भा ज पा : स्टार प्रचारक नहीं बल्कि पन्ना प्रमुख नैया पार लगाएंगे क्या ?
-Devendra Yadav-
भारतीय जनता पार्टी के स्टार प्रचारकों की चमक चुनाव आयोग के नए नियमों ने समाप्त कर दी है, नए नियमों के अनुसार बड़ी-बड़ी रैलियां जनसभाएं और रोड शो नहीं होंगे, उसके स्थान पर अब सीमित लोग ही केवल मतदाताओं से जनसंपर्क करेंगे !
ऐसे में भाजपा के स्टार प्रचारकों की चमक खत्म हो गई है उनकी जगह पन्ना प्रमुख का जलवा देखा जाएगा ?
भाजपा के तरकश में एक तीर नहीं बल्कि अनेक तीर हैं, जिनका इस्तेमाल भाजपा के चुनावी रणनीतिकार चुनावों में करते हैं, उन्हीं में से एक तीर पन्ना प्रमुख का है, जिस की अहमियत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में नजर आएगी, जब भाजपा के नेता डोर टू डोर जनसंपर्क करेंगे ? भाजपा के तरकश में पन्ना प्रमुख सहित, वार्ड प्रमुख मोहल्ला प्रमुख और जाति प्रमुख की भी अहमियत पांच राज्यों के विधानसभा चुनाव में देखने को मिलेगी ?
यदि दिल्ली पश्चिम बंगाल और बिहार के विधानसभा चुनाव में स्टार प्रचारकों के सामने पन्ना प्रमुख सहित अन्य प्रमुख नजर नहीं आए थे क्योंकि इन राज्यों में स्टार प्रचारक ही चुनाव में अपनी चमक दिखा रहे थे मगर जनता ने स्टार प्रचारकों की चमक को फीका कर दिया, तीनों ही राज्यों में भाजपा अपने स्टार प्रचारकों की चमक के बाद भी सरकार नहीं बना पाई थी ?
अब पन्ना प्रमुख सहित अन्य प्रमुखों की बारी है, पांच राज्यों के चुनाव में यह अपनी धमक दिखा पाते हैं या नहीं ?
उत्तर प्रदेश में भाजपा ने 5-5 सदस्यों की टोलियां तैयार कर ली हैं जो घर घर जाकर भाजपा के लिए प्रचार करेंगे !
उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में भाजपा के अंदर प्रत्याशियों को लेकर अभी मंथन चल रहा है लेकिन मंथन के साथ ही, चिंतन भी शुरू हो गया है चिंतन इस बात का क्योंकि उत्तर प्रदेश में भाजपा सरकार में शामिल मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य और दारा सिंह चौहान ने मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है, इसके अलावा केइ विधायक भी भाजपा छोड़ने की तैयारी कर रहे हैं ? यह वह नेता है जो अपनी अपनी जातियों में अपना प्रभाव रखते हैं, इसके अलावा इन नेताओं की छवि जिधर दम उधर हम के रूप में भी देखी जाती है !
ऐसे में भाजपा के तरकस का जाति प्रमुख वाला तीर, रूठे हुए नेताओं को मनाने के लिए आजमाया जाएगा क्या ?
खबर स्वामी प्रसाद मौर्य को मनाने के लिए केशव प्रसाद मौर्य आगे आए यह सुनाई दी थी ऐसे में जाति प्रमुखों की भी उत्तर प्रदेश में अहमियत बढ़ेगी क्या ?
अभी तो चुनाव की घोषणा हुई है , प्रत्याशियों की घोषणा करने के लिए मंथन जारी है, अभी इंतजार करने की बारी है की भाजपा विधानसभा चुनाव में अपने तरकश से और कितने तीर छोड़ती है ।
0 Comments:
Post a Comment
THANKS FOR COMMENTS