"पेगासस जासूसी प्रकरण"
सुप्रीम कोर्ट का फैसला, जांच होगी, कमेटी गठित !
●Devendra Yadav●
27 अक्टूबर बुधवार को सुप्रीम कोर्ट ने पेगासस जासूसी प्रकरण पर फैसला सुना कर देश की राजनीति को एक बार फिर से गरमा दिया है ! प्रकाशक जासूसी प्रकरण अब जांच होगी सुप्रीम कोर्ट ने इसके लिए एक रिपोर्ट सुप्रीम कोर्ट के जज की अध्यक्षता में तीन सदस्यों की कमेटी का गठन किया है ! सुप्रीम कोर्ट के फैसले और कमेटी के गठन के बाद पेगासस प्रकरण एक बार फिर से सुर्ख़ियों में आ गया है !
कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी और भाजपा के प्रवक्ता संबित पात्रा ने पेगासस प्रकरण पर आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले और जांच कमेटी के गठन के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस कर देश की राजनीति को एक बार फिर से गरमा दिया है !
सुप्रीम कोर्ट पेगासस प्रकरण पर 8 सप्ताह बाद फिर से सुनवाई करेगा ! सुप्रीम कोर्ट ने 3 सदस्य जांच कमेटी के अतिरिक्त 3 सदस्यों की एक एक्सपर्ट कमेटी भी बनाई है ! सत्ता पक्ष और विपक्ष के नेताओं ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है! सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद मुख्यधारा के मीडिया और राजनीतिक गलियारों में पेगासस जासूसी प्रकरण की चर्चा जोरों पर सुनाई देने लगी ! सुप्रीम कोर्ट के फैसले का स्वागत भी हुआ और सवाल भी उठे ! 8 सप्ताह बाद सुप्रीम कोर्ट की अगली सुनवाई मी क्या होगा, अब इस पर सबकी नजर है ?
8 सप्ताह बाद पेगासस मामले की अगली सुनवाई होगी और 8 सप्ताह बाद ही पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों की घोषणा भी होगी और, संसद का शीतकालीन सत्र भी शुरू होगा !
पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव और संसद का सत्र लगभग एक समय पर ही शुरू होंगे ! यदि वर्षा कालीन संसद सत्र की बात करें तो यह पूरा सत्र पेगासस प्रकरण के कारण मचे हंगामे की भेंट चढ़ गया था ! संसद का सत्र शुरू होने से पहले पेगासस जासूसी प्रकरण सामने आया संसद और संसद के बाहर विपक्ष ने सत्ता पक्ष भाजपा को जमकर घेरा नतीजा यह हुआ कि सरकार को बीच में ही संसद सत्र को अनिश्चित काल के लिए निरस्त करना पड़ा ! उस समय भी देश के पांच राज्यों में विधानसभा के चुनाव होने जा रहे थे ! और मौजूदा वक्त में भी पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव होने वाले हैं संसद के शीतकालीन सत्र और विधानसभा चुनावों की घोषणा अभी नहीं हुई है, लेकिन समझा जा रहा है कि संसद सत्र और विधानसभा चुनाव में पेगासस प्रकरण की गूंज सुनाई देगी ? अब सवाल उठता है कि क्या वर्षा कालीन सत्र की तरह शीतकालीन सत्र भी हंगामे की भेंट चढ़ जाएगा ? कॉन्ग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी की प्रेस कॉन्फ्रेंस से तो ऐसा ही लगता है की कांग्रेस वर्षा कालीन सत्र की तरह शीतकालीन सत्र में भी पेगासस प्रकरण को प्रमुखता से उठाएगी ? कुछ राजनीतिक पंडित अपने पुराने अनुभव राफेल प्रकरण की नजर से भी पेगासस प्रकरण को देख रहे हैं !
राफेल प्रकरण में भी सुप्रीम कोर्ट का फैसला आया था ! सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अब राफेल प्रकरण पर राजनीतिक गलियारों में चर्चा नहीं होती है !
भाजपा के नेता भी सुप्रीम कोर्ट के पेगासस मामले पर दिए गए फैसले के बाद लोगों को राफेल प्रकरण की याद दिलाते हुए दिखाई दे रहे हैं, भाजपा नेताओं के बयान के बाद सवाल उठता है कि क्या पेगासस प्रकरण भी राफेल प्रकरण की तरह लिफाफे में बंद हो जाएगा ? और क्या विपक्ष वर्षा कालीन सत्र की तरह शीतकालीन सत्र की तरह सत्ता पक्ष भाजपा के जाल में उलझ कर रह जाएगा ! क्योंकि वर्षा कालीन सत्र के समय कांग्रेस और विपक्ष के पास संसद के भीतर भा जा पा सरकार को कटघरे में खड़ा करने के लिए अनेक प्रमुख मुद्दे थे लेकिन कॉन्ग्रेस और विपक्ष पेगासस का मुद्दा आने के बाद इस मुद्दे पर ही संसद में उलझ कर रह गए ! वर्तमान में भी विपक्ष के सामने वहीं तमाम मुद्दे मौजूद हैं जिन मुद्दों को विपक्ष ने वर्षा कालीन सत्र में पेगासस मुद्दे के कारण छोड़े थे, बल्कि वर्तमान में महंगाई बेरोजगारी भूखमरी और किसान आंदोलन बड़ा मुद्दा है, क्या विपक्ष वर्षा कालीन सत्र में शीतकालीन सत्र की तरह इन तमाम मुद्दों को भूल कर केवल पेगासस का मुद्दा ही उठाएगा, इसका अभी इंतजार करना होगा !
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