तीसरा मोर्चा: किंग मेकर कौन होगा ?
लालू यादव, शरद पंवार या ममता बनर्जी !
-Devendra Yadav-
भाजपा के खिलाफ 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले देश के जिन प्रमुख विपक्षी दलों के बीच तीसरा मोर्चा खड़ा करने की चर्चा चल रही है, उस कवायद में शरद पवार और ममता बनर्जी के अलावा क्या लालू प्रसाद यादव की भी एंट्री हो गई है ! राजनीतिक गलियारों में अभी तक तीसरा मोर्चा खड़ा करने में शरद पवार और ममता बनर्जी का नाम सबसे आगे सुनाई दे रहा था लेकिन कुछ दिनों से लालू प्रसाद यादव की सक्रियता ने तीसरा मोर्चा खड़ा करने की कवायद में तीसरा नाम और जोड़ दिया जिस पर अभी राजनीतिक पंडित और विश्लेषकों का ध्यान कम ही पड़ रहा है।
लेकिन लालू प्रसाद यादव की समाजवादी पार्टी नेता मुलायम सिंह यादव और शरद यादव के साथ हुई मुलाकातों के बाद सवाल खड़े करता है कि तीसरा मोर्चा का असली किंग मेकर कौन बनेगा लालू प्रसाद यादव शरद पवार या फिर ममता बनर्जी ? जहां तक लालू प्रसाद यादव की राजनीतिक पहचान का सवाल है तो लालू प्रसाद यादव कई बार देश की राजनीति में किंग मेकर की भूमिका में रहे हैं !
मौजूदा सप्ताह राजनीतिक पंडितों के लिए राजनीतिक चर्चाओं के लिहाज से महत्वपूर्ण सप्ताह है ! 2 अगस्त सोमवार को भाजपा नीत गठबंधन के प्रमुख घटक जेडीयू नेता बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का पेगासस मामले में पत्रकारों को दिया बयान क्या इस और इशारा नहीं करता है कि बिहार में एक बार फिर से लालू प्रसाद यादव और नीतीश कुमार भाई भाई की भूमिका में आ जाएं ! यदि भाजपा के खिलाफ मजबूत थर्ड फ्रंट बने उसका चेहरा नीतीश कुमार हो और बिहार के मुख्यमंत्री की कुर्सी तेजस्वी यादव के हाथ में हो ? उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022 मैं क्या कांग्रेस और समाजवादी पार्टी का एक बार फिर से गठबंधन होगा क्या लालू प्रसाद यादव भाजपा को उत्तर प्रदेश में हराने के लिए यह गठबंधन करवाएंगे शायद यह ऐन वक्त पर चौका देने वाली खबर होगी?
लालू प्रसाद यादव का मुलायम सिंह यादव और शरद यादव से मिलना और एलजेपी नेता चिराग पासवान की तारीफ करना क्या यह इशारा कर रहा है कि भाजपा के खिलाफ थर्ड फ्रंट की बुनियाद बिहार से ही रखी जाएगी और किंग मेकर लालू प्रसाद यादव बनेंगे ? यह कहना अभी जल्दबाजी होगा ? लेकिन लालू प्रसाद यादव की सक्रियता और किंग मेकर वाली छवि का उनका अनुभव इस बात का इशारा करता है कि यदि लालू मैदान में आए हैं तो वह हार कर तो नहीं जाएंगे !
क्योंकि लालू प्रसाद देश के उन गिने-चुने नेताओं में से एक हैं जिन्होंने अपने संकट के दौर में भी कभी राजनीति में एहसास नहीं होने दिया की वह संकट में है ! बिहार में संकट के दौर में भी उन्होंने नीतीश कुमार के साथ मिलकर चुनाव लड़ा आरजेडी बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बनकर सामने आई !
2020 में भी उनकी पार्टी आरजेडी बिहार में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी वह बात अलग है कि आरजेडी अपनी सरकार नहीं बना पाई लेकिन लालू प्रसाद यादव की गैर मौजूदगी में आरजेडी द्वारा लड़ा गया चुनाव और उसमें भी आरजेडी बिहार विधानसभा में सबसे ज्यादा विधायक लेकर सामने आई ! लालू प्रसाद यादव की सक्रियता देश के राजनीतिक पंडित और विश्लेषकों के लिए अभी नहीं तो आने वाले दिनों में जरूर महत्वपूर्ण होगी ?
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Devendra Yadav Sr. Journalist |
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