कांग्रेस : दिल्ली से निकली आवाज सारे देश में गूंजेगी क्या ?
-Devendra Yadav-
इन दिनों कांग्रेस और कांग्रेस के नेता राहुल गांधी राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बने हुए, चर्चा उनके बदले राजनीतिक स्वरूप को लेकर अधिक हो रही है रही है ! इससे पहले भी राहुल गांधी को लेकर चर्चा होती थी लेकिन चर्चा यह होती थी कि राहुल गांधी पार्ट टाइम वाले नेता है चर्चा इस बात को लेकर होती थी की राहुल गांधी केवल ट्यूटर वाले नेता हैं चर्चा इस बात को लेकर होती थी की राहुल गांधी देश में जब महत्वपूर्ण मुद्दे सामने आते थे तब वह देश से बाहर चले जाते थे, राहुल गांधी को लेकर यह चर्चा सही थी या गलत या फिर भा जा पा और राजनीतिक पंडितों के द्वारा जनता के बीच राहुल गांधी के प्रति गलत राजनीतिक धारणा पैदा करने की एक रणनीति थी, जो भी हो इस समय राहुल गांधी ने अपने आप को भाजपा और राजनीतिक पंडितों के सामने साबित करके बताया है की राहुल गांधी एक गंभीर और परिपक्व नेता भी हैं, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि जब राहुल गांधी संसद और सड़क पर जनता की आवाज उठाते हुए नजर आए और तमाम विपक्ष को एक जूट करते हुए नजर आए, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मानसून सत्र को लेकर सार्वजनिक रूप से विपक्ष पर हमला करते हुए नजर आए वही, मानसून सत्र को समय से पहले स्थगित करने के बाद विपक्षी दलों का प्रदर्शन और राहुल गांधी की प्रेस वार्ता के बाद सत्तारूढ़ भाजपा सरकार के 8 मंत्री राहुल गांधी की प्रेस वार्ता ईकार्ट करने के लिए प्रेस के सामने आए !
राहुल गांधी के बदलते राजनीतिक स्वरूप और उनके वक्तव्य और भाषणों की चर्चा मैं जीन नेताओं का योगदान है उनकी चर्चा राजनीतिक गलियारों में कम ही नजर आ रही है !
राहुल गांधी के लिए जिन नेताओं ने कांग्रेस के बुरे दौर में ईमानदारी से मजबूत जमीन तैयार की है उनमें पहला नाम युवक कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीवी श्रीनिवासन है जिसने युवक कांग्रेस के बैनर पर भाजपा सरकार का देशभर में विरोध करने की जमीन तैयार की ! यही नहीं श्रीनिवासन ने कांग्रेस के विलुप्त होते कैडर को युवक कांग्रेस के नाम पर मजबूती के साथ पूरे देश में खड़ा किया !
दूसरा नाम कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव तरुण कुमार का है जो दलितों के बीच राहुल गांधी के लिए जमीन तैयार करने में लगे हुए हैं ! गत दिनों दिल्ली में दलित नाबालिग लड़की के साथ रेप कांड के मुद्दे को तरुण कुमार ने ही प्रभावी ढंग से उठाया राहुल गांधी परिवार से मिलने भी गए हेलो और उसके कारण राहुल गांधी को अपना टि्वटर हैंडल भी खोना पड़ा ! दलितों पर हो रहे अत्याचारों के विरोध में तरुण कुमार ने दिल्ली स्थित जंतर मंतर पर दलितों का एक बड़ा प्रदर्शन भी किया जिसमें राहुल गांधी शरीक हुए ! क्या राहुल गांधी और कांग्रेस के रणनीतिकारों को मंथन करने की जरूरत है की वह तरुण कुमार जैसे युवा नेताओं को अभी से बड़ी जिम्मेदारी देंगे क्योंकि कांग्रेस के पास मौजूदा वक्त में जातिगत बड़े नेताओं का अभाव है जो नेता मौजूद है नेताओं की अपनी जातियों में अधिक पेट नहीं है उसकी वजह यह है कि यह नेता अपनी अपनी जातियों के संपर्क में नहीं रहे संपर्क टूटने के कारण कांग्रेस का पारंपरिक वोट अन्य पार्टियों में जाता चला गया ! अब यदि तरुण कुमार दलित युवा नेता कांग्रेस के पारंपरिक वोट को वापस कांग्रेस में लाने का प्रयास कर रहे हैं तो तरुण कुमार जैसे नेताओं अभी से कांग्रेस को बड़ी जिम्मेदारी देनी शुरू कर देनी चाहिए ! दिल्ली में इस समय पूर्व विधायक अलका लांबा भी कांग्रेस के लिए संघर्ष करती हुई दिखाई दे रही है, अलका लांबा भी श्रीनिवासन तरुण कुमार के साथ कांग्रेस के चर्चित नेताओं में शुमार हैं !
कांग्रेस को भविष्य के नेता अभी से तैयार करने होंगे, ऐसे नेताओं पर ध्यान देना होगा जो कांग्रेस के संघर्ष के दिनों में राहुल गांधी के लिए मजबूत राजनीतिक जमीन तैयार कर रहे हैं !
0 Comments:
Post a Comment
THANKS FOR COMMENTS