कॉन्ग्रेस: राजस्थान की राजनीति को लेकर एक बार फिर से हलचल तेज हुई !
क्या गहलोत हटेंगे, पायलट मुख्यमंत्री बनेंगे या फिर पंजाब की तर्ज पर ब्राह्मण को मुख्यमंत्री बनाकर मास्टर स्ट्रोक लगाएंगे ?
●Devendra Yadav●●●
पंजाब कांग्रेस और पंजाब सरकार में हुए बदलाव की चर्चा अभी शांत भी नहीं हुई है, अब चर्चा राजस्थान की राजनीति को लेकर होने लगी है !
क्या राजस्थान के मौजूदा मुख्यमंत्री अशोक गहलोत हटेंगे ? क्या नाराज कांग्रेसी नेता सचिन पायलट प्रदेश के नए मुख्यमंत्री बनेंगे ? या फिर पार्टी हाईकमान ने पंजाब में दलित कार्ड खेलकर राजनीतिक मास्टर स्ट्रोक लगाया था क्या वैसा ही मास्टर स्ट्रोक राजस्थान में किसी ब्राह्मण को मुख्यमंत्री बना कर लगाएगी ? फिलहाल केवल यह सवाल मात्र हैं और सवाल भी इसलिए क्योंकि अचानक से राजस्थान के नेताओं की राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के साथ हुई एक के बाद एक बैठकों ने हलचल तेज कर दी !
सवाल इसलिए भी है क्योंकि इन दोनों नेताओं से अभी तक मुलाकातों की खबर सिर्फ सचिन पायलट को लेकर आ रही थी क्योंकि सचिन पायलट दोनों नेताओं से मुलाकातें कर रहे थे लेकिन पूर्व केंद्रीय मंत्री और राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष सीपी जोशी और राज्य के स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा का राहुल गांधी और प्रियंका गांधी से मिलना संशय और सवाल खड़े करता है राजस्थान में भी पंजाब की तर्ज पर कांग्रेस हाईकमान कुछ बड़ा कर सकता है ?
राजस्थान में यदि कांग्रेस की राजनीति की बात करें तो, सीपी जोशी और सचिन पायलट दोनों ही वह नेता है जिनके प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष रहते हुए प्रदेश में कांग्रेस की सरकार बनी मगर दोनों ही नेता मुख्यमंत्री के दावेदार होने के बाद भी मुख्यमंत्री नहीं बने सीपी जोशी इसलिए मुख्यमंत्री नहीं बने क्योंकि वह विधानसभा का चुनाव मात्र 1 वोट से हार गए ! दोनों ही बार अशोक गहलोत राज्य के मुख्यमंत्री बने !
राजस्थान में एक बार कांग्रेस और एक बार भा जा पा की सरकार बनने का चलन है, यदि इस पर बात करें तो ढाई दशक से राजस्थान में यह परंपरा चली आ रही है ! राजनीतिक गलियारों में यह भी चर्चा बनी हुई है और चर्चा ही नहीं आरोप भी लगे हैं कि भाजपा नेता पूर्व मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे और मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के बीच कोई राजनीतिक सांठगांठ है! क्योंकि ढाई दशक से बारी बारी से यही दोनों नेता राज्य के मुख्यमंत्री बनते आ रहे हैं ! इस बात को लेकर दोनों ही पार्टियों के भीतर नेतृत्व को लेकर आंतरिक विवाद है जो अब सड़कों पर देखा जा सकता है ! एक बात और राज्य में अशोक गहलोत के मुख्यमंत्री रहते हुए कांग्रेस की लगातार जीत नहीं हो पाई बल्कि कांग्रेस राज्य विधानसभा का चुनाव बुरी तरह से हारी एक बार 50 से ज्यादा सीट नहीं मिली और दूसरी बार कांग्रेस 50 का आंकड़ा भी नहीं छु पाई ! मौजूदा वक्त में कांग्रेस के सामने यही सबसे बड़ा सवाल है की यदि राज्य में अशोक गहलोत मुख्यमंत्री रहते हैं तो क्या कांग्रेस की दोबारा से सरकार बन जाएगी क्योंकि पूर्व में ऐसा कभी हुआ नहीं ? सीपी जोशी और सचिन पायलट के बीच हुई व्यक्तिगत मुलाकात के बाद भी राजनीतिक सवाल खड़ा होता है कि क्या दर्द के मारे दोनों नेता एक साथ आ जाएंगे ? क्योंकि कांग्रेस के मौजूदा हालातों को देखे तो राजस्थान में प्रभावशाली नेता सचिन पायलट ही दिखाई दे रहे हैं जो कांग्रेस को दूसरी बार प्रदेश की सत्ता में लेकर आ सकते हैं ?
सबसे बड़ी बात यह रही कि सचिन पायलट मुख्यमंत्री नहीं बनने के बाद भी जनता और कार्यकर्ता से अलग नहीं हुए बल्कि पायलट ने जाट मीणा राजपूत समाज के नेताओ को एकजुट रखा यह नेता मुख्यमंत्री अशोक गहलोत से ज्यादा खुश नहीं थे ! ऐसे में क्या पार्टी हाईकमान प्रदेश की कमान सचिन पायलट के हाथों में दे देगी ! राजस्थान मैं हालात पंजाब जैसे नहीं है यहां पायलट सिद्धू की तरह नहीं है, पायलट का प्रदेश में अपना राजनीतिक ठोस वजूद है, पायलट की लोकप्रियता कांग्रेस के भीतर भी है और आम जनता के बीच भी है ! अब देखना यह है कि पार्टी हाईकमान राजस्थान को लेकर क्या निर्णय लेता है !
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Devendra Yadav Sr. Journalist |
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