Hand-Picked/Weekly News

Travel
Thursday, September 16, 2021

9/16/2021 12:21:00 PM

क्या कांग्रेस के भीतर राजनैतिक रणनीतिकारों की कमी है ?



●Devendra Yadav●

आजकल राजनीतिक गलियारों में कांग्रेस के गलियारों से, कई खबरें निकलकर सुनाई दे रही है !

खबरें राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर के कांग्रेस में शामिल होने से शुरू हुई और कन्हैया कुमार कुमार विश्वास भी उस चर्चा में शामिल हो गए की यह दोनों भी कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं ! 

कन्हैया कुमार बिहार से आते हैं, खबर सुनाई दे रही थी की कन्हैया कुमार को कांग्रेस बिहार में कांग्रेस का चेहरा बना सकती है, कन्हैया कुमार युवा होने के साथ-साथ भूमिहार भी हैं, और दलितों में उनका प्रभाव भी है! बिहार में कांग्रेस ऐसे नेता को उभारना चाहती है जिसका प्रभाव दलितों में भी ह ? कांग्रेस और कन्हैया कुमार की बात बनी या नहीं, मगर मुलाकातों का दौर अभी भी जारी है, और चर्चा भी की कन्हैया कुमार कांग्रेस में शामिल हो सकते हैं !

इसी बीच बिहार को लेकर, एक खबर यह भी सुनाई देने लगी की लोकसभा की पूर्व अध्यक्ष और बिहार के सासाराम लोकसभा क्षेत्र से कांग्रेस से सांसद रही श्रीमती मीरा कुमार को पार्टी कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाकर बिहार भेज सकती है ! यह खबर राजनीतिक पंडितों के लिए बड़ी खबर है लेकिन राजनीतिक विश्लेषकों के लिए यह एक ऐसी खबर भी है, क्या कांग्रेस के पास अब चुनावी रणनीतिकार कम बचे हैं क्योंकि मीरा कुमार राष्ट्रीय स्तर की नेता है, उनका राजनैतिक प्रभाव राष्ट्रीय स्तर का है, खासकर मौजूदा वक्त में राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावशाली दलित चेहरा कांग्रेस के पास केवल मीरा कुमार है, उनका उपयोग कांग्रेस को राष्ट्रीय स्तर पर करना चाहिए ना कि उन्हें बिहार भेज कर !

बिहार में युवा राजनीति की बाहर चरम पर है ! 2020 के विधानसभा चुनाव में इसकी झलक देखने को मिली, जब आरजेडी नेता तेजस्वी यादव जैसे युवा नेता ने जेडीयू और भाजपा के छक्के छुड़ा दिए और तेजस्वी यादव आरजेडी की सरकार बनाते बनाते रह गए लेकिन तेजस्वी यादव अपने दम पर राज्य विधान सभा में 2020 के विधानसभा चुनाव में सबसे बड़ा दल बनकर सामने आए ! राष्ट्रीय पार्टी भाजपा जेडीयू को छोड़ दे तो बिहार मैं अधिकांश पार्टियों मैं युवा नेताओं का युवा नेताओं का अधिक वर्चस्व है, तेजस्वी यादव चिराग पासवान मुकेश और कन्हैया कुमार जैसे नेता तेजी के साथ बिहार में आगे बढ़ रहे हैं ऐसे में कांग्रेस मीरा कुमार को बिहार कांग्रेस की कमान सम लाने की इच्छा रखती है तो इसके मायने क्या है, क्या कांग्रेस को 2024 के लोकसभा चुनाव में फायदा मिलेगा, यदि 2024 के लोकसभा चुनाव में फायदे की बात करें तो मीरा कुमार को दलित नेता के रूप में कांग्रेस को समूचे देश में स्थापित करना चाहिए, जो फायदा कांग्रेस को बिहार में मिलेगा उससे अधिक फायदा कांग्रेस को सारे देश में मिलेगा क्योंकि मीरा कुमार को दलित नेता के रूप में सारे देश के दलित जानते हैं और उन पर दलित भरोसा भी करते हैं, इसलिए मीरा कुमार को कांग्रेस के भीतर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी जिम्मेदारी देकर दलितों के बीच भेजना चाहिए !

 

0 Comments:

Post a Comment

THANKS FOR COMMENTS