Hand-Picked/Weekly News

Travel
Friday, July 16, 2021

7/16/2021 08:50:00 AM

हाली लग बंधुआ मजदूरी करनेवाले पीडितों ने एसडीएम को सुनाई अत्याचार की फरियाद, 

एसडीएम किशनगंज ने जांच कर कारवाई करने का भरोसा दिया 

बंधुआ मजदूर बनने की मजबूरी

एसडीएम के सामने फरियाद सुनाते हुए पीडित पक्ष


-Tikam Shakya-


वैसे तो भारत देश में बंधुआ मजदूरी अधिनियम 1975 बनाकर भारत सरकार ने भारत देश को बंधुआ मजदूरी से मुक्त करने की घोषणा कर दी थी लेकिन देश के कई हिस्सों में आज भी बंधुआ मजदूरी करवाई जाती है। अधिनियम में तमाम परिभाषाओं के बावजूद डीएम व एसडीएम अपनी मनमर्जी से इस प्रकार की फरियादी के द्वारा की गई फरियाद की विवेचना करते हैं। जमीनी हकीकत को भी नजरअंदाज करते हुए कार्यवाही करते हैं। जबकि अधिनियम में मुकदमा दर्ज कर कारवाई व पीडितों की सुरक्षा व पुनर्वास करने का प्रावधान है। इसी संदर्भ की रिपोर्ट पीडितों ने एसडीएम किशनगंज के सामने पेश होकर दी है।  

जिसमें लिखा है कि प्रार्थीगण नाहरगढ पुलिस थाना क्षैत्र के अहमदी गांव के रहने वाले है। करीब दो माह पूर्व हम अपनी रोजी रोटी के लिए धनराज नागर निवासी अचरावन तहसील अटरू के यहां हाली का काम करते थे। वहां से हिसाब चुकता कर पास के ही गांव करजूना में अध्यापक गिर्राज नागर के यहां हाली का काम करने के लिए लिखा पढी करके काम करने लगे थे। जिसकी एवज मे हम प्रार्थीगण भूरा पुत्र लल्ली जाति सहरिया निवासी अहमदी पुलिस थाना नाहरगढ ने 1,00,000/- रूपये नकद एडावान्स काम के बदले लिए था तथा रामलखन पुत्र सोमालाल जाति सहरिया निवासी अहमदी पुलिस थाना नाहरगढ ने 80,000/- रूपये एडावान्स हाली के काम के पेटे लिए थे। ओर इसके बाद प्रार्थीगण अध्यापक गिर्राज नागर के यहां घर से खेत तक सुबह 4.00 बजे से रात के 8.00 बजे तक सभी प्रकार के काम करते थे। बीच लॉकडाउन में जब हम बीमार पडे तो हमें चिकित्सक के पास जाने तक की छुट्टी दी। ओर न ही अध्यापक गिर्राज हमे चिकित्सक के पास इलाज के लिए ले गया। रोजाना का रूटीन सुबह 4.00 बजे जाना ओर रात 8.00 बजे काम कर वापस गांव अचरवान लोट आते थे। चोरी छीपे स्वयं ने अपना इलाज करवाया। अभी एक सप्ताह पूर्व जब हम अध्यापक गिर्राज के घर पर लहसून काटने का काम कर रहे थे। वहां अचानक एक बन्दर आ गया। तो हमारे मालिक गिर्राज नागर अध्यापक ने बंदर नही भगाने की बात को लेकर हमारे साथ लात घंूसो से मारपीट की। 

गुंडों के साथ अहमदी गांव आकर भी धमकाया


इस मारपीट के बाद हम शाम को अचरावन चले गए। इसके बाद भय के कारण हम दोनों प्रार्थीगण सुबह 4.00 बजे ही पुश्तैनी गांव अहमदी पुलिस थाना नाहरगढ आ गए। इसके बाद दुसरे दिन जब हम गिर्राज नागर के घर काम करने नही गए तो गिर्राज नागर एक सफेद जीप व मोटरसाइकिलो से 10-11 साथियों के साथ हॉकी स्टीक व लकडी के डण्डे लेकर लेकर अमदी गांव में प्रार्थी भूरालाल के घर आया। ओर पैसों का तकाजा करने लगा। 

अहमदी गांव से मोटरसाइकिल भी छीन कर ले गया

गिर्राज नागर व उसके साथियों ने प्रार्थी भूरालाल के साथ धक्का मुक्की की अपने साथ लाए जीप मे खींचकर पटकने का प्रयास किया। इस दोरान प्रार्थी भूरालाल अपनी जान बचाकर भाग निकला। गिर्राज नागर अध्यापक व उसके साथ मेरे घर पर खडी मेरे स्वामित्व की मोटरसाइकिल स्पलेण्डर स्मार्ट 110 रजि. नं. आरजे 28 एस.एस 0940 कलर नीला जिसको अपने साथ ले गए। 

घर गांव छोडऩे की धमकी

करीबन एक सप्ताह से हम लोग चारी छीपे रहने को मजबुर है। घर पर नही जा रहे है। आए दिन गिर्राज नागर के साथ मोटरसाइकिलों से घर पर आकर बीबी बच्चों व बडे भाई को धमकाते है तथा उठाकर ले जाने की धमकी देते है। गिर्राज नागर का साथी पुरूषोतम नागर पुत्र बाबू निवासी ख्यावदा रोज प्रार्थी के बीबी बच्चों के पास रात को आकर धमकाता है। ओर कहता है कि तुम अपना घर किसी ओर गांव मे बसालों हमे नजर मत आना तुम्हे नही रहने दूंगा। 

इसी बीच प्रार्थी के अचरावन गांव मे बाबूलाल कुम्हार के मकान में ले रखे किराये के कमरे का ताला तोड़कर कमरे में रखे पांच बोरी गेंहू, 3 पलंग छोटी कलर टीवी, दो पंखे व गैस चुल्हा, गैस सिलेण्डर निकालकर ले गए है। 

पीडितों के किराए के कमरे का ताला भी तोडा ओर सामान भी ले गया

प्रार्थीगण अब अपने निजी गांव में भी नही रह पा रहे है। प्रार्थीगण को गिर्राज नागर व उसके साथियों से जान माल का खतरा बना हुआ है। जिन्दगी भय के साये मे गुजारने को मजबुर है। बीवी बच्चचे आतंक के साये मे जीने को मजबुर है तथा गिर्राज नागर व उसके साथियों के डर से अपने स्वयं के घरों को छोड़कर रिश्तेदारों के घरों मे रात बिताने को मजबुर है। 

पीडितों ने प्रार्थना पत्र पेश कर निवेदन है किया है कि प्रार्थीगण के परिवार के सदस्यों व प्रार्थीगण की जान माल की सुरक्षा तथा भय मुक्त वातावरण मे जीने व रहने की व्यवस्था करते हुए आरोपियों के विरूद्ध उचित कानूनी कार्यवाही कर पीडितों के कमरों से ताले तोड़कर ले जाए गए सामानों तथा राशन का गेंहू व अहमदी गांव से जबरने छीनकर ले जायी गई मोटर साईकिल को जब्त कर प्रार्थी को सोंपने की कृपा करते हुए प्रार्थीगण को न्याय दिलाने की कृपा करे। श्रीमान प्रार्थीगण के पुर्नवास करवाने की कृपा करे। आपसे प्रार्थीगण व उनके परीजनों को न्याय की उम्मीद है। 

अब देखना यह है कि प्रशासन पीडितों की सुरक्षा व कारवाई किस तरह से करता है।

0 Comments:

Post a Comment

THANKS FOR COMMENTS