Hand-Picked/Weekly News

Travel
Tuesday, August 10, 2021

8/10/2021 10:22:00 AM

"उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 "

चुनाव का ऐलान अभी नहीं हुआ, हलचल शुरू ! क्या भाजपा और कॉन्ग्रेस के बीच होगी टक्कर ?


-Devendra Yadav-

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की घोषणा अभी नहीं हुई है मगर राजनीतिक दलों ने अपनी अपनी जाजम बिछानी शुरू कर दी है!

आजादी के बाद से अब तक जिन पार्टियों ने उत्तर प्रदेश में अपनी सरकार बनाई है वह पार्टियां 2022 के विधानसभा चुनाव को जीतने के लिए अपनी अपनी रणनीतियां बनाते हुए नजर आने लगे हैं ! उत्तर प्रदेश में अभी तक कॉन्ग्रेस बहुजन समाज पार्टी समाजवादी पार्टी और भाजपा की सरकार रही हैं ! सबसे ज्यादा उत्तर प्रदेश में कांग्रेस ने राज किया है लेकिन कॉन्ग्रेस लगभग 3 दशक से भी ज्यादा समय से उत्तर प्रदेश की सत्ता से बाहर है कांग्रेस एक बार फिर से सत्ता में वापसी करने के लिए रणनीति बना रही है वही भाजपा जो फिलहाल उत्तर प्रदेश की सत्ता में है वह लगातार दूसरी बार सत्ता में आने के लिए रणनीति बनाती हुई दिखाई दे रही है! वही बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी भी एक बार फिर से सत्ता में आने के लिए अपनी रणनीति हुई दिखाई दे रही है ! मजेदार बात यह है कि जिन 4 पार्टियों ने उत्तर प्रदेश मैं राज किया है, कॉन्ग्रेस भा जा पा समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी 2022 मैं सत्ता में आने के लिए बेताब दिखाई दे रही है लेकिन भ्रमित भी दिखाई दे रही है ? भ्रम मुद्दों को लेकर ! उत्तर प्रदेश में तीन दशक पहले जिस मुद्दे के कारण कॉन्ग्रेस सत्ता से बाहर हुई थी, और जिस मुद्दे को लेकर बहुजन समाज पार्टी समाजवादी पार्टी और भाजपा ने सरकार बनाई थी उस मुद्दे को शायद भाजपा समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी अभी भी छोड़ने को तैयार नहीं है तीनों ही पार्टियां जाति आधारित मुद्दों को अभी भी अपने हाथ में लिए हुए विधानसभा चुनाव जीतने की रणनीति बनाते हुए दिखाई दे रहे हैं, वहीं कांग्रेस जनता से सरोकार रखने वाले मुद्दों को अपने हाथ में लेकर रणनीति बनाती हुई नजर आ रही है !

2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ी चुनौती सत्ताधारी पार्टी भाजपा के सामने है ? क्योंकि कॉन्ग्रेस इस चुनाव में भा जा पा को जनता से सरोकार के मुद्दों को लेकर चुनाव में चुनौती देगी वही समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी जाति को मुद्दा बनाकर भाजपा को चुनौती देगी ! भाजपा जनता के सरोकार और जातीय आधार की चुनौती का सामना करते हुए कैसे आगे बढ़ेगी, इसकी रणनीति भाजपा के रणनीतिकार अभी से बनाते हुए नजर आ रहे हैं ! कॉन्ग्रेस की रणनीति रहेगी की वह भाजपा को कोरोना महामारी पर सत्ताधारी भाजपा को चुनौती देगी, शायद इसीलिए भा ज पा के रणनीतिकारों ने कांग्रेस और विपक्ष के हमले से बचने के लिए चुनाव से पहले अनमहोत्सव जेसी योजना का श्री गणेश कर दिया है

गरीबों को मुफ्त अनाज वितरित करने का कार्यक्रम जारी हो गया है ! वही कोरोना की तीसरी लहर के अंदेशा को देख भाजपा ने एलान किया है कि वह 4 लाख हेल्थ कर्मियों की तैनाती करेंगे जो प्रत्येक पोलिंग स्टेशन पर जाकर लोगों की मदद करेंगे प्रत्येक हेल्थ कर्मी को जनता के लिए वितरित करने के लिए 2 किट दिए जाएंगे जिसमें कोरोना से बचाव की सामग्री होगी ! शायद भाजपा को अंदेशा है कि उत्तर प्रदेश चुनाव में विपक्ष कोरोना महामारी की दूसरी लहर को बड़ा मुद्दा बनाएगा शायद इसीलिए भाजपा ने विपक्ष का काउंटर करने के लिए हेल्थ केयर योजना बनाई है !

सूत्रों से पता चला है कि कांग्रेस जनता के सरोकार वाले मुद्दों को लेकर चुनावी मैदान में उतरेगी जिसमें कोरोना महामारी के समय जनता को हुई असुविधा बेरोजगारी महंगाई और गरीबी जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाएगी! क्योंकि कांग्रेस लगभग तीन दशक से उत्तर प्रदेश की सत्ता से बाहर है इसलिए नए भारत के पास कांग्रेस के खिलाफ बोलने और समझने के लिए कुछ भी नहीं है जबकि भाजपा बहुजन समाज पार्टी और समाजवादी पार्टी के लिए सब कुछ है ऐसे में क्या 2022 का विधानसभा चुनाव भाजपा और कांग्रेस के बीच सीधी टक्कर वाला होगा यह कहना फिलहाल जल्दबाजी होगा जिसका हमें इंतजार करना होगा !

Devendra Yadav
Sr. Journalist


0 Comments:

Post a Comment

THANKS FOR COMMENTS