क्या किसान आंदोलन जन आंदोलन बनेगा ? क्या मोदी को मन की बात की जगह अब जन की बात करनी होगी ? @Devendra Yadav
किसान आंदोलन के 7 महीने और केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के 7 साल, सवाल खड़े करता है कि क्या किसान आंदोलन जन आंदोलन मैं तब्दील होगा ? क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात करने की जगह अब जन की बात सुनेंगे और क्या जन की बात करेंगे ?
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव और कोरोना महामारी के बढ़ते प्रकोप के कारण किसान आंदोलन लंबे समय से सुर्ख़ियों से ओझल हो गया था वह अब वापस से चर्चा में दिखाई देने लगा है ! मीडिया के गलियारों में लगने लगा था कि किसान आंदोलन ठंडा पड़ गया है, और शायद किसान आंदोलन में दम तोड़ दिया है लेकिन अचानक से किसान आंदोलन वापस से पहले जैसी रंगत के साथ एक बार फिर से प्रकट होने लगा है और मीडिया में भी इस पर वापस से चर्चा होने लगी है ! किसान आंदोलन के हीरो राकेश टिकैत एक बार फिर से सक्रिय नजर आने लगे हैं !
किसानों की फौज धीरे धीरे दिल्ली बॉर्डर ओं पर पहले की तरह जुटने लगी है ! पश्चिम बंगाल में भाजपा की हार के बाद किसान नेता राकेश टिकैत के हौसले और बुलंद हो गए हैं और अब वह केंद्र सरकार को सीधी चुनौती दे रहे हैं की यदि सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस नहीं लिए तो उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में भी किसान भाजपा के खिलाफ प्रचार करेंगे और दोनों ही राज्यों में पश्चिम बंगाल की तरह भा जा पा को हर आएंगे यही नहीं राकेश टिकैत का कहना है कि किसान आंदोलन 2024 तक चलेगा यदि सरकार ने किसानों की बात नहीं मानी तो ?
राकेश टिकैत के बयान पर यदि गौर करें तो उनका कहना है कि उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड विधानसभा चुनाव मैं किसानों की समस्या के साथ-साथ वह कोरोना महामारी बेरोजगारी और महंगाई के मुद्दों को भी जनता के बीच उठाएंगे ? उनके बयान से लगता है कि क्या किसान आंदोलन जन आंदोलन बनेगा इसका अभी इंतजार करना होगा !
दूसरा सवाल क्या मोदी मन की बात से ऊपर उठकर अब जन की बात करने के मूड में आ गए हैं ?
24 जून को जम्मू कश्मीर को लेकर केंद्र सरकार ने जम्मू कश्मीर के प्रमुख नेताओं के साथ सर्वदलीय बैठक कर शायद यही संदेश दिया है क्योंकि बैठक प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई थी ! इस बैठक के बाद सवाल खड़ा हुआ कि क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किसानों के साथ भी उनकी समस्याओं को लेकर बैठक करेंगे ? हालांकि केंद्र सरकार किसानों के साथ 11 दौर की बैठक कर चुके हैं, बैठक बेनतीजा रही वह बात अलग है, लेकिन सरकार ने किसानों के साथ वार्ता की यह सच्चाई है !
जीएसटी को लेकर सरकार ने व्यापारियों से भी वार्ता की थी !
और समय-समय पर जीएसटी काउंसिल की बैठक भी होती है !
सवाल पेट्रोल डीजल और गैस की महंगाई को लेकर है क्या मोदी जन की बात सुनकर पेट्रोल डीजल और गैस को जीएसटी के दायरे में लाने के लिए कदम उठाएंगे ? जन की बात के मुद्दे बेरोजगारी भी है हालांकि बेरोजगारी के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अनेक बेहतरीन कदम उठाए भी हैं, स्किल इंडिया स्टार्टअप इंडिया और मुद्रा लोन जैसी योजनाएं बेरोजगारों के लिए ही नरेंद्र मोदी सरकार ने बनाई है जिसका लाभ भी बेरोजगार उठा रहे हैं ! किसान सम्मान निधि उज्जवला योजना और जरूरतमंदों को मुफ्त अनाज की योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बड़ी जन योजना में शुमार है जिसका लाभ जरूरतमंद उठा भी रहे हैं ! प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मन की बात के साथ-साथ जन की बात भी करते दिखाई दे रहे हैं इसमें कोई अतिशयोक्ति नहीं है !
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