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Sunday, June 13, 2021

6/13/2021 01:12:00 AM

क्षेत्रीय दल भी चाहत रखते हैं, क्यों ना वह राष्ट्रीय दल बने ?


 पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी और किसान नेता राकेश टिकैत की मुलाकात के बाद यह राजनीति गरम आने लगी की ममता बनर्जी की पार्टी उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों में भाग लेगी !

तृणमूल कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश मैं विधानसभा का चुनाव लड़ने की अभी आधिकारिक घोषणा तो नहीं की है लेकिन राजनीतिक गलियारों में आशंका है कि तृणमूल कांग्रेस उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारेगी !

सवाल यह खड़ा हो रहा है कि उत्तर प्रदेश में ना तो तृणमूल कांग्रेस का अपना कोई केडर है और ना ही उसका मजबूत जनाधार है ! यदि कैडर और जन आधार की बात कर फ्लैश बैक मैं जाए तो पता चलेगा कि बहुजन समाज पार्टी समाजवादी पार्टी आरजेडी जेडीयू एनसीपी आम आदमी पार्टी, यह वह पार्टियां हैं जिनका राजनीतिक अस्तित्व अपने अपने राज्यों तक सीमित था, उत्तर प्रदेश दिल्ली बिहार और महाराष्ट्र से निकलकर बहुजन समाज पार्टी समाजवादी पार्टी आम आदमी पार्टी आरजेडी जेडीयू और एनसीपी ने विभिन्न राज्यों में जाकर विधानसभा के चुनाव लड़े !  बहुजन समाज पार्टी तो राष्ट्रीय स्तर की पार्टी बनी ! 

बहुजन समाज पार्टी , समाजवादी पार्टी और आरजेडी वह पार्टी है जिनकी उत्तर प्रदेश और बिहार में अपनी सरकार भी रही और देश की सरकार बनाने में किंग मेकर की भूमिका में  रही है,! यदि  बहुजन समाज पार्टी  की  बात करें तो देश की  एकमात्र  ऐसी पार्टी है  जिसने देश की सत्ता  और विभिन्न राज्यों में  अपनी  किंग मेकर की  भूमिका निभाई है देश के कई राज्यों में यह सिलसिला  अभी भी  बरकरार है! तृणमूल कांग्रेस  ने भी केंद्र में किंग मेकर की भूमिका निभाई है जब अटल बिहारी वाजपेई और डॉ मनमोहन सिंह देश के प्रधानमंत्री थे तब ममता बनर्जी की पार्टी ने एनडीए और उसके बाद यूपीए को अपनी पार्टी का समर्थन दिया था ! 

 सवाल यह लगभग एक दशक पुरानी आम आदमी पार्टी देश के विभिन्न राज्यों में जाकर विधानसभा और लोकसभा का चुनाव लड़ सकती है तो फिर ढाई दशक पुरानी तृणमूल कांग्रेस पश्चिम बंगाल से निकलकर उत्तर प्रदेश में जाकर चुनाव क्यों नहीं लड़ सकती है !

गत विधानसभा चुनाव में आम आदमी पार्टी ने पूरी  ताकत के साथ पंजाब विधानसभा का चुनाव लड़ा था 2014 और 19 का लोकसभा चुनाव भी पंजाब में दम दारी से लड़ा था और उसके उम्मीदवार लोकसभा का चुनाव की जीते !

 आम आदमी पार्टी दिल्ली से निकलकर गुजरात और गोवा में अपने पैर पसार ती नजर आ रही है दिल्ली के बाद गोवा में आम आदमी पार्टी अपनी सरकार भी बना सकती है ?

 गुजरात में भी लगातार आम आदमी पार्टी का केडर बढ़ता जा रहा है !

 क्षेत्रीय पार्टियों के बढ़ते उभार और प्रभाव से क्षेत्रीय पार्टियां भले ही मजबूत राष्ट्रीय स्तर की पार्टियां नहीं बन पाई लेकिन मजबूत राष्ट्रीय स्तर की पार्टियों को क्षेत्रीय पार्टियों ने कमजोर करके रख दिया और इसका सबसे बड़ा उदाहरण देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस है, जो बहुजन समाज पार्टी समाजवादी पार्टी आरजेडी तृणमूल कांग्रेस एनसीपी और आम आदमी पार्टी के कारण आज कमजोर दिखाई दे रही है ! और यह कहना भी अतिशयोक्ति नहीं होगा कि क्षेत्रीय पार्टियों के प्रभाव के कारण कांग्रेस कमजोर हुई जबकि भा ज पा मजबूत हुई ! कांग्रेस का अपना पारंपरिक वोट क्षेत्रीय पार्टियों में बट गया और भाजपा का  पारंपरिक वोट  मजबूती के साथ  उसके साथ खड़ा रहा ! जिसका फायदा भाजपा को राज्यों के विधानसभा चुनाव और लोकसभा चुनाव में मिलता रहा !

अब उत्तर प्रदेश चुनाव में तृणमूल कांग्रेस भी अपना ताल ठोकने का मन बना रही है, तृणमूल कांग्रेस के उत्तर प्रदेश चुनाव में आने से  किसे नुकसान होगा ? इस पर राजनीतिक पंडितों के,मन में सवाल उठने लगे होंगे, लेकिन इसकी चर्चा अभी शुरू नहीं हुई है लेकिन इससे नुकसान बहुजन समाज पार्टी समाजवादी पार्टी और कांग्रेस को अधिक होने की संभावना है,  जबकि भाजपा को उत्तर प्रदेश में तृणमूल कांग्रेस के आने से बड़ा नुकसान नहीं होगा ?

यदि तृणमूल कांग्रेस किसान नेता राकेश टिकेति के आह्वान पर उत्तर प्रदेश विधानसभा  चुनाव में आने का मन बना रही है,तो उसे पश्चिम उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी बहुजन समाज पार्टी लोकदल और कांग्रेस से अधिक वोट मिल सकते हैं ,लेकिन वोटों के बंटवारे के कारण इसका फायदा परिणाम आने पर भाजपा को ही मिलेगा? क्योंकि किसानों की नाराजगी के कारण तृणमूल कांग्रेस के नहीं आने पर यह वोट समाजवादी पार्टी कांग्रेस बहुजन समाज पार्टी और लोकदल को मिलता ?बटवारा नहीं होता !

और विपक्ष किसानों की नाराजगी के कारण भा जा पा को मजबूत टक्कर देता हुआ दिखाई देता !

अब सवाल उठता है कि तृणमूल कांग्रेस उत्तर प्रदेश चुनाव में आकर क्या विपक्ष का खेल बिगाड़ेगी ?  या फिर सुश्री ममता बनर्जी उत्तर प्रदेश चुनाव में सारे विपक्ष को एकजुट कर भाजपा के खिलाफ चुनाव लड़ेगी ?  इसका अभी हमें इंतजार करना होगा !

Devendra Yadav
Sr. Journalist


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