओं का समाधान करने की है ! क्योंकि कोरोना महामारी के समाधान और जिम्मेदारी को लेकर सवाल राजनेताओं की तरफ से ही जनता के बीच सुनाई दे रहे हैं कि राज्य ठीक से कार्य नहीं कर रहे वही राज्यों की तरफ से खबर सुनाई देती है कि केंद्र राज्यों की मदद नहीं कर रहे हैं
और इसी बीच एक आवाज सिस्टम को लेकर भी आ जाती है ऐसे में भ्रमित कौन है और भ्रम कौन फैला रहा है सवाल यहां आकर रुक जाता है !
![]() |
Devendra Yadav Sr.Journalist |
0 Comments:
Post a Comment
THANKS FOR COMMENTS