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Wednesday, September 8, 2021

9/08/2021 10:05:00 AM

क्या पीके उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस का चेहरा बनना चाहते हैं ?



राजनीतिक रणनीतिकार प्रशांत किशोर और कांग्रेस को लेकर, राजनीतिक गलियारों में अनेक चर्चाएं हुई ! सबसे बड़ी चर्चा तो यह रही कि प्रशांत किशोर कांग्रेस में शामिल होकर अपना राजनीतिक कैरियर शुरू कर सकते हैं ! चर्चा यह भी हुई कि प्रशांत किशोर कांग्रेस में तब शामिल होंगे जब उन्हें पार्टी के भीतर कोई बड़ी जिम्मेदारी मिलेगी ! बड़ी जिम्मेदारी पर राजनीतिक विश्लेषक अनुमान लगाने लगे की प्रशांत किशोर को मरहूम कांग्रेसी नेता अहमद पटेल वाली जिम्मेदारी से नवाजा जा सकता है ! अहमद पटेल कांग्रेस की राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीमती सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार थे, कांग्रेस की राजनीति में अहमद पटेल की भूमिका बड़ी अहमियत रखती थी! समझा जाता था कि बघेर अहमद पटेल की सहमति के कांग्रेस के बड़े-बड़े नेताओं का भी श्रीमती सोनिया गांधी से मिलना असंभव होता था ! क्या उस भूमिका में प्रशांत किशोर अपने आपको देखना चाहते हैं, जबकि इस भूमिका में अभी केरल के नेता राज्यसभा सांसद वेणुगोपाल हैं,! वेणुगोपाल कांग्रेस के संगठन महामंत्री हैं !वेणुगोपाल ने 2019 में वायनाड की लोकसभा सीट कांग्रेस नेता राहुल गांधी के लिए खाली की थी राहुल गांधी इस समय वायनाड से सांसद हैं, ऐसे में क्या पीके को यह बड़ी जिम्मेदारी बड़ी आसानी से मिल जाएगी यह सबसे बड़ा सवाल है ? चर्चा पीके को बड़ी जिम्मेदारी मिलने की है और चर्चा यह भी है कि पीके सक्रिय राजनीति में कदम रखना चाहते हैं ऐसे में सवाल खड़ा होता है कि क्या पीके 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का मुख्यमंत्री का चेहरा बनना चाहते हैं,?

  क्योंकि यदि पीके को कांग्रेस के भीतर बड़ी जिम्मेदारी मिल भी जाती है और वह श्रीमती सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार बन भी जाते हैं तो भी वह अपने राजनीतिक केरियर को मजबूत नहीं बना सकते हैं क्योंकि अहमद पटेल भी अपने राजनीतिक जीवन में अंतिम समय तक केवल सांसद तक ही सीमित रहे लाख कोशिश करने के बाद भी वह गुजरात के मुख्यमंत्री नहीं बन पाए, और ना ही केंद्र सरकार में प्रभावशाली मंत्री बन पाए !

ऐसे में क्या पीके की नजर उत्तर प्रदेश के 2022 के विधानसभा चुनावों पर है क्या पीके इंतजार कर रहे हैं कि कॉन्ग्रेस उन्हें विधानसभा चुनाव में अपना चेहरा बनाए ! हालांकि पीके ने एक समय श्रीमती प्रियंका गांधी को उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का चेहरा बनाए जाने की वकालत की थी ! प्रशांत किशोर ही 2017 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में राहुल गांधी और अखिलेश यादव को साथ साथ लेकर आए थे और कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने मिलकर चुनाव लड़ा था ! क्या पीके के पास ऐसी कोई रणनीति है जिसके दम पर उत्तर प्रदेश में कॉन्ग्रेस सत्ता में आ सके ? हालांकि श्रीमती प्रियंका गांधी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को मजबूत करने में लगी हुई है, लंबे समय बाद उत्तर प्रदेश में कांग्रेस भी नजर आने लगी है इसकी सारी क्रेडिट श्रीमती प्रियंका गांधी को जाती है, लेकिन अभी भी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के क्षत्रप नदारद दिखाई दे रहे हैं ! भले ही सत्तारूढ़ भाजपा के नेता कांग्रेस के संदर्भ में कुछ भी बातें करें लेकिन उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ भाजपा की नीतियों के खिलाफ जिस प्रकार से कांग्रेस प्रदर्शन कर जनता के बीच जा रही है उससे भाजपा की नजर कांग्रेस पर भी बराबर से पढ़  रही है ! राजनीतिक पंडित भी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस को हल्के में ले रहे है, लेकिन उत्तर प्रदेश की वर्तमान राजनीतिक स्थिति को देखें तो कांग्रेस उत्तर प्रदेश की जनता के लिए मौजूदा वक्त में एक नए राजनीतिक क्लेवर के साथ उभरती पार्टी नजर आएगी क्योंकि तीन दशक से कांग्रेस उत्तर प्रदेश की सत्ता से बाहर है इसलिए बुराई के नाम पर कांग्रेस के खिलाफ जनता के बीच कोई बात नहीं है ! जबकि बहुजन समाज पार्टी समाजवादी पार्टी और भारतीय जनता पार्टी के खिलाफ बोलने के लिए सब कुछ है ! इसलिए राजनीतिक पंडित कांग्रेस को हल्के में लेने की भूल करेंगे क्या ?

Devendra Yadav
Sr. Journalist

                    

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