कांग्रेस राजस्थान को लेकर साइलेंट मोड में काम कर रही है क्या ?
【Devendra Yadav】
पंजाब मैं कॉन्ग्रेस ने संगठन और सत्ता का नेतृत्व इसलिए बदला था की पंजाब में कॉन्ग्रेस के भीतर चल रहा अंतर कलह समाप्त हो जाएगा लेकिन कांग्रेस का विवाद अभी भी जस का तस बना हुआ है ! पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अपने बागी तेवर दिखा रहे हैं तो वही कांग्रेस के नवनियुक्त प्रदेश अध्यक्ष नवजोत सिद्धू ने अध्यक्ष पद से इस्तीफा देकर एक बार फिर से अपनी नाराजगी प्रकट की है !
सिद्धू और अमरिंदर सिंह के बीच चला विवाद, देश के राजनीतिक पटल और मुख्यधारा के मीडिया में खास चर्चा का केंद्र इसलिए भी बना क्योंकि कांग्रेस हाईकमान ने दोनों नेताओं को मनाने और बात करने के लिए बार-बार पंजाब भेजा, और दोनों ही नेता एक बार नहीं कई बार कांग्रेस दरबार में अपनी बात रखने के लिए दिल्ली हाजिर हुए !
इस राजनीतिक गहमागहमी के कारण पंजाब कांग्रेस का विवाद देश के राजनीतिक पटल पर ज्यादा सुर्खियां बटोर पाया जिसका राजनीतिक नुकसान कांग्रेस को होता हुआ दिखाई दे रहा है !
क्या कांग्रेस ने पंजाब कांग्रेस प्रकरण से सीख लेते हुए राजस्थान में अपनी रणनीति को बदला है, क्या राजस्थान में कांग्रेस हाईकमान साइलेंट मोड में काम कर रही है, शायद इसीलिए कांग्रेस हाईकमान पंजाब की तरह राजस्थान में बार-बार केंद्रीय पर्यवेक्षकों को रूठे हुए नेताओं को मनाने के लिए नहीं भेज रही है और ना ही रोते हुए नेताओं को अपने दरबार में बुला रही है, बल्कि कांग्रेस दिग्विजय सिंह जैसे वरिष्ठ समझदार और गांधी परिवार के प्रति वफादार नेता को राजस्थान पहुंचा कर राजस्थान राजनीति का फीडबैक ले रही है ? 1 अक्टूबर को मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह एक दिवसीय यात्रा पर राजस्थान पहुंचे उद्देश्य तो यह था कि दिग्विजय सिंह राजस्थान में प्रेस कॉन्फ्रेंस करेंगे, दिग्विजय सिंह ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में एक बड़ी प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की लेकिन दिग्विजय सिंह इस बीच सचिन पायलट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राजस्थान के खनिज मंत्री प्रमोद जैन से अलग-अलग मिले ! सवाल उठता है कि क्या कांग्रेस राजस्थान को लेकर साइलेंट मोड में कार्य कर रही है !
बड़ी बात तो यह है की दिग्विजय सिंह प्रमोद जैन से मिलने स्वयं प्रमोद जैन के निवास स्थान पर पहुंचे ! क्या राजस्थान में भी कांग्रेस पंजाब की तरह कोई मास्टर स्ट्रोक लगाने जा रही है ?
प्रदेश अध्यक्ष डोटासरा ने दिग्विजय सिंह की मौजूदगी अपने जन्मदिन के बहाने 1 अक्टूबर को राजनीतिक शक्ति परीक्षण भी किया, प्रेस वार्ता में दिग्विजय सिंह ने कहा भी कि मुझे पता नहीं था की आज डोटासरा जी का जन्मदिन भी है !
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