नकारात्मक खयालों को दूर रखने के लिए सकारात्मक ख्याल रखो!
कोरोना महामारी के दौर में राजनेताओं के शब्दकोश से अनेक ऐसे शब्द सुनाई दिए शब्द एक लेकिन अर्थ अनेक है !
कोविड-19 के दूसरे चरण के प्रारंभ में देश में हाहाकार और अफरा तफरी मच रही थी तब देश के कर्णधार नेता पश्चिम बंगाल और असम के चुनाव में चुनावी रैलियां
और जनसभाएं कर रहे थे ! ऑक्सीजन दवाइयां और अस्पताल में बेड के लिए हाहाकार मच रहा था ! पक्ष और विपक्ष के नेता इसे लेकर एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप करने में लगे हुए थे ! चुनाव समाप्ति के बाद सत्ता पक्ष के शब्दकोश से दो शब्द निकल कर आए एक नकारात्मक और दूसरा सकारात्मक !
पांच राज्यों के चुनाव समाप्ति के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जनता के सामने आए और उन्होंने जनता से नकारात्मक सोच को भगाकर सकारात्मक सोच रखने का अनुरोध किया ! इसे सत्ता पक्ष के नेताओं ने एक अभियान के तहत शुरू किया ! आर एस एस प्रमुख मोहन भागवत ने भी संकट की इस घड़ी में जनता के बीच सकारात्मक भाव रखने का उपदेश दिया !
केंद्र सरकार ने ऑक्सीजन दवाइयां और बेड का इंतजाम कर जनता के नकारात्मक खयालों पर विराम लगाया !
देश की जनता कोरोना महामारी के आहा कार और अफरा तफरी के माहौल से उधर ही रही थी की देश की राजनीति में नकारात्मक सोच के साथ पश्चिम बंगाल उत्तर प्रदेश और राजस्थान से राजनीतिक अफरा तफरी का माहौल बनता हुआ सुनाई दिया !
उत्तर प्रदेश में सत्ता पक्ष के विधायकों और नेताओं के बीच बने नकारात्मक खयालों को सकारात्मक सोच में बदलने के लिए फिर एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मोहन भागवत सामने आए ! कांग्रेस नेता जतिन प्रसाद के मन में भी कांग्रेस को लेकर नकारात्मक सोच बनी और वह भाजपा में शामिल होकर सकारात्मक खयालों में खो गए !
पश्चिम बंगाल में भाजपा के नेता मुकुल राय के मन में भी शायद भाजपा के प्रति नकारात्मक सोच पल रही थी उन्होंने भी वापस से तृणमूल कांग्रेस में शामिल होकर अपने आप को नकारात्मक सोच से निकालकर सकारात्मक सोच में बदला !
हलचल तो राजस्थान और बिहार में भी हो रही है जहां सचिन पायलट और जीतन राम मांझी के मन में अपनी अपनी सरकारों के कार्यों को लेकर नकारात्मक सोच बनी हुई है इन दोनों नेताओं के मन में मुकुल राय और जतिन प्रसाद के जैसी सकारात्मक सोच कब आएगी इसका अभी इंतजार करना होगा !
कोरोना महामारी का प्रकोप धीरे धीरे कम होता जा रहा है और जनता नकारात्मक सोच से सकारात्मक सोच की तरफ बढ़ती जा रही है ! मगर देश की राजनीति में अपनी अपनी सरकारों के प्रति नेताओं की नकारात्मक सोच बढ़ती जा रही है ?
पंजाब और उत्तर प्रदेश में यह बीमारी अधिक दिखाई दे रही है क्योंकि इन दोनों ही राज्यों में 8 महीने बाद विधानसभा के चुनाव हैं !
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Devendra Yadav Sr. Journalist |
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