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Wednesday, September 29, 2021

9/29/2021 08:47:00 AM

कन्हैया कुमार कांग्रेस में शामिल हुए! जबकि जिग्नेश कांग्रेस में शामिल होने की प्रतीक्षा में हैं?





◆Devendra Yadav◆

24 अकबर रोड लंबे समय से इंतजार कर रहा था की कब कन्हैया कुमार के पैर कांग्रेस कार्यालय में पढ़ें ! आखिर 28 सितंबर मंगलवार को वह दिन आ गया जब कन्हैया कुमार 24 अकबर रोड स्थित कांग्रेस कार्यालय में गए और वहां उन्होंने कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की मौजूदगी में कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण की, कन्हैया कुमार के साथ कांग्रेस कार्यालय में गुजरात के युवा दलित नेता विधायक जिग्नेश मेवानी भी पहुंचे लेकिन तकनीकी कारण से उन्होंने फिलहाल कांग्रेस की सदस्यता तो ग्रहण नहीं की लेकिन उन्होंने आश्वासन दिया कि वह 2022 मैं गुजरात विधानसभा का चुनाव कांग्रेस के टिकट पर लड़ेंगे ! कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी दोनों ही नेता राजनीति में किसी परिचय के मोहताज नहीं है दोनों ही राजनीति के चर्चित चेहरे हैं, लेकिन सवाल यह है कि इन दोनों नेताओं के कांग्रेस में शामिल होने से कांग्रेस को क्या फायदा होगा ?




पहला फायदा तो यह है कि दोनों युवा नेता है और दोनों ही नेता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा राजनैतिक हमला करते हैं जिग्नेश मेवानी उस धरती से आते हैं जहां से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आते हैं गत विधानसभा चुनाव में भाजपा 100 सीटों का आंकड़ा भी पार नहीं कर पाई थी उसमें बड़ा योगदान जिग्नेश मेवानी का था, मेवानी ने गुजरात में भाजपा के खिलाफ दलितों को एकजुट किया था, जिसका परिणाम यह रहा कि भाजपा गुजरात में 99 सीटों पर ही सिमट कर रह गई !


गुजरात में दलित पटेल और पिछड़ी जाति का हार्दिक पटेल जिग्नेश मेवानी के युवा नेतृत्व में ऐसा ट्रायंगल बना की भा जा पा को सरकार बनाने के भी लाले पड़ गए थे ! गुजरात में हार्दिक पटेल और जिग्नेश मेवानी पूरी तरह से कांग्रेस के साथ हैं जिसका फायदा कॉन्ग्रेस 2022 मैं होने वाले विधानसभा चुनाव में उठाएगी !

कॉन्ग्रेस की मौजूदा स्थिति की बात करें तो कांग्रेस के पास मुखर युवा वक्ता नहीं है ? और कांग्रेस के पास जो युवा चेहरे सामने हैं उन चेहरों की राजनीतिक ताकत उनकी विरासत है ! खानदानी विरासत के कारण यह नेता कांग्रेस में चल रहे हैं ! यदि कांग्रेस के आंतरिक कलह की बात करें तो, देश के विभिन्न राज्यों में कांग्रेस मैं आंतरिक कलह भी इन विरासती खानदानी युवा नेताओं की राजनीतिक महत्वाकांक्षाओं के कारण ही देखा जा रहा है !

मध्यप्रदेश में ज्योतिरादित्य सिंधिया की बात करें और उत्तर प्रदेश में जतिन प्रसाद की बात करें तो यह वही नेता है जो विरासत के कारण कांग्रेस के भीतर थे और कांग्रेस के माध्यम से देश के बड़े नेता के रूप में पहचान बनाते हुए नजर आए !

कॉन्ग्रेस और राहुल गांधी ने कन्हैया कुमार को कांग्रेस में शामिल कर उन विरासती नेताओं को भी संदेश दिया है की अब विरासत से काम नहीं चलेगा अब ईमानदारी से निस्वार्थ भाव से कांग्रेस के लिए काम करना होगा यह बात कन्हैया कुमार ने भी कहीं की देश के युवाओं को देश बचाना है तो कांग्रेस को बचाना होगा ! राहुल गांधी पिछले 7 साल से भाजपा सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को घेरने में लगे हुए हैं मगर उन्हें पार्टी के भीतर स्वयंभू युवा नेताओं का भरपूर साथ नहीं मिला इसलिए राहुल गांधी की आवाज देश की आम जनता तक ठीक से नहीं पहुंच पाई लेकिन कन्हैया कुमार जिग्नेश मेवानी और हार्दिक पटेल जैसे युवा नेता कॉन्ग्रेस और राहुल गांधी की आवाज को देश के युवाओं तक पहुंचाएंगे, यह इशारा कन्हैया कुमार और जिग्नेश मेवानी ने प्रेस वार्ता में कही !

क्या राहुल गांधी विरासती नेताओं से अलग जमीनी नेताओं की अपने लिए भविष्य की टीम बनाने में जुट गए हैं ? जिसका श्री गणेश 28 सितंबर से हो गया है ?

Devendra Yadav
Sr. Journalist


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