अशोक गहलोत जन नायक क्यों हैं ?
●Devendra Yadav●
राजस्थान के मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को जन नायक क्यों कहा जाता है इसकी एक झलक 28 अगस्त शनिवार को देखने को मिली ! मुख्यमंत्री अशोक गहलोत राजस्थान के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल सवाई मानसिंह अस्पताल में अपनी एनजी प्लास्टि कराने के लिए भर्ती हुए अपने सफल ऑपरेशन के बाद, जहां एक तरफ उनसे कुशल क्षेम पूछने वालों का तांता लगा रहा तो वही मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने वार्ड से निकलकर अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनकी कुशल क्षेम पूछने के लिए निकल पढ़े, और उन्होंने अस्पताल में भर्ती मरीजों से उनकी तबीयत की कुशल क्षेम पूछी, यह भर्ती मरीजों के लिए बड़ा ही आत्मिक क्षण था जब अपने राज्य का मुख्यमंत्री स्वयं बीमार होने के बावजूद भी भर्ती मरीजों से कुशल क्षेम पूछने के लिए वार्डों में पहुंचे ! चर्चा तो इस बात को लेकर भी हो रही थी की मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी सर्जरी प्राइवेट बड़े अस्पतालों में नहीं करवा कर सरकारी अस्पताल में करवाई, इस चर्चा से बड़ी चर्चा अब यह आ रही है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अपने सफल ऑपरेशन होने के बाद अस्पताल में भर्ती मरीजों से कुशल क्षेम पूछने गए !
प्रदेश की जनता अशोक गहलोत को इसीलिए जननायक कहती है क्योंकि अशोक गहलोत ने अपने जीवन में प्रदेश की जनता से आत्मिक संबंध जोड़ें हैं जिसकी मिसाल 28 अगस्त के दिन एक बार फिर से देखने को मिली ! खास चर्चा यह है कि मुख्यमंत्री अशोक गहलोत अन्य बड़े नेताओं की तरह किसी निजी अस्पताल में या फिर एम्स जैसे बड़े अस्पताल में अपनी सर्जरी करवा सकते थे लेकिन उन्होंने अपने राज्य के सबसे बड़े सरकारी अस्पताल को चुना इससे यह संदेश गया कि प्रदेश में सरकार की सरकारी चिकित्सा सुविधा बेहतर है ! वैसे कोरोना महामारी के समय चिकित्सा के क्षेत्र में राजस्थान की सरकारी स्वास्थ्य सुविधा देश और विश्व के लिए मिसाल बनी थी ! और शायद अशोक गहलोत ने अपने प्रदेश की जनता को यह संदेश दिया कि प्रदेश सरकार आमजन के स्वास्थ्य और स्वास्थ्य सुविधाओं के प्रति कितनी गंभीर और सजग है ! मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने सरकारी अस्पताल में अपना इलाज करवा के सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों का भी मनोबल बढ़ाया और विश्वास जगाया की प्रदेश की जनता सरकारी स्वास्थ्य कर्मियों पर पूरा भरोसा करती है !
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Devendra Yadav Sr. Journalist |
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