सचिन पायलट का मारवाड़ का दौरा क्या बया करता है ?
◆Devendra Yadav◆
राजस्थान में कांग्रेस के नाराज नेता सचिन पायलट के मारवाड़ दौरे ने प्रदेश मैं राजनीतिक हलचल तेज कर दी है !
राजनीतिक हलचल इसलिए तेज हुई क्योंकि मारवाड़ के जोधपुर से राज्य के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत आते हैं और जोधपुर अशोक गहलोत का गृह जिला है ! पायलट का दौरा इसलिए सुर्खियों में है क्योंकि 23 अगस्त को जोधपुर के हवाई अड्डे पर अशोक गहलोत के बाद पहली बार किसी कांग्रेसी नेता का जोधपुर के कांग्रेसियों ने जबरदस्त स्वागत किया है! पायलट से पहले ऐसा स्वागत किसी कांग्रेसी नेता का तब हुआ था जब अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बनने के बाद पहली बार अपने घर जोधपुर पहुंचे थे !
कहने को तो पायलट बाड़मेर के कद्दावर कांग्रेसी नेता हेमाराम चौधरी के घर पर चौधरी के भाई की मृत्यु पर संवेदना व्यक्त करने के लिए गए थे, मगर रास्ते में पायलट का लोगों ने ऐतिहासिक स्वागत किया, इस ऐतिहासिक स्वागत ने राजनीतिक सुर्ख़ियों को जन्म दिया की क्या, सचिन पायलट ने अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को उन्हीं की मांद में उन्हीं की भाषा में मात देने के लिए ललकारा है ? क्योंकि अशोक गहलोत भी सत्ता से बाहर रहकर एसी ही राजनीति करते आए हैं !
जब विधानसभा के चुनाव में कम समय बचता था तब अशोक गहलोत भी इसी प्रकार के दोरे कर अपने राजनीतिक प्रतिद्वंदी यों पर राजनीतिक प्रभाव डालते थे, क्या सचिन पायलट भी गहलोत के पद चिन्हों पर चलकर प्रदेश का दौरा करने का मन बना चुके हैं ! और क्या पायलट ने इसका श्री गणेश मारवाड़ संभाग से कर दिया है ! राजस्थान में अभी विधानसभा के चुनाव होने में लगभग 2 वर्ष से कम का समय बचा है ! सचिन पायलट का मारवाड़ दौरा इसलिए भी खास है क्योंकि सचिन पायलट के पास ना तो सत्ता में और ना ही संगठन में कोई पद है पायलट कांग्रेस के एक साधारण सदस्य हैं उसके बाद भी पायलट का भव्य स्वागत होना राजनीतिक सुर्खियां बटोर ता दिखाई दे रहा है ! राजनीतिक सुर्खियां इसलिए भी सुनाई दे रही हैं क्योंकि सचिन पायलट ने बाड़मेर का दौरा कर 23 अगस्त को जोधपुर में रात्रि विश्राम किया ! जहां पायलट से जोधपुर और जैसलमेर जिले के अनेक कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने मुलाकात की, मारवाड़ संभाग राजस्थान कांग्रेस के लिए राजनीतिक रूप से एक महत्वपूर्ण संभाग है इस संभाग ने कांग्रेस को अनेक कद्दावर नेता दिए हैं ! परसराम मदेरणा मारवाड़ संभाग से ही आते थे जो मुख्यमंत्री पद के प्रबल दावेदार थे, लेकिन मदेरणा मुख्यमंत्री नहीं बन पाए उनकी जगह मारवाड़ के ही अशोक गहलोत मुख्यमंत्री बने जो आज भी प्रदेश के मुख्यमंत्री हैं !
मारवाड़ संभाग और सचिन पायलट का दौरा इसलिए भी खास है और चर्चा में है क्योंकि गत लोकसभा चुनाव 2019 में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राज्य की सत्ता में रहने के बाद भी अपने पुत्र वैभव गहलोत को लोकसभा का चुनाव नहीं जितवा पाए थे, जबकि जोधपुर लोकसभा क्षेत्र लंबे समय तक अशोक गहलोत का पारंपरिक क्षेत्र रहा है जहां से अशोक गहलोत कई बार सांसद बने थे !
बात पायलट के मारवाड़ दोरे की हो रही है और चर्चा भी राजनीतिक गलियारों में इस दौरे की हो रही है, रक्षाबंधन से कुछ दिन पहले राजनीतिक गलियारों में चर्चा यह थी कि कांग्रेस पार्टी हाईकमान रक्षाबंधन के बाद सचिन पायलट को एक बार फिर से राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी का अध्यक्ष बनाने जा रही है, रक्षाबंधन के ठीक 1 दिन बाद सचिन पायलट के मारवाड़ दो रे से लगा कि सचिन पायलट को जिम्मेदारी की खबर शायद मारवाड़ में ही मिले ?
पायलट के मारवाड़ दो रे को लेकर गहलोत गुट में खलबली मचना स्वाभाविक है, क्योंकि अब से पहले किसी भी कांग्रेसी नेता की हिम्मत तक नहीं हुई थी कि वह बगैर अशोक गहलोत की अनुमति के जोधपुर संभाग का दौरा करें और ना ही पायलट से पहले किसी अन्य नेता का जोधपुर संभाग में जोरदार स्वागत हुआ !
पायलट का जोधपुर संभाग का दौरा प्रदेश की राजनीति में क्या संदेश देगा और पार्टी हाईकमान को क्या संदेश देगा यह तो वक्त बताएगा लेकिन राजनीतिक पंडितों और हाईकमान को सचिन पायलट ने यह तो बता ही दिया की पायलट प्रदेश में कितने बड़े नेता हैं !
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Devendra Yadav Sr. Journalist |
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