सचिन पायलट: 7 सितंबर जन्मदिन, क्या खास होगा ?
◆Devendra Yadav◆
राजस्थान कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष सचिन पायलट एक बार फिर से सुर्खियों में हैं, सुर्ख़ियों का कारण पायलट की कॉन्ग्रेस नेतृत्व के प्रति मुद्दों को लेकर अपनी नाराजगी नहीं है बल्कि सुर्खियां इसलिए हैं क्योंकि सचिन पायलट अपनी नाराजगी की कड़वाहट को गले में उतार कर, फिर से एक बार कांग्रेस के लिए अमृत लेकर प्रदेश के दौरे पर निकल पड़े ! गत दिनों पायलट ने जोधपुर संभाग का दो दिवसीय दौरा किया पायलट का दौरा राजनीतिक गलियारों में सुर्खियां बना, क्योंकि जोधपुर संभाग मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का ग्रह संभाग है और उस संभाग में सचिन पायलट का जबरदस्त स्वागत हुआ ! जोधपुर संभाग राजस्थान की राजनीति में महत्वपूर्ण संभाग है ! जोधपुर संभाग राजनीतिक दृष्टि से इसलिए महत्वपूर्ण है की कांग्रेस जब भी सत्ता से बाहर रही है तब भाजपा को इसी संभाग के कांग्रेसी नेता ने चुनौती दी है जिसमें मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का नाम सबसे आगे आता है मगर यह भी सही है की कॉन्ग्रेस जब भी सत्ता में रही है तो सत्ता का नेतृत्व कर रहे नेता को चुनौती भी जोधपुर संभाग से मिली है चाहे वह परसराम मदेरणा या फिर अब हेमाराम चौधरी हो दोनों नेता मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के लिए राजनीतिक दृष्टि से सिरदर्द बने ! जोधपुर संभाग में परसराम मदेरणा अब इस दुनिया में नहीं है लेकिन परसराम मदेरणा का प्रभाव अभी भी देखा जा सकता है! हेमाराम चौधरी मौजूद हैं और वह गहलोत को राजनीतिक चुनौती दे रहे हैं! गत दिनों सचिन पायलट हेमाराम चौधरी के छोटे भ्राता की मृत्यु होने पर सांत्वना देने चौधरी के घर पर पहुंचे थे ! जोधपुर संभाग मैं पूर्व स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र चौधरी और पूर्व राजस्व मंत्री हेमाराम चौधरी दोनों जाट कद्दावर नेता मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से ज्यादा खुश नहीं है, यदि प्रदेश की जाट राजनीति पर नजर डालें तो अधिकांश कद्दावर जाट नेता मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से खुश नहीं है, हालांकि अशोक गहलोत ने प्रदेश के कद्दावर जाट नेताओं को राजनीतिक दृष्टि से अलग-थलग कर नए युवा जाट नेताओं को जन्म दिया है जिसमें जोधपुर संभाग से हरीश चौधरी महेंद्र चौधरी सबसे बड़े नेता के रूप में अशोक गहलोत खेमे से दिखाई दे रहे हैं ! मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने महेंद्र चौधरी को जोधपुर का प्रभारी मंत्री भी बना रखा है, राजस्थान सरकार में उप सचेतक महेंद्र चौधरी अशोक गहलोत के खास सिपहसालार हैं !
बात हो रही है सचिन पायलट एक बात फिर से सुर्खियों में हैं ?
7 सितंबर को सचिन पायलट का जन्मदिन है, पायलट के जन्मदिन को खास बनाए जाने की तैयारियां की जा रही है, पायलट के जन्मदिन पर प्रदेश भर में कांग्रेस कार्यकर्ता वृक्षारोपण अभियान के तहत 10 लाख पौधे लगाएंगे ! पर्यावरण की दृष्टि से यदि देखें तो, 10 लाख पौधे लगाना महत्वपूर्ण है और यदि इसे राजनीतिक दृष्टि से देखें तो, कांग्रेस और सचिन पायलट के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि पौधारोपण अभियान से प्रदेश मैं यह संदेश जाएगा कि प्रदेश के वातावरण को शुद्ध रखने के लिए पायलट के जन्मदिन को मनाया गया है वहीं वृक्षारोपण अभियान यह भी संदेश देगा कि प्रदेश भर में सचिन पायलट की राजनैतिक ताकत कितनी है ? पौधारोपण का अभियान स्वयं पायलट ने गत दिनों जोधपुर से शुरू किया था ! अब पायलट के जन्मदिन पर कांग्रेस कार्यकर्ता पूरे प्रदेश में पौधारोपण करेंगे, क्या पायलट भविष्य की राजनीति के लिए प्रदेश भर में कार्यकर्ताओं की अपने लिए और कांग्रेस के लिए नई और तैयार कर रहे हैं ?
अब सवाल उठता है कि 7 सितंबर को प्रदेश भर में कितने पौधे लगते हैं और भविष्य में कितने पौधे सुरक्षित खड़े रहते हैं, क्योंकि कॉन्ग्रेस ने देशभर में अनेक पौधे लगाए थे, जिनमें से अनेक पौधे फल फूलने के बाद कांग्रेस के बागवान से अलग होकर दूसरों के बागवान में जाकर शोभा बढ़ाने लगे ! कांग्रेस के उजड़े हुए बागवान में सचिन पायलट के द्वारा नए पौधे लगाना क्या कांग्रेस के उजड़े चमन को खुशहाल कर पाएगा यह तय करेगा की कितने पौधे लगे और लगने के बाद कितने पौधे सुरक्षित खड़े रहे इसका इंतजार करना होगा ?
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Devender Yadav Sr. Journalist |
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