"देखी जमाने की यारी,बिछड़े सभी बारी बारी !
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Late Rohit Sardana |
हिंदी फिल्मों के महान कलाकार गुरुदत्त पर फिल्म आया गया फिल्म कागज के फूल का यह गीत पता नहीं क्यों इन दिनों बार-बार मेरी जुबान पर आ रहा था और मैं इस टाइटल से अपना ब्लॉग लिखना चाहता था मगर लिख नहीं पा रहा था लेकिन आज हमारे पत्रकार परिवार के सदस्य रोहित सरदाना की मौत ने मुझे विवश कर दिया, उस गीत की लाइन को लिखने के लिए !
यूं तो कोरोना महामारी के कारण देश के अनेक लोगों की मृत्यु हुई है और मृत्यु हमारे पत्रकार साथियों की भी हुई है लेकिन आज तक के वरिष्ठ पत्रकार रोहित सरदाना की मौत ने सारे देश को मानो हिला कर रख दिया ! रोहित सरदाना की मृत्यु की खबर सुनकर सारा देश आज स्तब्ध है और अपने आप पर सवाल खड़े कर रहा है कि हमसे ऐसी क्या गलती हो गई जिसकी अकारण ही हमें सजा मिल रही है! अक्सर मैं अपने साथी पत्रकारों से कहा करता हूं कि कोरोना महामारी बड़ी बीमारी है आप लोग सावधान रहें अपने आप को बचाते हुए अपने कर्तव्य की पालना करें ! रोहित भाई आप की मौत का समाचार दुखद है, इसका अनुमान इससे लगाया जा सकता है कि आप की मौत का समाचार सुनते ही सारा देश स्तब्ध रह गया, अपनों से बिछड़ने का सिलसिला तो लंबे समय से चला आ रहा है लेकिन आप इस तरह से अपनों से बिछड़ कर चले जाएंगे ऐसा किसी ने सोचा नहीं था ! आई मिस यू रोहित सरदाना !
*The Voice Of Justice* *परिवार की ओर से दिवंगत आत्मा को मंगलकामनाएं*
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Devendra Yadav Sr.Journalist |
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