हेरोइन तस्करी को बड़ा मुद्दा बनाएगी क्या कॉन्ग्रेस?
●Devendra Yadav●
1 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री और राज्यसभा सांसद कांग्रेस के वरिष्ठ कद्दावर नेता दिग्विजय सिंह ने एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर गत दिनों मुंद्रा पोर्ट पर बड़ी मात्रा में पकड़ी गई हेरोइन मामले की सुप्रीम कोर्ट के मौजूदा जज से जांच कराने की मांग की ! दिग्विजय सिंह ने केंद्र कि भाजपा सरकार पर गंभीर आरोप लगाए !
क्या कांग्रेस ड्रग तस्करी को बड़ा मुद्दा बनाएगी ? दिग्विजय सिंह की प्रेस कॉन्फ्रेंस और उनके आक्रामक तेवरों से लगता है कि कॉन्ग्रेस ड्रग तस्करी को बड़ा मुद्दा बनाएगी ?
जहां एक तरफ कॉन्ग्रेस अपनी पार्टी के नेताओं के आंतरिक कलह से जूझ रही है ! कांग्रेस के भीतर वरिष्ठ नेता कांग्रेस नेतृत्व पर अंगुली उठा कर सार्वजनिक रूप से सवाल उठा रहे हैं तो वही दूसरी तरफ दिग्विजय सिंह जैसे नेता भी हैं जो केंद्र की सत्ता से सवाल उठा रहे हैं ! 70 पार उम्र के नेता दिग्विजय सिंह युवा जोश की तरह भाजपा और केंद्र सरकार को घेरने में जुटे हुए हैं !
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी के बाद कांग्रेस के भीतर भाजपा सरकार नीतियों के खिलाफ मुखर होकर बोलने की बात आती है तब राहुल गांधी के बाद दूसरा नाम दिग्विजय सिंह का आता है जो सड़क और संसद तक भाजपा सरकार को उसकी नीतियों के खिलाफ आवाज उठाते हुए दिखाई देते हैं ! यदि कांग्रेस के भीतर वरिष्ठ नेताओं की बात करें तो दिग्विजय सिंह पहले नेता हैं जो कांग्रेस के बुरे वक्त में कांग्रेस को मजबूत करने में जुटे हुए हैं ! दिग्विजय सिंह भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ युवाओं के साथ सड़क पर आंदोलन करते हुए भी दिखाई देते हैं तो वही भाजपा सरकार की नीतियों के खिलाफ प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए भी दिखाई देते हैं !
विगत 7 साल से कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी भाजपा सरकार को घेरने में लगे हुए हैं, यदि दिग्विजय सिंह को छोड़ दें तो कांग्रेस का ऐसा एक भी नेता नहीं है जो राहुल गांधी के साथ मिलकर उनकी आवाज बने! राहुल गांधी के साथ साथ दिग्विजय सिंह भी भा जा पा सरकार की नीतियों का मुखर होकर विरोध करते आ रहे हैं, राहुल गांधी के साथ-साथ दिग्विजय सिंह भी भा जा पा के नेताओं के निशाने पर रहते हैं !
कांग्रेस के इस बुरे दौर में दिग्विजय सिंह कांग्रेस को मजबूत करने के लिए जनता के बीच निकले हैं, कांग्रेस के लिए यह दोर ऐसा है जिसमें कांग्रेस को दिग्विजय सिंह जैसे नेताओं की सख्त जरूरत है ! एक तरफ कांग्रेस के वह कद्दावर नेता हैं जो बुरे वक्त में भाजपा और भाजपा सरकार पर अंगुली नहीं उठा रहे हैं बल्कि कॉन्ग्रेस और कांग्रेस के नेतृत्व पर सवाल खड़े कर रहे हैं क्या ऐसे कांग्रेस मजबूत होगी ?
जो काम दिग्विजय सिंह कर रहे हैं क्या वैसा ही काम कांग्रेस नेतृत्व पर अंगुली उठाने वाले नेताओं को भी नहीं करना चाहिए ? दिग्विजय सिंह वैसे भी कांग्रेस के लिए एक ऐसी धरोहर है जो राजनीति में कांग्रेस के बुरे वक्त में शामिल हुई थी 1977 में वह पहली बार विधायक बने थे जब कांग्रेस बुरे दौर से गुजर रही थी उस बुरे दौर में भी दिग्विजय सिंह मध्यप्रदेश विधानसभा में जीतकर पहुंचे थे इसलिए दिग्विजय सिंह जानते हैं की बुरे दौर से कैसे गुजर कर जीता जाता है !
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