जो डर गए, वह मर गए। डरो मत, लड़ो और जीतो ?
गत दिनों यह डायलॉग पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री सुश्री ममता बनर्जी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को सीधे ललकार ते हुए बोले थे !
ममता बनर्जी ने डायलॉग बोलते हुए अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों विपक्ष के नेताओं से भी आह्वान किया था की डरे नहीं बल्कि मुकाबला करें और जीते !
ममता बनर्जी के इस आह्वान से विपक्ष और विपक्षी राज्य के मुख्यमंत्रियों ने सीख ली या नहीं इसका अभी पता नहीं चला है लेकिन भाजपा शासित उत्तर प्रदेश से जो सुर्खियां और अटकलें सुनाई दे रही हैं और नजर आ रही हैं उससे लगता है कि ममता बनर्जी की सीख शायद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भा गई है ! गत दिनों पश्चिम बंगाल के राजनीतिक गलियारों से सुनने में आया कि पश्चिम बंगाल सरकार ने कोरोना महामारी के टीकाकरण के सर्टिफिकेट से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोटो हटा कर ममता बनर्जी का फोटो लगा दिया है ।
कुछ ऐसी ही खबर उत्तर प्रदेश से दूसरे रूप में देखने को और सुनने को मिल रही है कि नमामि गंगा मिशन के पोस्टर से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोटो हटा दिया गया है !
क्या योगी आदित्यनाथ भी मोदी से ममता बनर्जी की तर्ज पर टकराने का मन बना रहे हैं ?
क्योंकि राजनीतिक गलियारों में सुर्खियां है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी योगी आदित्यनाथ से नाराज हैं अटकलें यह भी लगाई जा रही है कि उत्तर प्रदेश में नेतृत्व बदलाव की आशंका भी दिखाई दे रही है ! उत्तर प्रदेश में पहले अपनी पसंद का राज्यपाल श्रीमती आनंदीबेन को नियुक्त करना उसके बाद अपने पसंदीदा आला अधिकारी को सेवानिवृत्त करा कर उत्तर प्रदेश भेजना और एमएलसी बनाना ! और अब चर्चा है कि भारतीय प्रशासनिक सेवा के आला अधिकारी ए.के. शर्मा जी को उत्तर प्रदेश सरकार में बड़ी जिम्मेदारी देने की कवायद भी ऊपर से चल रही है !
सुर्खियां उत्तर प्रदेश से बंद लिफाफे की भी सुनाई दे रही हैं! क्या इस बंद लिफाफे में एके शर्मा का नाम है जिसे राज्यपाल के मार्फत नियुक्ति के रूप में पेश किया जाएगा ?
1 साल के भीतर देश ने 3 अलग-अलग राज्यों में आला अधिकारियों के नाम पर उन प्रदेशों में राजनीतिक बवंडर आते हुए देखा !
पहला राजनीतिक बवंडर बिहार में आया जब बिहार के डीजीपी गुप्तेश्वर पांडे ने वीएसआर लिया और अटकलें लगने लगी कि पांडे जी बिहार के बक्सर विधानसभा क्षेत्र से जेडीयू पार्टी से चुनाव लड़ेंगे। बिहार चुनाव से पहले और बिहार चुनाव के समय पांडे जी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का केंद्र रहे !
हाल ही में पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजों के बाद बंगाल के मुख्य सचिव अल्पन मुखोपाध्याय ने भी राजनीतिक गलियारों में खूब सुर्खियां बटोरी, सुर्खियां इसलिए क्योंकि उन्हें एक घटनाक्रम के बाद दिल्ली सरकार ने पश्चिम बंगाल से दिल्ली तलब किया लेकिन वह दिल्ली नहीं गए और उन्होंने अपने पद से इस्तीफा दे दिया इस्तीफे के बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उन्हें अपना प्रमुख सलाहकार नियुक्त करवा लिया यहीं से पश्चिम बंगाल में राजनीतिक तूफान उठा और उसी तूफान के बाद ममता बनर्जी ने फिल्मी डायलॉग बोले !
बिहार और पश्चिम बंगाल के बाद तीसरा नाम उत्तर प्रदेश से निकल कर आया आजकल उस नाम ने उत्तर प्रदेश की राजनीति को गर्म कर रखा है, और वह नाम अरविंद कुमार शर्मा का है, जिस नाम के कारण उत्तर प्रदेश की राजनीति इन दिनों पश्चिम बंगाल की राजनीति से कहीं ज्यादा गर्म दिखाई दे रही है ! आने वाले दिनों में उत्तर प्रदेश की राजनीति क्या करवट लेती है अभी इसका हमें इंतजार करना होगा ! उत्तर प्रदेश की राजनीति और राजनीतिक घटनाक्रम इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं क्योंकि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, और कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी दोनों उत्तर प्रदेश से ही संसद में आते हैं !
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Devendra Yadav Sr. Journalist |
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