क्या तीसरा मोर्चा बनने से पहले राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर राष्ट्रीय आंदोलन शुरू होगा ?
क्या 2024 में 2004 का इतिहास दोहराया जाएगा ?
@देवेन्द्र यादव,(Sr. Journalist)
गुरुवार 24 जून को भाजपा के कद्दावर नेता रहे यशवंत सिन्हा ने एक राष्ट्रीय न्यूज़ चैनल को दिए अपने छोटे से इंटरव्यू में बड़ी-बड़ी बातें बोल दी ! सबसे बड़ी बात यशवंत सिन्हा ने बोली की वर्तमान नरेंद्र मोदी सरकार भी 2004 की अटल बिहारी वाजपेई सरकार की तरह गलतियां कर रही है ? तो क्या यशवंत सिन्हा के बयान को यू समझा जाए कि 2024 में 2004 का इतिहास दोहराया जाएगा ? 2004 में भाजपा सरकार का शाइनिंग इंडिया कैसे हार गया इसकी कल्पना ना तो उस समय प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई कर रहे थे और ना ही उनके मंत्रिमंडल के सदस्य ! उस समय भी विपक्ष बिखरा हुआ था और कॉन्ग्रेस की हालत वर्तमान हालातों से भी बदतर थी, कांग्रेस की कमान निश्चित रूप से श्रीमती सोनिया गांधी के हाथों में थी और कांग्रेस पूरी तरह से सोनिया गांधी पर निर्भर थी! सोनिया गांधी पर भाजपाई नेता सहित अन्य नेता विदेशी होने का आरोप भी लगा रहे थे इन तमाम परिस्थितियों के बाद भी 2004 में भाजपा चुनाव हारी और कांग्रेस सबसे बड़ा दल बनकर सामने आया और सरकार कांग्रेस की बनी डॉ मनमोहन सिंह प्रधानमंत्री बने ! क्या 2004 में भा जा पा आर एस एस की उदासीनता और अटल बिहारी वाजपेई सरकार से नाराजगी के कारण चुनाव हारी थी ? यह बड़ा सवाल है लेकिन राजनीतिक गलियारों में भा ज पा की हार के बाद एक चर्चा यह भी सुनाई दी थी ! 2004 में अटल बिहारी वाजपेई सरकार के खिलाफ अंडर करंट था क्या जिसे तत्कालीन सरकार समझ नहीं पाई और उसने समय से पहले लोकसभा के आम चुनाव करवा लिए ! 2004 में कांग्रेस की स्थिति को देखते हुए लगता नहीं था, कि वह सरकार मैं आ जाएगी लेकिन देश ने भा ज पा के विकल्प के रूप में कांग्रेस को ही चुना था, क्या वैसी ही परिस्थितियां अब बनती हुई दिखाई दे रही है ? क्या 2024 में भाजपा का विकल्प कांग्रेस ही होगी ? कुछ ऐसे ही संकेत यशवंत सिन्हा भी दे रहे हैं उनका कहना है कि कांग्रेस को भाजपा सरकार के खिलाफ सारे विपक्ष को एकजुट करना चाहिए मतलब साफ है की तीसरा मोर्चा का अस्तित्व कांग्रेस के बगैर अधूरा है ? अब सवाल यह उठता है कि क्या देश में भाजपा सरकार के खिलाफ माहौल बनने लगा है यदि इसका आकलन भा ज पा शासित प्रदेशों और अन्य राज्यों में भा ज पा के अंदर चल रही उठापटक से देखें तो एक बार मन में विचार आता है की भाजपा के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है ?
अब सवाल उठता है कि क्या भाजपा सरकार के खिलाफ अंडर करंट है ? दिल्ली और पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की बात करें तो यह कहना कोई अतिशयोक्ति नहीं होगा की इन दोनों राज्यों में भाजपा के खिलाफ अंडर करंट था क्योंकि इन दोनों ही राज्यों में भाजपा पूरी दम लगाने के बाद भी चुनाव नहीं जीत पाई कुछ ऐसा ही बिहार विधानसभा चुनाव में भी हुआ था वहां भी भा ज पा अपनी सरकार बनाने में नाकाम रही !
देश के राजनीतिक पंडित और विश्लेषक उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनावों को 2024 का सेमी फाइनल मान रहे हैं !
क्योंकि संसद में अकेले उत्तर प्रदेश से 80 लोकसभा की सीटें आती हैं, वर्तमान में उत्तर प्रदेश के अंदर भाजपा की सरकार है और लोकसभा में भी भाजपा के पास खासी सीट हैं !
पिछले दिनों से उत्तर प्रदेश भाजपा के अंदर योगी सरकार को लेकर काफी उठापटक चली जो अंदर खाने अभी भी बरकरार है, इस उठापटक का आगामी विधानसभा चुनाव में क्या असर होगा इसका अभी इंतजार करना होगा !
भाजपा के अंदर उठापटक अकेले उत्तर प्रदेश मैं ही दिखाई नहीं दे रही है बल्कि ऐसी उठापटक राजस्थान उत्तराखंड कर्नाटक और गुजरात में भी दिखाई दे रही है, क्या यशवंत सिन्हा इसे समझ कर ही बोल रहे हैं कि जो गलती 2004 में भाजपा ने की थी क्या वही गलती भाजपा करने जा रही है !
एक सवाल और उठ रहा है की देश में भाजपा सरकार के खिलाफ 2024 में मजबूत तीसरा मोर्चा खड़ा करने से पहले विपक्ष को भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन खड़ा करना पड़ेगा ? क्या राष्ट्रीय मंच उसकी अगवानी करेगा ? इसका हमें अभी इंतजार करना होगा ?
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