मुजफ्फरनगर किसान महापंचायत
किसान महापंचायत या विपक्ष की पंचायत ?
●Devendra Yadav●
5 सितंबर रविवार को उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर में किसानों ने ऐतिहासिक भीड़ जूठा कर केंद्र सरकार को मंथन और राजनीतिक पंडितों को शायद विश्लेषण करने के लिए विवश कर दिया होगा ?
भा ज पा के नेता किसान महापंचायत को कांग्रेस और विपक्ष का एक प्रायोजित कार्यक्रम बता रहे हैं ! जबकि किसान नेता इसे किसानों की महापंचायत बता रहे हैं !
सवाल किसानों की भीड़ को लेकर है, क्योंकि मुजफ्फरनगर में ऐतिहासिक भीड़ जुटी थी, जिसकी कल्पना सत्ता पक्ष भा जा पा को शायद नहीं थी की मुजफ्फरनगर महापंचायत में इतनी भीड़ जुट जाएगी ! भाजपा के नेता किसान महापंचायत पर कांग्रेस द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम का आरोप शायद इसलिए भी लगा रहे हैं क्योंकि किसान नेता 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भा जा पा को सबक सिखाने की बात कर रहे हैं !
यदि महापंचायत का राजनीतिक विश्लेषण करें तो यदि यह किसानों की महापंचायत है या फिर विपक्ष का प्रायोजित कार्यक्रम दोनों दृष्टि से आगामी विधानसभा चुनाव में सत्तारूढ़ भाजपा के लिए खतरे की घंटी है!
भाजपा नेताओं की यदि बात माने तो क्या विपक्ष एकजुट हो गया है और विपक्ष ने अपनी ताकत का एहसास करा दिया है, क्योंकि इतनी बड़ी संख्या में भीड़ एकत्रित करना मौजूदा वक्त में किसी भी राजनीतिक दल के लिए आसान नहीं है !
भाजपा के नेता किसान महापंचायत को भले ही कांग्रेस द्वारा प्रायोजित कार्यक्रम बता रहे हैं लेकिन महापंचायत से जो शब्द निकलकर आए हैं उस पर राजनीतिक पंडितों को विश्लेषण करना चाहिए और भाजपा को मंथन करना चाहिए ? किसान आंदोलन के नेता राकेश टिकैत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को बाहरी नेता बताया, वही नरेश टिकैत ने भाजपा नेता राजनाथ सिंह सतपाल मलिक लालकृष्ण आडवाणी जैसे नेताओं की तारीफ की और कहा कि इन नेताओं को बंधक बना रखा है !
नरेश टिकैत ने कहा कि यदि राजनाथ सिंह को किसानों की समस्याओं को हल करने के लिए जिम्मेदारी दे दी जाए तो समस्याओं का समाधान निकल सकता है ? अब सवाल उठता है की सतपाल मलिक तो खुलकर किसानों के पक्ष में देखे गए हैं क्या पर्दे के पीछे राजनाथ सिंह भी किसानों के साथ हैं ? क्योंकि किसान नेता अक्सर राजनाथ सिंह की तारीफ करते हुए दिखाई देते हैं ! क्या 2022 के उत्तर प्रदेश चुनाव में भा जा पा की लगातार दूसरी बात जीत का फार्मूला राजनाथ सिंह के हाथों में है ? यह अभी केवल सवाल है इसका जवाब क्या होगा और कब मिलेगा इसका इंतजार करना होगा ! लेकिन टिकैत बंधुओं ने अपनी अपनी बातें कहकर सत्तारूढ़ भाजपा के नेताओं को मंथन करने के लिए प्रेरित तो कर ही दिया है ?
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Devendra Yadav Sr. Journalist |
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