पंजाब कांग्रेस का घमासान, क्या कैप्टन का दलित कार्ड सिद्धू के लिए भारी पड़ेगा ?
गत दिनों पंजाब कांग्रेस के नाराज नेता नवजोत सिंह सिद्धू की श्रीमती प्रियंका गांधी और राहुल गांधी से हुई मुलाकात राजनीतिक गलियारों में सुर्खियां बनी थी !
गांधी परिवार से हुई मुलाकात के बाद अटकलें लगने लगी की जल्दी ही नवजोत सिंह सिद्धू को पार्टी पंजाब में बड़ी जिम्मेदारी देगी ! सिद्धू को जिम्मेदारी के नाम पर बड़ी अटकल यह थी कि उन्हें पंजाब कांग्रेस का अध्यक्ष या उपमुख्यमंत्री बनाया जा सकता है!
नवजोत सिंह सिद्धू की प्रियंका गांधी और राहुल गांधी से हुई मुलाकात को चंद दिन ही गुजरे हैं और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने 6 जुलाई मंगलवार को कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी से मुलाकात की ! कैप्टन अमरिंदर सिंह की सोनिया गांधी से मुलाकात पंजाब के नाराज कांग्रेसी नेताओं के लिए " सौ सुनार की एक लोहार की कहावत से कम नहीं है ? यह इसलिए क्योंकि नवजोत सिंह सिद्धू को प्रियंका गांधी और राहुल गांधी से मिलने में 2 दिन का वक्त लगा जबकि कैप्टन अमरिंदर सिंह चंद घंटों में श्रीमती सोनिया गांधी सहित श्रीमती प्रियंका गांधी और राहुल गांधी से एक साथ मिलकर अपनी बात रख कर चले गए !
कैप्टन अमरिंदर सिंह और श्रीमती सोनिया गांधी की मुलाकात के बाद 10 जनपद के गलियारों से दबी जुबान यह खबर निकल कर आ रही है कि 2022 के विधानसभा चुनाव से पहले किसी दलित नेता को पंजाब कांग्रेस मैं बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है ! बड़ी जिम्मेदारी का मतलब क्या पंजाब कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष किसी दलित नेता को बनाया जा सकता है ? पंजाब कॉन्ग्रेस में दलित नेता को बड़ी जिम्मेदारी देने के मायने यह है कि पंजाब के अंदर दलित आबादी करीब 35% है ! यदि इस संबंध में कैप्टन अमरिंदर सिंह की श्रीमती सोनिया गांधी से बात हुई है तो इसके पीछे एक दलित नेता को पंजाब कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाना जरूरी इसलिए है क्योंकि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को मध्य नजर रखते हुए बहुजन समाज पार्टी और अकाली दल ने चुनावी गठबंधन किया है इस नए गठबंधन के कारण कांग्रेस को प्रदेश में दलित वोटों का नुकसान हो सकता है इसका फायदा कांग्रेस को तब मिल सकता है जब प्रदेश में किसी दलित नेता को बड़ी जिम्मेदारी मिले! और शायद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने श्रीमती सोनिया गांधी को यही दलील दी होगी ?
क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह ने दलित कार्ड खेल कर एक तीर से दो निशाने साध लिए हैं एक नवजोत सिंह सिद्धू को लेकर अटकलें लग रही थी कि सिद्धू पंजाब कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बन सकते हैं उस पर विराम लग जाएगा दूसरा अकाली दल जो बहुजन समाज पार्टी से समझौता कर दलित वोट हासिल करना चाहता था उस पर भी किसी हद तक विराम लग जाएगा !
मौजूदा वक्त में पंजाब के अंदर कांग्रेस की स्थिति खराब नहीं है यदि कांग्रेस की पंजाब में स्थिति खराब है तो वह उसकी अपनी आंतरिक स्थिति खराब है ! 2022 में कांग्रेस लगातार सत्ता में आएगी यह फार्मूला कैप्टन अमरिंदर सिंह के पास मौजूद होगा और इसी फार्मूले पर कैप्टन ने श्रीमती सोनिया गांधी राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ बैठकर चर्चा की होगी ! पंजाब में प्रमुख विपक्षी पार्टी अकाली दल की कमजोरी का एहसास इस बात से लगाया जा सकता है की उसने भाजपा को छोड़कर बहुजन समाज पार्टी से चुनावी गठबंधन किया है !
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Devendra Yadav Sr. Journalist |
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