लोकतंत्र का चुनाव, विकास से शुरू, धर्म पर समाप्त ?
भारतीय लोकतंत्र विश्व का सबसे मजबूत अद्भुत और ताकतवर माना जाता है, भारतीय लोकतंत्र की अद्भुत और खूबसूरत है इसकी बानगी चुनाव के वक्त देखने को मिलती है !
देश के पांच राज्यों में इस समय चल रहे विधानसभा चुनावों की बात करें या उससे पहले के विधानसभा और लोकसभा के चुनावों की बात करें तो, चुनाव मैं सत्तारूढ़ पार्टी और विपक्षी पार्टियां चुनाव में विकास के मुद्दों से शुरू करती हैं और धर्म और जाति पर चुनाव को समाप्त करती है ?
देश में चुनाव भी " टीवी शो " की तरह चरणबद्ध होने लगे हैं !
टीवी शो खतरों के खिलाड़ी मैं खिलाड़ियों को टास्क दिए जाते हैं ठीक वैसे ही राजनीतिक पार्टियों के नेता भी जनता को वादे देते हैं!
चुनाव की घोषणा से पहले और चुनाव का प्रथम चरण समाप्त होने तक नेताओं का वादा कुछ और होता है और जैसे-जैसे चुनाव के चरण चलते रहते हैं वैसे वैसे वादे और मुद्दे भी बदलते रहते हैं ! पांच राज्यों मैं चल रहे विधानसभा चुनावों की बात करें तो चुनाव घोषणा से पहले और चुनाव का पहला चरण समाप्त होने पर राजनीतिक दलों का मुद्दा विकास था.
लेकिन जैसे ही दूसरा चरण शुरू हुआ मुद्दा धर्म जाति और गोत्र पर आ टीका ! पांच राज्यों के संपन्न हो रहे चुनाव में यह नजारा पश्चिम बंगाल में अधिक देखने को मिला जहां पश्चिम बंगाल कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपना गोत्र बता कर और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ममता बनर्जी पर आरोप लगाकर की उन्हें जय श्री राम बोलने पर दुख होता है, चुनाव को विकास के मुद्दे से हटाकर धर्म और गोत्र पर लाकर खड़ा कर दिया,
ममता बनर्जी के गोत्र बताने पर मीडिया में डिबेट होने लगी, जब दूसरे चरण का मतदान चल रहा था उसी समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम बंगाल के जयनगर में जय श्री राम, चोटी और दुर्गा पूजा का मुद्दा उठा दिया, लगने लगा कि अब चुनाव का टास्क धर्म होगा, इसी बीच देश की जागरूक जनता ने चुनाव आयोग को अपना टास्क दे दिया.
भाजपा प्रत्याशी विधायक की गाड़ी में ईवीएम
असम के अंदर भाजपा प्रत्याशी विधायक की गाड़ी में ईवीएम पकड़ी, इस घटना के बाद कांग्रेस सहित तमाम विपक्ष भाजपा और चुनाव आयोग पर सवाल खड़े करते नजर आया वही भाजपा और चुनाव आयोग इस पर अपनी सफाई देता हुआ नजर आया !
कांग्रेस ईवीएम को लेकर आक्रामक
ईवीएम वाली घटना ने विकास और धर्म पर हो रहे राजनीतिक घमासान को मोड दिया है अब कांग्रेस ईवीएम को लेकर आक्रामक दिखाई दे रही है कांग्रेस की आक्रामकता का मजबूत आधार ईवीएम मशीनों का भाजपा विधायक और प्रत्याशी की गाड़ी में मिलना है, ईवीएम को लेकर हालांकि सवाल पहले भी उठते रहे हैं लेकिन इस बार जो सवाल कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और राष्ट्रीय महामंत्री श्रीमती प्रियंका गांधी ने खड़े किए हैं, उससे चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ भाजपा सकते में पड़ती दिखाई दे रही है चुनाव आयोग और सत्तारूढ़ भाजपा अपने अपने बचाव की मुद्रा में दिखाई दे रहे हैं, अभी केवल दो चरणों के मतदान हुए हैं छह चरण अभी बाकी है ? आगे के चरणों में राजनीतिक दलों के मुद्दे क्या होंगे इसका अभी इंतजार करना है.
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Devendra Yadav Sr.Journalist & Political Analytic |
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