राजस्थान कांग्रेस : गद्दार कौन? क्या आचार्य प्रमोद कृष्णन प्रियंका गांधी के दूत बनकर पायलट से मिले ?
राजस्थान में कॉन्ग्रेस के भीतर का घमासान थमने का नाम नहीं ले रहा है ताजा घटनाक्रम, कांग्रेस मैं गद्दार कौन ? शब्द रूपी तीर छोड़ने के बाद, एक बार फिर से कांग्रेस का घमासान घर से निकल कर सड़क और राजनीतिक गलियारों में आ गया है !
संकट की घड़ी में बहुजन समाज पार्टी छोड़ कर कांग्रेस में शामिल हुए विधायक सचिन पायलट समर्थक विधायकों पर कांग्रेस से गद्दारी करने का आरोप लगा रहे हैं वही सचिन पायलट समर्थक विधायक पत्रकारों के सामने आकर बता रहे हैं कि गद्दार कौन है ?
इसी बीच अचानक कांग्रेस के राष्ट्रीय नेता आचार्य प्रमोद कृष्णन का सचिन पायलट से आकर मिलना और उनसे लंबी मंत्रणा के बाद प्रदेश कॉन्ग्रेस की राजनीति में सस्पेंस पैदा हो गया !
आचार्य प्रमोद और सचिन पायलट की मुलाकात की सुर्ख़ियों पर आचार्य प्रमोद कृष्णन ने पत्रकारों के बीच आकर सफाई भी दी की उनकी पायलट से मुलाकात निजी मुलाकात है कोविड के बाद मैं पायलट से कुशल सेम पूछने आया था !
पायलट और आचार्य की मुलाकात को आचार्य प्रमोद कृष्णन भले ही निजी मुलाकात बता रहे हैं लेकिन, आचार्य और पायलट के बीच हुई मुलाकात राजस्थान कांग्रेस और कांग्रेस सरकार को लेकर गहरा और गंभीर सस्पेंस भी पैदा करता है !
गत दिनों के राजनीतिक घटनाक्रमों पर नजर डालें तो उत्तर प्रदेश जहां से आचार्य प्रमोद कृष्णन आते हैं वहां से कांग्रेस के बड़े युवा नेता जतिन प्रसाद कांग्रेस छोड़कर भा जा पा में शामिल हो गए हैं ! जतिन प्रसाद के कांग्रेस को छोड़कर भाजपा में शामिल होने के बाद से अटकलें लगाई जा रही थी कि ज्योतिरादित्य सिंधिया और जतिन प्रसाद के बाद अगला नेता सचिन पायलट होगा क्या ?
दरअसल इस हवा को बल इसलिए भी मिला था क्योंकि सचिन पायलट ने अपने पिता स्वर्गीय राजेश पायलट की पुण्य तिथि के अवसर पर प्रति वर्ष की तरह श्रद्धांजलि समारोह रखा था जिसे राजनीतिक गलियारों में पायलट का शक्ति परीक्षण समझा गया वही पेट्रोल और डीजल की महंगाई को लेकर राजधानी जयपुर में पायलट समर्थक कार्यकर्ताओं ने अलग से प्रदर्शन किया जिसमें पायलट ने भाग लिया था , श्रद्धांजलि समारोह और पेट्रोल और डीजल की महंगाई के विरोध के बाद पायलट अचानक दिल्ली प्रस्थान कर गए !
चर्चा यह थी कि पायलट दिल्ली में कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी श्रीमती प्रियंका गांधी और राहुल गांधी से मुलाकात करेंगे ! पायलट की नाराजगी को लेकर चर्चा यह भी थी कि राजस्थान कांग्रेस और सरकार के बीच चल रही नाराजगी को दूर करने के लिए एक बार फिर से श्रीमती प्रियंका गांधी अपना हस्तक्षेप करेंगी !
आचार्य प्रमोद कृष्णन की पायलट के साथ मुलाकात भले ही निजी मुलाकात हो लेकिन आचार्य प्रमोद कृष्णन श्रीमती प्रियंका गांधी के खास निजी राजनीतिक सलाहकार है इस समय है इसे बहुत कम लोग शायद जानते होंगे ? श्रीमती प्रियंका गांधी राष्ट्रीय महामंत्री होने के साथ उत्तर प्रदेश की प्रभारी भी हैं, और आचार्य प्रमोद आचार्य होने के बाद कांग्रेस के संजीदा नेता भी हैं और उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को कैसे मजबूत किया जाए इसमें आचार्य प्रमोद कृष्णन की महत्वपूर्ण रणनीतिक भूमिका है ! ऐसे में क्या यह समझा जाए की आचार्य प्रमोद कृष्णन श्रीमती प्रियंका गांधी के दूत बनकर सचिन पायलट से मिले हैं! यदि प्रियंका गांधी ने आचार्य प्रमोद कृष्णन को अपना दूध बना कर नाराज सचिन पायलट के पास भेजा है तो कांग्रेस के लिए यह एक अच्छा संदेश है क्योंकि अब से पहले कॉन्ग्रेस आलाकमान अपने नेताओं की नाराजगी को लेकर भ्रम में रहती थी क्योंकि जिन लोगों को स्थानीय नेताओं की नाराजगी को दूर करने के लिए लगाया जाता था वह नेता आलाकमान को कांग्रेस की जमीनी हकीकत से रूबरू नहीं करवा ते थे! शायद इसीलिए हाईकमान ने खासकर प्रियंका गांधी ने अपने खास राजनीतिक सलाहकार को पायलेट से मिलने पहुंचाया था ! इसका एक अर्थ यह भी निकलता है कि पायलट जिन मुद्दों को लेकर अपनी ही सरकार से नाराज चल रहे थे क्या पायलट ने मंत्रिमंडल विस्तार और राजनीतिक नियुक्तियों की अपनी लिस्ट प्रमोद कृष्णन के मार्फत प्रियंका गांधी को पहुंचाई है? यह अभी सस्पेंस है और यह सस्पेंस कब खत्म होगा इसका अभी इंतजार करना होगा !
![]() |
Devendra Yadav Sr. Journalist |
0 Comments:
Post a Comment
THANKS FOR COMMENTS