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Thursday, June 10, 2021

6/10/2021 10:14:00 AM
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जग हंसाई किसे कहेंगे ? राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव या जतिन प्रसाद का भाजपा में शामिल होना !



 गत दिनों कॉन्ग्रेस वर्किंग कमिटी की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को लेकर चर्चा हुई तब कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने सुझाव दिया की कोरोना महामारी के दूसरे दौर मैं यदि कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कराती है तो लोग इस पर हसेंगे क्योंकि देश में कोरोना महामारी अपना रूद्र रूप दिखा रही है !  वरिष्ठ और कद्दावर नेता की इस बात का अन्य नेताओं ने समवेत स्वर में समर्थन किया और कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कुछ समय के लिए टाल दिया गया ! शायद कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव  कोरोना कॉल मैं टा ल कर जग हंसाई से बच गई ?  मगर 9  जून बुधवार को उत्तर प्रदेश कांग्रेस के बड़े नेता जतिन प्रसाद के कॉन्ग्रेस को छोड़कर भा जा पा का दामन थाम लेने पर कांग्रेस के नेता इस जग हंसाई को नहीं रोक पाए !

 टीवी चैनलों पर ज्यादातर राजनीतिक विश्लेषक यही बात कहते नजर आए की देश की सबसे पुरानी पार्टी अपने कुनबे को  संभाल कर रखने में नाकामयाब नजर आ रही है क्योंकि  पार्टी के नेता अभी तक राष्ट्रीय अध्यक्ष का चयन नहीं कर पा रहे हैं !

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव लंबे समय से लंबित पड़ा हुआ है कभी राज्यों के चुनाव के कारण तो कभी कोरोना महामारी के प्रकोप के कारण पार्टी अध्यक्ष के चुनाव को डालती रही है अब देश में कोरोना महामारी का दूसरा दौर ढलान पर है ऐसे में कांग्रेस राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की प्रक्रिया शुरू करेगी या फिर उत्तर प्रदेश सहित पंजाब और उत्तराखंड में होने वाले विधानसभा चुनावों के बाद कांग्रेस अपने राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव कराएगी ?

क्योंकि कांग्रेस के सुविधा भोगी  रणनीतिकारों के सामने राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव को ताल ने के लिए उत्तर प्रदेश का विधानसभा  चुनाव एक सुनहरा अवसर है !

 राहुल गांधी के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद से इस्तीफा देने के बाद यदि कांग्रेस के नफा और नुकसान की बात करें तो कांग्रेस ने मध्य प्रदेश जैसा बड़ा राज्य अपनी सरकार रहते हुए खोया है, मध्य प्रदेश के कद्दावर नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने कांग्रेस को छोड़कर भाजपा का दामन पकड़ा था,  उस दौर में कमोबेश ऐसी ही स्थिति राजस्थान के अंदर भी बन गई थी जब लगने लगा था कि सचिन पायलट भी कांग्रेस को छोड़कर भाजपा के साथ मिलकर राज्य में सरकार बना लेंगे लेकिन समय रहते कांग्रेस ने प्रियंका गांधी के दखल से कांग्रेस की सरकार को बचा लिया, लेकिन खतरा अभी भी  बरकरार है क्योंकि सचिन पायलट अभी भी खुश नजर नहीं आ रहे हैं बल्कि पायलट अपने आप को ठगा सा महसूस कर रहे हैं ! पंजाब के भीतर भी कमोबेश ऐसा ही नजारा दिखाई दे रहा है जहां कैप्टन अमरिंदर सिंह से नवजोत सिंह सिद्धू जैसे नेता नाराज चल रहे हैं !

 कांग्रेस का स्थाई अध्यक्ष नहीं होने से कांग्रेस को हो रहे नुकसान की बात करें तो गत दिनों जिन पांच राज्यों में चुनाव हुए थे उनमें से दो राज्य केरल और असम ऐसे राज्य थे जहां कांग्रेस अपनी सरकार बना सकती थी और पश्चिम बंगाल तमिल नाडु में अच्छा प्रदर्शन कर सकती थी लेकिन पश्चिम बंगाल में कांग्रेस का पूरी तरह से सफाया हो गया वही पांडुचेरी में कांग्रेस ने अपनी सरकार को खो दिया !

मैं अपनी नजर से राजनीतिक विश्लेषण करूं तो  कुछ राज्यों के क्षत्रप अपनी राजनीतिक हैसियत को बचाने के लिए कांग्रेस का बड़ा नुकसान करने में लगे हुए !

 राजस्थान और पंजाब यह वह राज्य हैं जहां कांग्रेस के भीतर अभी भी अंदरुनी खतरा बरकरार!  मध्य प्रदेश और हरियाणा में कांग्रेस अपनी सरकार गंवाने और सरकार नहीं बनी इसकी वजह छत्रप की अपनी महत्वाकांक्षा ही है।  छत्रप की यही महत्वाकांक्षा कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के चुनाव को बार-बार  निरस्त करते हुए नजर आ रहे हैं !  अब जबकि कोरोना महामारी की चाल धीमे पड़ती जा रही है ऐसे में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव की चाल तेज होगी या नहीं इसका अभी इंतजार करना होगा !

देवेंद्र यादव
वरिष्ठ पत्रकार


 

2 Comments:

  1. शानदार देवेंद्र जी

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  2. शानदार देवेंद्र जी

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THANKS FOR COMMENTS