राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार अब होगा मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार !
क्या कांग्रेस भा. ज.पा. के राजनीतिक खेल के मैदान से जीत कर निकल गई ?
Devendra Yadav
खेलों का सबसे बड़ा पुरस्कार राजीव गांधी खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदल कर मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखा जाने वाला है, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार 6 अगस्त को ट्विटर पर यह जानकारी दी, केंद्र सरकार के इस निर्णय पर देशभर में प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया, सबसे बड़ी प्रतिक्रिया कांग्रेस पार्टी की तरफ से आई जिसका इंतजार भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शायद था ? कांग्रेस ने खेलों के सर्वोच्च पदक का नाम राजीव गांधी से बदलकर मेजर ध्यानचंद करने पर खुशी जाहिर की और इसे सरकार का अच्छा कदम बताया ! चंद दिनों बाद 20 अगस्त को पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय राजीव गांधी का जन्मदिन है, राजीव गांधी के जन्मदिन के महीने में उनके नाम पर दिया जाने वाला खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर मेजर ध्यानचंद के नाम पर रखना शायद भाजपा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लगता था कि कॉन्ग्रेस इसका विरोध करेगी लेकिन कांग्रेस ने सूज भुज और परिपक्वता का परिचय देते हुए प्रधानमंत्री की घोषणा का सम्मान किया और खुशी जाहिर की ! क्या कांग्रेस भाजपा के जाल में नहीं फसी बल्कि कांग्रेस भा जा पा के राजनीतिक खेल के मैदान से जीत कर निकल गई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और भाजपा सरकार से मांग करने लगी की देश के तमाम बाकी खेल स्टेडियम के नाम भी खिलाड़ियों के नाम पर रख दिए जाएं कांग्रेस ने गुजरात के मोटेरा में स्थित स्टेडियम का नाम नरेंद्र मोदी के नाम से बदलकर किसी खिलाड़ी के नाम पर रखने की भी मांग की ! कांग्रेस ने नाम पर नहीं उतर कर भाजपा को करारा जवाब दिया !
खेल रत्न पुरस्कार का नाम बदलकर जो भाजपा सरकार राजनीतिक खेल में फ्रंट फुट पर खेलना चाहती थी कांग्रेस ने बाकी स्टेडियम के नाम भी खिलाड़ियों के नाम पर करने की मांग कर भाजपा को बैकफुट पर लाकर खड़ा कर दिया है ! पूर्व में भाजपा सरकार ने राजीव गांधी सेवा केंद्रों का नाम बदलकर अटल सेवा केंद्र कर दिया था जिसका कांग्रेस ने विरोध किया था, कांग्रेस के विरोध के कारण उस समय देश के राजनीतिक गलियारे गर्म आ गए थे शायद भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजीव गांधी खेल रत्न का नाम बदल कर मेजर ध्यानचंद रखते हुए यही सोचा होगा कि कॉन्ग्रेस राजीव गांधी अटल सेवा केंद्रों की तरह इस पर भी कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करेंगी लेकिन कांग्रेस ने ऐसा कतई नहीं किया बल्कि राजनीतिक सूझबूझ का परिचय देते हुए इसका सम्मान किया और भाजपा को बैकफुट पर लाकर खड़ा कर दिया ! जो मांग कांग्रेस ने स्टेडियमों के नाम बदल कर खिलाड़ियों के नाम पर करने की उठाई है उस मांग का समर्थन जनता भी करती हुई दिखाई दे रही है अहम बात यह है कि गुजरात के मोटेरा स्टेडियम का नाम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम पर है जबकि दिल्ली में एक स्टेडियम का नाम अरुण जेटली के नाम पर है क्या सरकार नेताओं के नामों पर स्थित स्टेडियमों का नाम भी बदल कर खिलाड़ियों के नामों पर करेगी इसका हमें अभी इंतजार करना होगा ?
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Devendra Yadav Sr. Journalist |
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