Hand-Picked/Weekly News

Travel
Saturday, August 14, 2021

8/14/2021 11:36:00 AM

कांग्रेस: ट्विटर से निकलकर अब सड़क पर दिखाई देगी क्या ?



-Devendra Yadav-

कांग्रेस और उसके नेता राहुल गांधी को लेकर पिछले 7 वर्ष से देश के राजनीतिक गलियारों में राजनीतिक पंडित और सत्ता पक्ष भाजपा के नेता अक्सर यह सवाल खड़ा करते थे की कांग्रेस और कांग्रेस के नेता राहुल गांधी केवल ट्विटर वाले नेता हैं, राहुल गांधी पर सत्ता पक्ष भाजपा के नेता ट्यूटर ट्यूटर खेलने का भी आरोप लगाते हैं  ? यदि कोरोना महामारी कॉल का जिक्र करें तो 2020 से लेकर 2021 तक कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनकी मोदी सरकार को अक्सर ट्विटर पर ही लिखकर घेरा है, इससे इनकार नहीं किया जा सकता है कि राहुल गांधी ने भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री को अनेक मुद्दों पर केवल ट्विटर पर ही घेरा है ! और शायद इसीलिए उन पर भाजपा के नेता ट्यूटर ट्यूटर खेलने का आरोप लगाते हैं और राजनीतिक गलियारों में भी राजनीतिक पंडित राहुल गांधी को लेकर यही करते हैं कि राहुल गांधी महत्वपूर्ण मुद्दों पर जनता के बीच और सड़क पर जाकर जनता के मुद्दों को लेकर सरकार के खिलाफ आवाज नहीं उठाते हैं बल्कि अपनी बात को केवल वह ट्विटर पर आकर रखते हैं, और इसीलिए सत्ता पक्ष राजनीतिक पंडित और मुख्यधारा का मीडिया राहुल गांधी पर यह आरोप लगाता है कि कांग्रेस और राहुल गांधी कहां है, दोनों दिखाई क्यों नहीं देते ? सावन का महीना और संसद का मानसून सत्र कांग्रेस और राहुल गांधी के लिए शुभ संकेत लेकर आया ! कांग्रेस और राहुल गांधी ने शायद अपनी राजनीतिक रणनीति में बदलाव किया और राहुल गांधी और कांग्रेस दोनों जनता के मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ सड़कों पर आंदोलन करते हुए नजर आए ! इसका परिणाम यह निकला कि अब राजनीतिक पंडित देश का मुख्यधारा का मीडिया भी चर्चा करने लगा कि कांग्रेस को राहुल गांधी जन सरोकार के मुद्दों को लेकर अब गंभीर दिखाई दे रहे हैं !

वर्ष 2020 से अगस्त 2021 से पहले राहुल गांधी ने अनेक प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की थी लेकिन वह प्रेस कॉन्फ्रेंस है वर्चुअल थी लेकिन अगस्त 2021 मैं राहुल गांधी वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस से निकलकर सीधे सड़क पर आकर पत्रकारों से मुखातिब हुए और प्रेस कॉन्फ्रेंस में की जिसका प्रभाव यह रहा कि उनके आरोपों का जवाब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित भाजपा के नेताओं और मंत्रियों ने दिए !

संसद सत्र के समय पेगासस जासूसी प्रकरण ने राहुल गांधी की राजनीतिक सोच में बदलाव करने का रास्ता बनाया, बाद में जिस बात को लेकर राहुल गांधी पर आरोप लगते थे और उनकी गंभीरता और परिपक्वता पर संध्या किया जाता था उसी ट्यूटर ने राजनीतिक पंडितों मुख्यधारा की मीडिया और भाजपा नेताओं के भ्रम को तोड़ने का मौका दिया ! गत दिनों ट्विटर में राहुल गांधी का अकाउंट बंद कर दिया अब राहुल गांधी ट्यूटर से निकलकर भाजपा सरकार को घेरने के लिए सड़क पर आंदोलन करते हुए दिखाई देने लगे है !

अच्छी बात यह हुई कि पहले राहुल गांधी अकेले भाजपा के खिलाफ संघर्ष करते हुए नजर आते थे अब राहुल गांधी के साथ देश का तमाम विपक्ष कांग्रेस के अग्रिम संगठन यूथ कांग्रेस महिला कांग्रेस भी साथ खड़ी हुई दिखाई देने लगी है, राजनीतिक गलियारों में अक्सर कांग्रेस के अग्रिम संगठन सेवादल का जिक्र होता था कि सेवादल दिखाई क्यों नहीं देता है 20 अगस्त को सेवादल भी सड़कों पर दिखाई देगा उसने भी 20 अगस्त को स्वर्गीय प्रधानमंत्री राजीव गांधी के जन्मदिन पर पैदल मार्च निकालने का कार्यक्रम बनाया है ! लेकिन अभी भी महत्वपूर्ण बात यह है कि राहुल गांधी के साथ कांग्रेस के क्षत्रप नजर नहीं आ रहे हैं छत्रपो की बात करें तो केवल मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अक्सर भाजपा के खिलाफ आवाज उठाते हुए और आंदोलन करते हुए नजर आते हैं उनके अलावा बाकी क्षत्रप किस कुंठा में अपने घरों के अंदर बैठे हुए हैं इसका  पता नहीं है ? जबकि यह समय ऐसा है जब कांग्रेस के लिए 2024 के लिए जमीन तैयार है जमीन में बीज भी भाजपा ने बो दिया है, कांग्रेस को सिर्फ फसल काटना है, यह बात सही है अकेले राहुल गांधी और कांग्रेस फसल नहीं काट सकती इसके लिए राहुल गांधी के साथ विपक्षी दलों के नेता भी हैं और कांग्रेस के साथ विपक्षी दल भी दिखाई दे रहे हैं कमी दिखाई दे रही है तो वह कांग्रेस के छत्रप की है वह अभी भी नजर नहीं आ रहे हैं जबकि राहुल गांधी के साथ विपक्ष के तमाम नेता भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ सड़कों पर नजर आ रहे हैं ! क्या राहुल गांधी के साथ सड़कों पर गुलाम नबी आजाद मुकुल वासनिक कपिल सिब्बल सहित बाकी छत्रप भी नजर आएंगे? इसका हमें इंतजार करना होगा ?

   

Devendra Yadav
Sr. Journalist

0 Comments:

Post a Comment

THANKS FOR COMMENTS