< गुजरात भाजपा की पटेल राजनीति >
क्या आनंदीबेन पटेल और नितिन पटेल दो गुट बन गए हैं ?
●Devendra Yadav●
यदि राजनीतिक गलियारों की चर्चा पर गौर करें तो, गुजरात के नवनियुक्त मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल गुजरात की पूर्व मुख्यमंत्री आनंदीबेन पटेल की पसंद हैं, यह चर्चा इसलिए भी महत्व रखती है क्योंकि भूपेंद्र पटेल जिस विधानसभा से विधायक हैं उस विधानसभा क्षेत्र से लगातार आनंदीबेन पटेल विधायक बनती आई थी, राज्यपाल बनने के बाद उन्होंने उस विधानसभा सीट को छोड़ा था और वहां से भा जा पा ने भूपेंद्र पटेल को टिकट दिया था और वह भारी मतों से चुनाव जीते थे ! आनंदीबेन पटेल को मुख्यमंत्री पद से हटाकर विजय रुपाणी को मुख्यमंत्री बनाया था तब मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे नितिन पटेल थे, लेकिन नितिन पटेल को मुख्यमंत्री नहीं बनाया गया, बाद में नितिन पटेल को संतुष्ट करने के लिए उप मुख्यमंत्री बनाया गया ! 2 दिन पहले के राजनीतिक घटनाक्रम के बाद लग रहा था कि भाजपा नेतृत्व नितिन पटेल को मुख्यमंत्री बनाएगा, जिस तेजी के साथ नितिन पटेल को मुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा होने लगी उसी तेजी के साथ पार्टी हाईकमान ने नितिन पटेल की जगह भूपेंद्र पटेल को गुजरात का मुख्यमंत्री बना दिया ! अब राजनीतिक गलियारों से खबर आ रही है कि नितिन पटेल नाराज हैं ! सवाल उठता है कि क्या भाजपा के अंदर पटेल नेताओं के दो गुट बन गए हैं ? क्या भाजपा के अंदर पटेल छत्रप, भी एकजुट नहीं है ? क्योंकि पटेल समुदाय की मांग थी कि गुजरात का मुख्यमंत्री पटेल बने, भाजपा नेतृत्व ने पटेल समुदाय की मांग को माना और भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री बनाया, ऐसे में नितिन पटेल की नाराजगी क्या उचित है ? इससे यह संदेश नहीं जा रहा है कि भाजपा के अंदर पटेल नेता भी आपस में एकजुट नहीं है ? गुजरात राजनीति के 1 दिन के घटनाक्रम पर नजर डालें तो, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह के बाद वह तीसरी हस्ती कौन थी जिसने 1 दिन में मुख्यमंत्री का इस्तीफा करवा कर दूसरे दिन नया मुख्यमंत्री बनवा दिया, इसमें बड़ी भूमिका भूपेंद्र यादव की थी जिसने अपने नाम राशि के भूपेंद्र पटेल को मुख्यमंत्री बनाने में अहम भूमिका निभाई ! यदि भाजपा नेतृत्व गुजरात के आगामी विधानसभा चुनाव को मद्देनजर रखकर मुख्यमंत्री बदला है, और ऐसे में नितिन पटेल की नाराजगी के समाचार भी सुनाई दे रहे थे, मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल मुख्यमंत्री की शपथ लेने से पहले नितिन पटेल से मिलने उनके निवास स्थान पर भी गए थे, नितिन पटेल भूपेंद्र पटेल के शपथ ग्रहण समारोह में भी शामिल हुए जिससे लगा कि नितिन पटेल भाजपा नेतृत्व के फैसले से नाराज नहीं हैं ? लेकिन नितिन पटेल के मन में क्या दर्द छुपा हुआ है इसका पता आने वाले विधानसभा चुनाव में चलेगा जिसका अभी इंतजार करना होगा ? राजनैतिक गलियारों में एक खबर यह भी सुनाई दे रही है कि, गुजरात विधानसभा के चुनाव उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के साथ कराए जा सकते हैं ? यह केवल कयास हैं हकीकत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमित शाह ही बेहतर जानते हैं ? क्योंकि विजय रुपाणी को हटाने के बाद अनेक नेताओं के नाम मुख्यमंत्री के रूप में चर्चा में सुनाई दे रहे थे लेकिन भूपेंद्र पटेल के रूप में एक ऐसा नाम निकलकर सामने आया जिसकी कल्पना राजनीतिक पंडितों ने की भी नहीं थी ! इसलिए यह कयास लगाना की भा जा पा ने मुख्यमंत्री इसलिए बदला है क्योंकि भा जा पा गुजरात के चुनाव उत्तर प्रदेश के साथ करवा सकती हैं यह केवल कयास मात्र है, क्योंकि राजनीति कहती है कि भाजपा नेतृत्व भूपेंद्र पटेल को सरकार का बाकी समय पूरा करने का मौका देगा, और गुजरात विधानसभा के चुनाव समय पर ही होंगे ?
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Devendra Yadav Sr. Journalist |
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