विधानसभा चुनाव 2022, नेता और केडर की परीक्षा का होगा क्या ?
2022 में देश के 5 राज्यों में विधानसभा के चुनाव संपन्न होने हैं जिसकी तारीख का ऐलान अभी नहीं हुआ है क्योंकि अभी 6 महीने का वक्त बाकी है, लेकिन राजनैतिक दलों ने अपनी अपनी चुनावी बिसात बिछा नी शुरू कर दी है और राजनीतिक विश्लेषक और राजनीतिक पंडित भी अपना अपना विश्लेषण करने के लिए तैयार हो चुके हैं !
2022 के विधानसभा चुनाव खास होंगे, यह अनुमान विश्लेषक राजनीतिक पंडित और राजनीतिक दल सहित जनता भी लगा रही है ! इस चुनाव में सबकी नजर उत्तर प्रदेश के विधानसभा चुनाव पर होगी! क्योंकि उत्तर प्रदेश राजनीतिक कारणों से महत्वपूर्ण राज्य है ! अकेले उत्तर प्रदेश से लोकसभा में 80 सांसद हैं ! वर्तमान संसद में 80 में से तेतर सांसद अकेले भाजपा के पास है! उत्तर प्रदेश में इस समय भाजपा की सरकार है ! 2017 मैं भाजपा ने प्रचंड बहुमत के साथ उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार बनाई थी और 2019 के लोकसभा चुनाव में भाजपा ने 80 में से 73 लोकसभा की सीट जीती थी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी लगातार दूसरी बार उत्तर प्रदेश के बनारस लोकसभा क्षेत्र से सांसद बने हैं, इसी लिए सबकी नजर 2022 के विधानसभा चुनावों में उत्तर प्रदेश पर रहेगी !
सवाल यह है कि क्या 2022 में होने वाले पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में नेता और केडर के जनाधार की परीक्षा होगी ? गत दिनों उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर डालें तो क्या यह चुनाव प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के लिए परीक्षा की घड़ी होगा?
इस सवाल का विश्लेषण करने से पहले उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड में हुए भाजपा के राजनीतिक घटनाक्रम पर नजर डालनी होगी ?
गत दिनों उत्तर प्रदेश में नेतृत्व को लेकर भाजपा के अंदर बड़ी उठापटक चली एक समय लगा था कि पार्टी हाईकमान उत्तर प्रदेश के नेतृत्व को बदलने की तैयारी में है मगर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दखल के चलते उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री आदित्यनाथ योगी बरकरार रहे बल्कि खबरें यह भी आने लगी है कि आगामी विधानसभा चुनाव में योगी ही भा जा पा के प्रमुख चेहरा होंगे ? राजनीतिक गलियारों से खबरें तो यह भी आ रही है कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की कमान आर एस एस ने अपने हाथों में ले ली है !
अब बात करें उत्तराखंड की जहां तीरथ सिंह रावत को मुख्यमंत्री के पद से हटाकर भाजपा ने अपने दो बार के विधायक पुष्कर सिंह धीमा को मुख्यमंत्री बनाया है !
भाजपा हाईकमान को उत्तराखंड में अपना मुख्यमंत्री बदलने में कोई टाइम नहीं लगा और ना ही उत्तर प्रदेश की तरह कोई विवाद खड़ा हुआ ! हाईकमान ने अपनी पसंद का मुख्यमंत्री बनाया !
क्या उत्तराखंड विधानसभा चुनाव की कमान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के हाथों में होगी ?
2014 के बाद से देश में एक सवाल निरंतर गूंजता आ रहा है की " मोदी है तो मुमकिन है "
2014 के बाद भाजपा को जितनी भी चुनावी जीत मिली उसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को मिला ! क्या इस बार यह भ्रम टूटेगा और क्या इसी भ्रम को तोड़ने के लिए उत्तर प्रदेश में आर एस एस चुनाव की कमान अपने हाथ में ले रही है ? क्योंकि भाजपा जब भी कोई चुनाव जीतती है तो उसकी क्रेडिट भाजपा और आर एस एस के के डर को नहीं मिलती बल्कि क्रेडिट प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह को मिलती है !
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Devender Yadav Sr. Journalist |
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