" लखीमपुर खीरी प्रकरण "
क्या किसानों की ताकत और विपक्ष की आवाज को 24 घंटे में समझ गई योगी सरकार ?
Devendra Yadav
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी प्रकरण ने सारे देश को हिला कर रख दिया था, जब आंदोलनकारी किसानों को एक निजी वाहन ने कुचल दिया था इसमें 4 किसानों सहित एक पत्रकार सहित 8 लोगों की मौत हो गई थी !
इस हादसे के बाद राजनीतिक दल सक्रिय होकर उत्तर प्रदेश सरकार को घेरने लगे, और आंदोलनकारी किसान घटना के विरोध में एकजुट होने लगे, तब उत्तर प्रदेश सरकार ने सूज भुज का परिचय देते हुए 24 घंटे में किसानों के साथ वार्ता की और समझौता हुआ !
लेकिन सवाल उठा की क्या सरकार किसानों की ताकत और विपक्ष की आवाज के सामने 24 घंटे में झुक गई ?
लखीमपुर खीरी मैं हुए हादसे के बाद किसान एकजुट होकर अपनी ताकत दिखाते हुए नजर आए तो वही सारा विपक्ष इस हादसे के विरोध में आवाज उठाता हुआ नजर आया और किसानों की ताकत और विपक्ष की आवाज दोनों ने सरकार को तुरंत निर्णय लेने के लिए मजबूर किया और निर्णय हुआ किसानों के साथ बैठकर सरकार ने वार्ता की और समझौता हुआ !
लेकिन समझौते के बाद एक चर्चा मीडिया के भीतर यह चली की 24 मैं समाधान का हीरो कौन है ? यदि हीरो की बात करें तो नंबर 1 कॉन्ग्रेस की राष्ट्रीय महामंत्री और उत्तर प्रदेश की प्रभारी श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा जिन्होंने हादसे के तुरंत बाद हादसे की निंदा की और भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा किया और अपनी गिरफ्तारी दी ! दूसरा हीरो आंदोलनकारी नेता राकेश टिकैत हैं जो इस घटना के तुरंत बाग घटनास्थल की ओर निकल निकल पड़े और तीसरे हीरो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ हैं जिन्होंने सूझबूझ का परिचय देते हुए इस प्रकरण का 24 घंटे में समाधान किया !
अब राजनीतिक नफा नुकसान की बात करें तो, यदि विपक्ष के नजरिए से विश्लेषण करें तो कांग्रेस और कांग्रेस की नेता श्रीमती प्रियंका गांधी विपक्ष की अन्य पार्टियों और नेताओं से अधिक प्रभावशाली और भारी नजर आई ! कैसे क्योंकि हादसे के तुरंत बाद प्रियंका गांधी दिल्ली से लखनऊ के लिए रवाना हुई और लखनऊ से घटना स्थल की तरफ निकल पड़ी रास्ते में उन्हें प्रशासन में रोका और प्रियंका गांधी की प्रशासन के साथ बड़ी बहस भी हुई, अंततः प्रियंका गांधी को सीतापुर में प्रशासन ने हिरासत में ले लिया विरासत में प्रियंका गांधी कमरे मैं झाड़ू लगाकर सत्याग्रह करती हुई नजर आई, वही हिरासत से ही प्रियंका गांधी ने मुख्यधारा के मीडिया को साक्षात्कार दिया ! विपक्ष के नाम पर कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी प्रभावशाली नेता के रूप में पहली बार अपनी बड़ी छाप छोड़ती हुई नजर आई हालांकि उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी ने ऐसे राजनीतिक नजारे पहले भी दिखाए हैं लेकिन यह इसलिए खास था क्योंकि प्रियंका गांधी ने हिरासत में झाड़ू लगाकर सत्याग्रह को आगे बढ़ाया और हिरासत में रहते हुए मीडिया को साक्षात्कार दिया!
जबकि उत्तर प्रदेश में प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के नेता सड़क पर आने से पहले ही नजर बंद कर लिए गए और तुरंत ही बाहर निकल भी गए जबकि प्रियंका गांधी को सड़क हिरासत में लिया गया और जल्दी ही रिहा भी नहीं किया गया !
लेकिन मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने समझदारी और बेहतर सूझबूझ का परिचय देते हुए आंदोलनकारी किसानों के साथ समझौता किया और प्रकरण को शांत किया !
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