राजस्थान कांग्रेस : सियासी जुबानी जंग !
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के अपने अपने समर्थक विधायकों के बीच चल रही जुबानी जंग, "गद्दार कौन ? यह सस्पेंस अभी भी बरकरार है ,पता नहीं चल रहा है कि राजस्थान में कांग्रेस से गद्दारी कौन कर रहा है, लेकिन कांग्रेस की सियासत के बीच से आवाज तो उठ ही रही है कि गद्दार कौन ?
कितनी अजीब बात है राजनीति में वफादारी और गद्दारी के मायने कैसे बदलते हैं, इसे देखना हो तो
"पधारो म्हारे राजस्थान रे"
जिन विधायकों ने कांग्रेस के साथ वफादारी कर गद्दारी शब्द रूपी तीर छोड़ा था, इस तीर का सामना विधायकों ने कांग्रेस के साथ वफादारी दिखाई थी तब उन पर भी ऐसा ही आरोप लगा था, मगर उस समय वफादारी बड़ी थी इसलिए, नाराज कांग्रेस के विधायकों ने पलटवार नहीं किया था बल्कि इस का स्वागत किया !
लेकिन अब वफादारी और गद्दारी के मायने बदल गए ! वफादारी और गद्दारी दोनों का पाठ पढ़ाने वाले विधायकों की समस्या एक ही प्रकार की है ? कांग्रेस के प्रति वफादार विधायक और सत्ता के कार्यों से नाराज विधायक उपेक्षा और अपेक्षा 2 शब्दों के बीच में खड़े हुए हैं, और दोनों की मंशा एक ही है की वह अपने मिशन में कामयाब हो, दोनों का मिशन एक ही है और वह है सत्ता में भागीदारी, जो उन्हें वफादारी करने के बाद और नाराज होने के बाद भी नहीं मिल पा रही है !
क्योंकि दोनों का सामना राजनीति के चाणक्य जादूगर मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से हो रहा है, अशोक गहलोत ने वफादारी और गद्दारी करने वाले लोगों को बड़ी चतुराई के साथ एक साथ एक्सपोज कर दिया ! कोरोना महामारी के इस संकट के दौर में वफादार और नाराज नेताओं को जनता और सरकार के साथ खड़े होना था वह नेता अपने आपको सत्ता के मुकम्मल मुकाम पर खड़ा करने का प्रयास कर रहे हैं !
जबकि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सियासत की चिंता से दूर रहते हुए भरसक प्रयास कर रहे हैं की राजस्थान की जनता कोरोना महामारी से मुक्त हो जनता को किसी प्रकार की कोई समस्या नहीं आए !
राजस्थान की सियासत में गद्दार कौन ? शब्द तेर ही रहा था कि अब सोशल मीडिया के माध्यम से यह भी सुनाई देने लगा है कि कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने सचिन पायलट का मोबाइल नंबर ब्लॉक कर दिया है। यह खबर तब आई इससे पहले यह खबर आई थी कि कांग्रेस के बड़े नेता आचार्य प्रमोद कृष्णन सचिन पायलट से मुलाकात करने पहुंचे ! खबर इसलिए महत्वपूर्ण थी क्योंकि आचार्य प्रमोद कृष्णन कांग्रेस की राष्ट्रीय महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी के काफी नजदीक नेताओं में से एक हैं !
राहुल गांधी ने सचिन पायलट का मोबाइल नंबर ब्लॉक किया या नहीं इसकी पुष्टि तो अभी नहीं हो पाई है मगर आचार्य प्रमोद कृष्णन सचिन पायलट से मिले इसकी पुष्टि स्वयं आचार्य प्रमोद कृष्णन ने मीडिया के सामने आकर की थी !
जुबानी जंग के हवाले से खबर यह भी सुनाई दे रही है कि राहुल गांधी किसी नेता के दबाव में आकर कोई काम नहीं करेंगे, और ना ही दबाव में आकर राजस्थान में मंत्रिमंडल का फेरबदल होगा ? यह सब बातें जुबानी जंग की खबरें हैं जो इस वक्त सोशल मीडिया में तैरती दिखाई दे रही है, सच्चाई क्या है अभी उसका इंतजार करना होगा !
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Devendra Yadav Sr. Journalist |
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