क्या भाजपा उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को गंभीरता से लेने लगी है ?
◆Devendra Yadav◆
प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के आगाज पर नजर डालें तो, क्या भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में समाजवादी पार्टी बहुजन समाज पार्टी के अलावा कांग्रेस को भी गंभीरता से लेने लगी है ? प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 14 सितंबर मंगलवार को उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ पहुंचे थे, जहां उन्होंने इतिहास के पन्नों को खोलकर, युवा भारत में राजा महेंद्र प्रताप सिंह के नाम पर एक विश्वविद्यालय की आधारशिला रख कर नया इतिहास लिखा, और युवा भारत के युवाओं को आजादी के इतिहास में योगदान करने वाले आजादी के उन सपूतों की याद दिलाई जिन्हें युवा भारत या तो जानता नहीं है या फिर वह भूल गए हैं, उन्हीं में से एक राजा महेंद्र प्रताप सिंह है, जिनकी याद में नरेंद्र मोदी ने अलीगढ़ में एक विश्वविद्यालय की आधारशिला रख कर राजा महेंद्र प्रताप सिंह के आजादी के आंदोलन में दिए गए योगदान को याद कर आया है !
क्योंकि उत्तर प्रदेश में 2022 के प्रारंभ में विधानसभा के चुनाव हैं इसलिए राजनीतिक गलियारों में इस आधारशिला को राजनीतिक पंडित चुनावी रूप में भी देख रहे हैं, यह इसलिए देख रहे हैं क्योंकि देश में किसानों का आंदोलन चल रहा है, और किसान आंदोलन की लपटें पश्चिम उत्तर प्रदेश में तेज हैं, पश्चिम उत्तर प्रदेश में लपटें इसलिए तेज है क्योंकि नरेश टिकैत और राकेश टि के त बंधु किसान आंदोलन की अगवानी कर रहे हैं और यह जाट हैं और राजा महेंद्र प्रताप सिंह भी जाट हैं !
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस मौके पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के योगदान का भी जिक्र किया, इससे लगा कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव में पश्चिम उत्तर प्रदेश में नाराज किसानों को साधने के लिए राजा महेंद्र प्रताप सिंह का सहारा लेने जा रही है, भाजपा को सहारा मिलेगा या नहीं यह तो वक्त बताएगा लेकिन, इस आधारशिला ने यह तो महसूस करा दिया की भा जा पा उत्तर प्रदेश चुनाव में अन्य पार्टियों से ज्यादा कांग्रेस को गंभीरता से ले रही है ! क्योंकि उत्तर प्रदेश में श्रीमती प्रियंका गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस इन दिनों भाजपा सरकार के खिलाफ सड़कों पर एग्रेसिव नजर आ रही है ! प्रियंका गांधी की मजबूत चुनावी रणनीति और भाजपा सरकार के खिलाफ आंदोलन और प्रदर्शन ने कांग्रेस को जनता के बीच गंभीर बना दिया है, जनता भी अब कांग्रेस को गंभीरता से लेने लगी है !
भाजपा के नेता किसान आंदोलन को कांग्रेस का प्रायोजित कार्यक्रम बताते हुए दिखाई देते हैं ऐसे में यदि किसानों ने उत्तर प्रदेश चुनाव में कांग्रेस को गंभीरता से ले लिया तो इसका फायदा कांग्रेस को मिलेगा और नुकसान भा जा पा को होगा ? इन्हीं तमाम कयासों के बीच सवाल उठता है कि क्या उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भा जा पा कांग्रेस को भी गंभीरता से ले रही है ?
![]() |
Devendra Yadav Sr. Journalist |
0 Comments:
Post a Comment
THANKS FOR COMMENTS