उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव 2022, सचिन पायलट की एंट्री, क्या जाट गुर्जर समीकरण का इशारा रही है ?
●●Devendra Yadav●●
1 नवंबर का दिन, उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के मध्य नजर सुर्ख़ियों भरा रहा है !
एक कॉन्ग्रेस के युवा कद्दावर नेता पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट ने लखनऊ पहुंच कर प्रेस कॉन्फ्रेंस की, उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि किस तरह से विनोद राय ने झूठ बोलकर, तत्कालीन कांग्रेस सरकार पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए ! सचिन पायलट की प्रेस कॉन्फ्रेंस इसलिए खास थी क्योंकि सचिन पायलट उस वक्त आईटी मंत्री थे, यह उन्होंने स्वयं बताया !
दूसरी सुर्खी प्रियंका गांधी और आरएलडी नेता जयंत चौधरी की मुलाकात थी ! और तीसरी सुर्खी समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के द्वारा दिया गया बयान की समाजवादी पार्टी और आरएलडी के बीच उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर समझौता हो गया है !
तीनों ही सुर्खियां एक दूसरे से मिली हुई हैं ! क्या सचिन पायलट के माध्यम से कॉन्ग्रेस आरएलडी से चुनावी गठबंधन करने जा रही है ! क्योंकि सचिन पायलट और जयंत चौधरी दोनों नेता समकालीन नेता है और दोनों ही उत्तर प्रदेश मैं पश्चिम उत्तर प्रदेश से हैं और दोनों ही नेता साथ साथ संसद में भी लोकसभा सदस्य रहे हैं ! 1 नवंबर को सुर्खियां तो नहीं बनी लेकिन सुग फुगा हट जरूर सुनाई दी की उत्तर प्रदेश चुनाव में भाजपा के खिलाफ जाट और गुर्जर समीकरण बनने जा रहा है सवाल उठता है कि इस गठजोड़ का नेतृत्व सचिन पायलट और जयंत चौधरी करेंगे क्या, और यह चुनावी गठजोड़ कांग्रेस और आरएलडी को विधानसभा चुनाव में एक साथ लाएगा क्या ?
यदि कांग्रेस की बात करें तो, कांग्रेस ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीति अभी तक सबको चौका देने वाली बनाई है !
उत्तर प्रदेश में प्रियंका गांधी का प्रभारी बनना और उनके द्वारा विधानसभा चुनाव में 40% महिलाओं को प्रत्याशी बनाने की घोषणा करना ! पढ़ने वाली छात्राओं को स्मार्टफोन और स्कूटी देने की घोषणा करना यह तमाम घोषणाएं क्यों का देने वाली थी, क्या कांग्रेस को आरएलडी के बीच गठबंधन होना भी राजनीतिक पंडितों को चौका देगा ? गोरखपुर में श्रीमती प्रियंका गांधी की प्रतिज्ञा यात्रा ने भी राजनीतिक पंडितों को चौका या है, राजनीतिक पंडित और विश्लेषक और मीडिया उत्तर प्रदेश को लेकर अभी तक कांग्रेस को हल्के में ले रहे थे की कांग्रेस की उत्तर प्रदेश में ना तो कोई जमीन है और ना ही कांग्रेस के पास उत्तर प्रदेश में कैडर है इसके बावजूद भी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के क्षेत्र बनारस और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के क्षेत्र गोरखपुर में कांग्रेस ने ऐतिहासिक रैली कर सबको चौका दीया और बता दिया कि उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के पास जमीन भी है और के डर भी है यदि केडर और जमीन नहीं होती तो इतनी बड़ी तादाद में प्रियंका गांधी की रैली में जनसमूह एकत्रित नहीं होता !
कॉन्ग्रेस ने राजनैतिक रणनीति के तहत मोदी और योगी के गढ़ से अपने विधानसभा चुनाव का आगाज किया और आगाज कमजोर नहीं था ! प्रियंका गांधी कांग्रेस का ज्यादा फोकस मोदी और योगी के गढ़ में ही अधिक दिखाई दे रहा है ! क्या कांग्रेस पश्चिम उत्तर प्रदेश की चुनावी कमान राजस्थान के पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष पूर्व केंद्रीय मंत्री सचिन पायलट के हाथों में देगी ?
सचिन पायलट कांग्रेस के लिए पश्चिम उत्तर प्रदेश में बेहतर काम कर सकते हैं ! कॉन्ग्रेस ने उत्तर प्रदेश में अभी तक कछुआ चाल चलकर राजनीतिक पंडितों और विश्लेषकों को परेशान किया है क्योंकि राजनीतिक पंडित और विश्लेषक कांग्रेस को कमजोर आं क में लगे हुए हैं, लेकिन कांग्रेस खरगोश को पीछे छोड़ता दिखाई दे रहा है चुनाव में परिणाम क्या आएगा इसका अभी इंतजार करना होगा लेकिन कांग्रेस ने 2024 के लोकसभा चुनाव के लिए उत्तर प्रदेश में अपनी मजबूत जमीन तैयार कर ली है इसे भले ही राजनीतिक विश्लेषक और पंडित अभी हल्के में ले रहे हैं लेकिन यह सत्य है की कांग्रेस उत्तर प्रदेश में अपनी जमीन और कैडर को मजबूत करने मैं सक्षम हुई है !
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