पंजाब: दलित को मुख्यमंत्री बनाने के पीछे मास्टरमाइंड कौन?
CharanJeet Singh Channi with Rahul Gandhi
सोनिया गांधी और कैप्टन अमरिंदर सिंह की जोड़ी या फिर----------------- ?
●Devendra Yadav●
इस समय देश में राजनीतिक चर्चा इस बात को लेकर हो रही है कि पंजाब में कांग्रेस ने पहली बार किसी दलित को मुख्यमंत्री बनाया है ! कांग्रेस के दलित नेता विधायक चरणजीत सिंह चन्नी ने 20 सितंबर को पंजाब के नए मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ले ली है, कांग्रेस के नेताओं सहित राजनीतिक पंडित और विश्लेषक इसे कांग्रेस का मास्टर स्ट्रोक बता रहे हैं, लेकिन यह पता नहीं चल रहा है कि इस मास्टर स्ट्रोक को लगाने के पीछे मास्टरमाइंड किसका था ? क्या मास्टरमाइंड श्रीमती सोनिया गांधी और कैप्टन अमरिंदर सिंह की जोड़ी का था या फिर पंजाब कांग्रेश कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू का था? पंजाब कांग्रेस कमेटी के आंतरिक झगड़े की शुरू से लेकर नए मुख्यमंत्री की घोषणा तक यदि समीक्षा करे तो, कुछ हद तक पता लग जाएगा की दलित मुख्यमंत्री बनाने के पीछे मास्टरमाइंड किसका था ?
ध्यान रहे, मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू के बीच राजनैतिक तल्ख़ियां जोरों पर थी तब दोनों ही नेता हाईकमान के पास अपनी अपनी बात लेकर पहुंच रहे थे, तब हाईकमान ने एक बीच का रास्ता यह निकाला था की नवजोत सिंह सिद्धू को पंजाब कांग्रेस की कमान दे दी जाए, लेकिन इस पर कैप्टन अमरिंदर सिंह सहमत नहीं हुए ! इसी बीच पंजाब कांग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष किसी दलित को बनाए जाने की भी आवाज उठी थी समझा जा रहा था की यह आवाज कैप्टन अमरिंदर सिंह की तरफ से आई थी की किसी दलित के हाथों में प्रदेश कांग्रेस कमेटी की जिम्मेदारी दे दी जाए, लेकिन सिद्धू नहीं माने और सिद्धू पंजाब कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बन गए लेकिन हाईकमान ने दलित को पंजाब कांग्रेश कमेटी में कार्यकारी अध्यक्ष बनाया !
सिद्धू के अध्यक्ष बनने के बाद यह खबर आई की अमरिंदर सिंह का दलित फार्मूला भी सिद्धू को पंजाब कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष बनने से नहीं रोक पाया !
जब नवजोत सिंह सिद्धू पंजाब कांग्रेस कमेटी के पूर्ण कालीन अध्यक्ष बन ही गए फिर विवाद क्यों, वह कौन सी परिस्थिति बनी जिसके कारण फोन कॉल पर मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने मुख्यमंत्री का पद त्याग दिया ?
गौर करने वाली बात यह है कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने पद त्यागने के बाद पत्रकारों से कहा कि वह नवजोत सिंह सिद्धू को कभी भी मुख्यमंत्री नहीं बनने देंगे ! और जब मुख्यमंत्री के नाम पर फैसला होने का समय आया तब सबसे आगे नवजोत सिंह सिद्धू दिखाई दिए, उसके बाद सुखविंदर सिंह रंधावा का नाम आगे आया लेकिन यह किसी को भी पता नहीं था की अंतिम फैसला चरणजीत सिंह चन्नी के नाम पर होगा जो एक दलित नेता हैं ! अब सवाल उठता है कि क्या कैप्टन अमरिंदर सिंह ने सिद्धू का वर्तमान और भविष्य दोनों बिगाड़ दीया?क्योंकि सिद्धू वर्तमान में मुख्यमंत्री नहीं बन पाए और भविष्य में इसलिए नहीं बन पाएंगे क्योंकि उनके सामने अब दलित नेता है जो पहली बार पंजाब का मुख्यमंत्री बना है, और पंजाब में विधानसभा का चुनाव होने में मात्र 6 महीने का समय बाकी है, ऐसे में पंजाब विधानसभा का चुनाव किस नेता के नेतृत्व में लड़ा जाएगा स्वाभाविक है कि कांग्रेस ने दलित के रूप में मास्टर स्ट्रोक खेला है तो कांग्रेस इस मास्टर स्ट्रोक को कंटिन्यू करेगी, क्योंकि कांग्रेस को पंजाब में दूसरी बार कांग्रेस की सरकार बनानी है ! नवजोत सिंह सिद्धू क्रिकेट के बड़े खिलाड़ी रहे हैं इसलिए वह भी जानते हैं की किस स्ट्रोक को लगातार खेलने से मैच जीता जाता है, और एक ऐसे समय में जब जीत टीम की झोली में हो ! क्या पंजाब में दलित को मुख्यमंत्री बनाए जाने के पीछे मास्टरमाइंड श्रीमती सोनिया गांधी और कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच हुआ फोन कॉल था ?
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