●●Devendra Yadav●●
मेघालय के राज्यपाल सतपाल मलिक और किसान नेता राकेश टिकैत के अलग-अलग दिए गए बयान की किसान आंदोलन स्थगित हुआ है, आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ है ! क्या इशारा करता है ? मेघालय के राज्यपाल सतपाल मलिक के द्वारा उत्तर प्रदेश के चरखी दादरी में दिए गए बयान की बात करें तो, मलिक का बयान, गंभीर है, गंभीर इसलिए क्योंकि उनका बयान किसानों को लेकर केंद्र सरकार की नियत को बताता है !
मलिक का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि कुछ समय पहले देश के कृषि मंत्री नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा था कि किसान बिल फिर से केंद्र सरकार ला सकती है ! तोमर के बयान को लेकर किसान नेता अचानक से भड़क भी गए थे और उसी समय किसान नेताओं के यह बयान आने शुरू हो गए थे की किसान आंदोलन स्थगित हुआ है खत्म नहीं हुआ ! तोमर के बयान से आहत किसानों की आवाज सुनकर तोमर ने इस पर बाद में अपनी सफाई भी दी, लेकिन राज्यपाल मलिक का आया बयान क्या सरकार की किसी गुप्त मंशा को उजागर कर रहा है !
सतपाल मलिक अपनी बेबाकी से दिए बयानों के कारण लंबे समय से चर्चा में हैं खासकर किसानों के समर्थन में दिए गए उनके बयानों के कारण सतपाल मलिक अधिक सुर्खियों में हैं !
अब यदि किसान नेता राकेश टिकैत के बयान की बात करें तो उन्होंने एक निजी टीवी चैनल मैं कहा है कि किसान आंदोलन स्थगित हुआ है अभी खत्म नहीं हुआ है ! उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव का ऐलान अब किसी भी समय हो सकता है, उत्तर प्रदेश चुनाव के ऐलान से पहले राज्यपाल सत्यपाल मलिक और किसान नेता राकेश टिकैत के बयानों ने उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में एक बार फिर से हलचल मचा दी है ! किसान आंदोलन के स्थगित होने के बाद लग रहा था कि उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में किसानों का मुद्दा अब शांत हो जाएगा, मलिक और राकेश टिकैत के बयानों से पहले लग भी रहा था कि विपक्ष किसानों के मुद्दे को शायद भूल गया है, क्योंकि विपक्ष अन्य मुद्दों पर बात करने लगा था लेकिन अब वापस से उत्तर प्रदेश चुनाव में किसान का मुद्दा भी नजर आने लगा है, राकेश टिकैत ने स्पष्ट किया है कि ना तो वह चुनाव लड़ेंगे और ना ही किसी राजनीतिक दल के लिए या उम्मीदवार के लिए प्रचार करेंगे, लेकिन वह किसानों के लिए लड़ेंगे!
Devendra Yadav Sr. Journalist |
0 Comments:
Post a Comment
THANKS FOR COMMENTS