संसद का मानसून सत्र 2021' हंगामे के बीच जनता के दबते मुद्दे !
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Parliyament of india |
#Devendra Yadav
संसद का दूसरा सप्ताह भी हंगामे के बीच समाप्त हो ही गया !
24 जुलाई को मैंने अपने ब्लॉग में आशंका व्यक्त की थी की इस बार के मानसून सत्र मैं पेगासस जासूसी कांड, बाकी तमाम मुद्दों को अपने साथ बहा कर ले जाएगा क्या यह मानसून सत्र भी कोरोना महामारी की भेंट चढ़ जाएगा क्या ? संसद के सत्र के प्रारंभिक दिनों में विपक्ष ने पुरजोर के साथ पेगासस जासूसी कांड को उठाया साथ में विपक्ष ने तीन कृषि कानून और अन्य मुद्दों को भी साथ में उठाया मगर धीरे धीरे पेगासस के सामने अन्य मुद्दे गोन होते चले गए, और विपक्ष की तरफ से पेगासस मुद्दा ही प्रमुख मुद्दा बन गया !
एक बार फिर से यह सवाल खड़ा हो गया एक की क्या मानसून सत्र मैं बाकी तमाम मुद्दों को पेगासस जासूसी कांड अपने साथ बहा आकर ले जाएगा , या फिर संसद का मानसून सत्र कोरोना महामारी के तीसरे चरण की भेंट चढ जाएगा ?
अभी आशंका दोनों ही प्रकार की यथावत बनी हुई हैं ! जहां एक तरफ विपक्ष पेगासस मामले की जांच और संसद में बहस कराने के लिए जुटा हुआ है, वही दूसरी तरफ देश में कोरोना महामारी की तीसरी लहर ने दस्तक दे दी है एक बार फिर से कोरोना महामारी के मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है !
जनता से सरोकार रखने वाले मुद्दे महंगाई बेरोजगारी डीजल और पेट्रोल के बढ़ते दाम और कोरोना महामारी किसान आंदोलन जैसे मुद्दे अभी भी संसद से नदारद नजर आ रहे हैं।
क्योंकि विपक्षी दल पेगासस मामले में सरकार को कैसे घेरे इस पर रणनीति बनाते हुए दिखाई दे रहा है !
संसद सत्र के प्रारंभ में ही विपक्ष को सत्ता पक्ष ने कोरोना महामारी के दूसरे चरण में ऑक्सीजन की कमी से कोई मौत नहीं होने का मुद्दा दे दिया था मगर विपक्ष ने उस मुद्दे को अपने हाथ से जाने दिया जबकि केंद्र की स्वास्थ्य राज्यमंत्री के बयान के बाद सारे देश ने ऑक्सीजन की कमी से किसी भी व्यक्ति की मौत नहीं हुई वाले बयान की आलोचना की थी और देश की जनता जिन्होंने ऑक्सीजन की कमी के कारण मौत देखी थी, वह जनता भाजपा सरकार पर अंगुलियां उठाने लगी थी मगर विपक्ष ने संसद के भीतर इस मुद्दे पर सरकार से माकूल जवाब नहीं मांगा बल्कि विपक्ष पेगासस जासूसी मामले पर संसद के भीतर चर्चा कराने की मांग पर डटा रहा ! अभी भी जनता की नजर संसद के भीतर उठने वाले उन मुद्दों पर है जो जनता से सरोकार रखते हैं मसलन महंगाई बेरोजगारी कोरोना महामारी किसान आंदोलन आदि, विपक्ष की नजर इस समय जनता की नजर से एकदम भिन्न है विपक्ष की नजर पेगासस जासूसी मामले पर है ! विपक्षी नेताओं का कहना पेगासस मामला देश के लोकतंत्र से जुड़ा हुआ है इसलिए पेगासस मुद्दा विपक्ष के लिए अन्य मुद्दों से कहीं अधिक बड़ा है ! एक तरफ विपक्ष पेगासस मामले को लेकर संसद के अंदर रणनीति बना रहा है तो वहीं सरकार संसद में बिल कैसे पास कराए जाएं इसको लेकर रणनीति बना रहा है, जबकि जनता महंगाई और बेरोजगारी जैसी समस्याओं से परेशान दिखाई दे रही है !
कोरोना महामारी के दूसरे दोर के दंश से देश अभी पूरी तरह से उभरा भी नहीं था कि जनता को कोरोना महामारी के तीसरे चरण की चिंता सताने लगी है ! दूसरे चरण में जनता ने कोरोना महामारी के कारण जान और माल दोनों को खोया था, अब जनता के पास जेब में माल नहीं बचा है ऐसे मे कोरोना महामारी को लेकर जनता चिंतित नजर आ रही है ! एक तरफ जनता की चिंता और दूसरी तरफ संसद के अंदर विपक्षी दलों का हंगामा संसद सत्र से जनता को क्या मिलेगा इस पर जनता की नजर है इसका इंतजार करना होगा ?
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Devendra Yadav Sr. Journalist |
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